मदन वात्स्यायन : विस्तृत नहीं हो पाया किशोरवय का कवित्व
बिहार के जिन प्रतिष्ठित साहित्यकारों की सिद्धि और प्रसिद्धि को लोग भूल गये हैं उन्हें पुनर्प्रतिष्ठित करने का यह एक प्रयास है. विशेषकर उन साहित्यकारों, जिनके अवदान पर उपेक्षा की परतें जम गयी हैं. चिंता न सरकार को है, न समाज को और अनेक मामलों में न उनके वंशजों को. इस बार प्रयोग और प्रगति … Continue reading मदन वात्स्यायन : विस्तृत नहीं हो पाया किशोरवय का कवित्व
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