Vishleshan : बांकीपुर में बंटाधार … गढ़ नहीं, गुरूर हारा !

विश्लेषणों में यह तथ्य सामने आया कि भाजपा के पारंपरिक समर्थक सामाजिक समूहों के बड़े हिस्से का साथ उसे मिला, लेकिन उन्हीं सामाजिक समूहों के युवाओं के बीच प्रशांत किशोर की स्वीकार्यता अपेक्षाकृत अधिक दिखी. इसे भाजपा के लिए खतरनाक संकेत के रूप में रेखांकित किया जा सकता है. बिहार की राजनीति में खड़ा हुआ … Continue reading Vishleshan : बांकीपुर में बंटाधार … गढ़ नहीं, गुरूर हारा !