सवा साल बन गया काल- 4 : ‘सठिया’ गया गणपति… तब भी हो रही तलाश

इसे वैचारिक भटकाव कहें या फिर सैद्धांतिक बदलाव, ‘बंदूक को ही मुक्ति का मार्ग’ की जगह ‘केवल बंदूक से ही जनता की समस्याएं हल नहीं की जा सकतीं’ जैसी बातें संभवतः उसने ही कही थी. हथियार उठाने को सबसे बड़ी भूल मान जनता से माफी मांगने का सुझाव भी शायद उसी का था. उसकी उस … Continue reading सवा साल बन गया काल- 4 : ‘सठिया’ गया गणपति… तब भी हो रही तलाश