बात-बेबात : मुंह खुला तो… देर तक खुला ही रह गया!

आचार्य किशोर 25 फरवरी 2026 Patna : यह सुनने में अटपटा लग सकता है कि अज्ञानता या अज्ञानी न रहने के बावजूद अज्ञानी बने रहना भी एक तरह की कला ही है. यह भी कि आज के जमाने में लोग अफवाह उड़ाकर कैसे किसी भले आदमी की जिंदगी खराब कर सकते हैं. यह तो पता … Continue reading बात-बेबात : मुंह खुला तो… देर तक खुला ही रह गया!