LNMU : 54 वां सोपान …पठन-पाठन में नया कीर्तिमान

तापमान लाइव ब्यूरो
06 अगस्त 2026
Darbhanga : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा (Darbhanga) का 54 वां स्थापना दिवस समारोह बुधवार को मनाया गया. मुख्य अतिथि के रूप में बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा (B.N. Mandal University, Madhepura) के कुलपति प्रो. विमलेन्दु शेखर झा (Pro. Vimlendu Shekhar Jha) तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में बिहार के उच्च शिक्षा निदेशक (Director of Higher Education) प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल (Prof. Naveen Kumar Agarwal) उपस्थित थे. समारोह को विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकायाध्यक्ष (Dean, Faculty of Commerce) प्रो. एचके सिंह (Prof. H.K. Singh) , विज्ञान संकायाध्यक्ष (Dean, Faculty of Science) प्रो. दिलीप कुमार चौधरी, डीएसडब्ल्यू (DSW) प्रो. अशोक कुमार मेहता (Prof. Ashok Kumar Mehta) , कुलसचिव (Registrar) डा. दिव्या रानी हंसदा (Dr. Divya Rani Hansda) तथा कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजय कुमार यादव (Prof. Vijay Kumar Yadav) आदि ने संबोधित किया. समारोह की अध्यक्षता प्रभारी कुलपति प्रो.अशोक कुमार मेहता ने की.
व्यापक बदलाव आया
प्रभारी कुलपति ने कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी (Prof. Sanjay Kumar Chaudhary) की अनुपस्थिति में उनका लिखित संदेश पढ़ा. कहा कि मिथिला की पावन भूमि पर स्थापित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय पठन-पाठन के क्षेत्र में नित नया कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. विगत दो वर्षों का कार्यकाल विश्वविद्यालय के लिए व्यापक परिवर्तन का रहा है. इस दौरान 426 से अधिक नये शिक्षकों की नियुक्ति हुई है तथा कार्यरत शिक्षकों को प्रोन्नति भी दी जा रही है. सामाजिक विज्ञान हेतु अलग जी प्लस 03 शैक्षणिक भवन, खेल निदेशालय एवं डेढ़ सौ छात्रों के लिए छात्रावास निर्माणाधीन है. इसी सत्र से फोरेंसिक साइंस (Forensic Science) की पढ़ाई शुरू हो रही है. विश्वविद्यालय के शिक्षक राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार छात्रों को तैयार कर रहे हैं.

सामूहिक प्रयास से हुआ
इस अवसर पर ‘भारतीय उच्च शिक्षा : परिवर्तन का एक दशक’ विषय पर परिचर्चा भी आयोजित हुई. मुख्य अतिथि बीएन मंडल विश्वविद्यालय, मधेपुरा के कुलपति प्रो. विमलेन्दु शेखर झा ने विश्वविद्यालय की स्थापना के इतिहास को विस्तार से बताया. यहां के अपने छात्र जीवन एवं शिक्षकीय कार्य काअनुभव भी सुनाया. उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. नवीन कुमार अग्रवाल ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत के उच्च शिक्षा के क्षेत्र में काफी परिवर्तन आया है जो सिर्फ सरकारी नीतियों से नहीं, बल्कि शिक्षक-कर्मियों, छात्र-छात्राओं एवं समाज के सामूहिक प्रयास से हुआ है. हाल में राज्य सरकार द्वारा खोले गए 211 कॉलेजों का उद्देश्य प्रत्येक छात्र को उच्च शिक्षा प्रदान करना है. उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि आज शिक्षा सिर्फ परीक्षा एवं डिग्री के लिए नहीं, बल्कि नवाचार, शोध, चरित्र निर्माण एवं व्यक्तित्व विकास है.
विस्तृत विवरण दिया
विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. दिलीप कुमार चौधरी ने 05 अगस्त, 1972 को स्थापित मिथिला विश्वविद्यालय की प्रारंभिक स्थिति का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि 1975 में ललित नारायण मिश्र के देहावसान के बाद इसका नाम ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय रखा गया. प्रो. एचके सिंह (Prof. H.K. Singh) ने कहा कि आज विश्वविद्यालय अनेक क्षेत्रों में आगे के स्थान पर है. कार्यक्रम का संचालन डा. प्रियंका राय (Dr. Priyanka Rai) और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. विजय कुमार यादव (Prof. Vijay Kumar Yadav) ने किया.
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