अमूल्य धरोहरों की चोरी : किसने साफ कर लिया हाथ? अब भी रहस्य ही है

कुलपति के नाते आचार्य किशोर कुणाल ने पांडुलिपियों की बरामदगी की बाबत जो गंभीरता दिखायी, वैसी बाद के किसी भी कुलपति ने नहीं दिखायी. आचार्य किशोर कुणाल के बाद एक-एक कर 20 कुलपति आये. उनमें एक डॉ शशिनाथ झा भी थे, जिन्होंने चोरी की पहली सूचना विश्वविद्यालय को दी थी. वर्तमान में प्रो. लक्ष्मी नारायण … Continue reading अमूल्य धरोहरों की चोरी : किसने साफ कर लिया हाथ? अब भी रहस्य ही है