Vastu Shastra तब नहीं रखें : भगवान की मूर्ति कार के डैशबोर्ड पर

तापमान लाइव ब्यूरो
05 अगस्त 20026
New Delhi : वर्तमान समय में कार (car) शान के प्रतीक के साथ-साथ जीवन की एक जरूरत भी बन गयी है. इस समझ से भी बहुत सारे लोगों के पास कार हैं. कार खरीदते समय लोग अनेक बातों पर ध्यान रखते हैं. कंपनी (Company) , आकार-प्रकार, रंग और नंबर – सब पर गौर करते हैं, पर जिस पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है, उधर ध्यान ही नहीं जाता है. वह है वास्तु शास्त्र. कार खरीदते समय वास्तु शास्त्र की दृष्टि से इन बातों का ध्यान रखना शुभ माना जाता है. कार में क्या-क्या चीजें रखनी चाहिए और क्या-क्या नहीं, इसके बारे में भी वास्तु शास्त्र बताता है कार के डैशबोर्ड (Dashboard) पर भगवान (God) की मूर्ति (Statue) रखनी चाहिए या नहीं, यह भी.
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इस कारण नहीं रखनी चाहिए मूर्ति
बहुत सारे लोग कार खरीदते ही उसके डैशबोर्ड पर भगवान की मूर्ति रख देते हैं. वास्तु शास्त्र कहता है कि ऐसा कतई नहीं करना चाहिए. मूर्ति की जगह किसी भगवान की तस्वीर रखनी चाहिए. विशेष रूप से कार में भगवान की मूर्ति उन लोगों को तो बिल्कुल ही नहीं रखनी चाहिए, जो उसमें बैठकर सिगरेट और शराब पीते हैं. इसके अलावा जो लोग कार में बैठकर मांसाहार खाते हैं, उन्हें भी अपनी कार में किसी भगवान की मूर्ति नहीं रखनी चाहिए. सनातन शास्त्र (Sanatan Shastra) के अनुसार भगवान की मूर्ति को हमेशा शुद्ध जगह पर रखा जाता है.
रखते हैं, तो सावधानियां बरतें
ऐसे लोग कार में भगवान की मूर्ति या तस्वीर (picture) रखते हैं तो नियमित रूप से उसे साफ करें. कार में दोबारा कभी सिगरेट और शराब का सेवन नहीं करें. जिस कार में भगवान की तस्वीर रखी है वहां कभी भी प्याज, लहसुन और मांसाहार नहीं खायें. जिस जगह भगवान की तस्वीर रखी है, वहां कभी कोई खिलौना या अन्य कोई सामान नहीं रखें. वास्तु शास्त्र की मान्यता यह भी है कि अगर भगवान की मूर्ति या तस्वीर बार-बार अपनी जगह से खिसक या गिर रही है, तो उस जगह से तुरंत उसे हटा देना चाहिए.
(यह आस्था और विश्वास की बात है. मानना और न मानना आप पर निर्भर है.)
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