भूली-बिसरी : जानिये, अंगिका के तानसेन को!

अपने दुःखों को पीना और लोगों के दुःखों को जीना यदुनंदन मंडल की नियति थी. जो एक बार उनके गीतों को सुन लेता वह उनका मुरीद हो जाता था. ऐसा कहा जाय कि यदुनंदन मंडल अंगिका के तानसेन थे., तो वह कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. लोग कहते हैं तानसेन अपने गीतों से दीपक जला देते … Continue reading भूली-बिसरी : जानिये, अंगिका के तानसेन को!