चौंकिये नहीं! संस्कृत में बात करते हैं इन गांवों के लोग

संस्कृत भारती ने 1996 में इन गांवों में संस्कृत सिखाने के लिए शिविर लगाये. भूपेंद्र सिंह के मुताबिक इन गांवों को इसलिए चुना गया था कि वहां पहले से संस्कृत विद्यालय चल रहे थे. वहां पहले शिक्षकों, फिर छात्रों और अंत में आम ग्रामीणों को संस्कृत बोलना सिखाया गया. संस्कृत को हिन्दी माध्यम से नहीं, … Continue reading चौंकिये नहीं! संस्कृत में बात करते हैं इन गांवों के लोग