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‘सरके चुनर तेरी सरके’ : बचा नहीं कुछ इसके बाद!

 

सत्येन्द्र मिश्र
24 मार्च 2026

Mumbai: एक समय था जब फिल्मों के अश्लील दृश्यों (Porn Scenes) को लेकर विवाद खड़ा हो जाता था. फिल्मों की अश्लीलता आमतौर पर अब विवाद का मुद्दा नहीं बनती है. इधर के वर्षों में गानों के द्विअर्थी बोल पर बवाल मच जा रहा है. इन दिनों ‘सरके चुनर तेरी सरके’ (Sarake Chunar Teree Sarake) को लेकर ऐसा ही कुछ हो रहा है. आखिर,‘सरके चुनर तेरी सरके’ का मुद्दा क्या है और हर जगह इसकी चर्चा क्यों हो रही है? जानने की जिज्ञासा हर किसी की होगी. ‘सरके चुनर तेरी सरके’ प्रेम द्वारा निर्देशित कन्नड़ फिल्म (Kannada Movie) ‘केडी: द डेविल’ का एक खास गाना है जो 15 मार्च 2026 को रिलीज हुआ है. ‘केडी: द डेविल’ (KD: The Devil) 1970 के दशक के बेंगलुरू (Bengaluru) के अंडरवर्ल्ड (Underworld) पर आधारित फिल्म है. इसमें ध्रुव सरजा मुख्य भूमिका में हैं. शिल्पा शेट्टी कुंद्रा सत्यवती का किरदार निभा रही है. फिल्म 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होगी. ‘केडी: द डेविल’ के इस विवादित गाने के साथ नोरा फतेही (Nora Fatehi) ने कन्नड़ फिल्मों में कदम रखा है. गाने में अश्लीलता को लेकर जो तूफान खड़ा हो गया है उससे उनके लिए इस मामले में ‘सिर मुड़ाते ओला पड़े’ कहावत चरितार्थ हो रही है.

परिवार के साथ सुनना-देखना नामुमकिन

विवादित गाने में नोरा फतेही के साथ हिन्दी फिल्मों के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त (Sanjay Dutt) हैं. संगीत अर्जुन जन्या का है. गायन लोक गायिका मांगली का है. गीत रकीब आलम ने लिखा है. कोरियोग्राफी निर्देशक प्रेम ने खुद की है. ‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाना रिलीज होते ही भारी विवाद खड़ा हो गया. ऐसा विवाद कि भारत सरकार (Government of India) ने इस गाने को सभी प्लेटफार्म से हटाकर इसे प्रतिबंधित कर दिया. गाने के ‘अश्लील’ बोलों का तमाम लोगों ने विरोध किया था. विवाद इतना बढ़ गया कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission) और राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) को हस्तक्षेप करना पड़ गया. मामला संसद (Parliament) में भी उठा. कहा गया कि गाने के बोल इतने भद्दे हैं कि उसे परिवार के साथ सुनना-देखना नामुमकिन है. अलीगढ़ (Aligarh) के एक संगठन मुस्लिम पर्सनल दारूल इफ्ता (Muslim Personal Darul Ifta) ने नोरा फतेही के खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया.

मांग ली सार्वजनिक रूप से माफी

इस रूप में बढ़ते विरोध के बीच फिल्म से जुड़े कलाकारों ने गाने के विवादित बोल पर खेद जताया. गायिका मांगली ने सोशल मीडिया के जरिये सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली. गीतकार रकीब आलम ने यह कह अपना दामन बचाने का प्रयास किया कि इस विवादित गाने में एक भी मूल शब्द उनका नहीं है. उन्होंने सिर्फ अल्फाजों का कन्नड़ से हिन्दी में अनुवाद किया. अभिनेत्री नोरा फतेही का कहना रहा कि उन्होंने कन्नड़ में गाना शूट किया था. उन्हें अल्फाजों का अर्थ मालूम नहीं था. उन अल्फाजों का हिन्दी अनुवाद सुना तो उनके कान खड़े हो गये. उन्हें पता था कि गाने के अश्लील बोलों पर आपत्ति होगी. उनके मुताबिक इस बावत उन्होंने फिल्म निर्देशक को आगाह भी कर दिया था. रकीब आलम ने भी फिल्म निर्देशक को ऐसे खतरे के संदर्भ में सतर्क कर दिया था.

संजय दत्त पर भी उठ रहे सवाल

‘सरके चुनर तेरी सरके’ गाने के जो द्विअर्थी अश्लील बोल हैं उसके बचाव में यह कहा जा सकता है कि वे किसी पेय पदार्थ (Beverage), यानी शराब (Liquor) की बोतल को उड़ेलने के संदर्भ में है. लेकिन, इन बोलों के साथ जो दृश्य जुड़े हैं-संजय दत्त का लुंगी उठाते हुए कमर हिलाना और नोरा फतेही के कंधे से चुनरी का फिसल जाना- अश्लीलता के ही संकेत हैं. इस फूहड़ गाने में संजय दत्त की मौजूदगी पर भी लोग सवाल उठा रहे हैं. बहरहाल, ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि भारत में किसी द्विअर्थी भद्दे गाने पर प्रतिबंध लगा हो. हाल ही में वादशाह के हरियाणनी गाने ‘तातीरी’ को सभी प्लेटफार्मों से हटा दिया गया. इससे पहले 1993 में फिल्म ‘खलनायक’ और 1994 में ‘राजा बाबू’ के गानों को रेडियो एवं दूरदर्शन जैसे प्लेटफार्म पर प्रसारित नहीं किया गया था. कहने का तात्पर्य यह कि द्विअर्थी गानों और उन पर प्रतिबंध का सिलसिला बहुत पुराना है.

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