Social issue लोक बोली में गालियां परंपरा या प्रवृत्ति ?

लोक बोली की वास्तविक सुंदरता उसकी सरलता, आत्मीयता और मानवीय संवेदनाओं में है, न कि गालियों में. गालियों को परंपरा का स्थायी अंग मानने के बजाय हमें ऐसी भाषा को बढ़ावा देना चाहिए जो सम्मान, सौहार्द्र और संवाद की संस्कृति को मजबूत करे. आखिरकार, किसी भी समाज की पहचान केवल उसकी संस्कृति से नहीं, बल्कि … Continue reading Social issue लोक बोली में गालियां परंपरा या प्रवृत्ति ?