Bihar Politics: जेल से निकलेंगें, राजद में जायेंगे तेजप्रताप यादव… परिवार में होगी वापसी!

तेजप्रताप यादव सार्वजनिक रूप से संयमित रुख अपनाते हैं और परिवार के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत देते हैं, तो कई अगर-मगर रहने के बाद भी राजद में उनकी वापसी की संभावना बड़ा आकार ले सकती है. लेकिन, मुख्य रूप से यह तेजस्वी प्रसाद यादव के रुख पर निर्भर करेगा.
कई गंभीर आरोप लगा पहुंचा दिया सलाखों के पीछे
पहली जेल यात्रा है यह तेजप्रताप यादव की
राजद लग गया ‘सहानुभूति’ का लाभ उठाने में!
बड़ा आकार ले सकती है वापसी की संभावना
विष्णुकांत मिश्र
28 जुलाई 2026
Patna : पार्टी और परिवार से निष्कासित लालू प्रसाद (Lalu Prasad) के बड़े पुत्र पूर्व मंत्री तेजप्रताप यादव (TejPratap Yadav) को इसका तनिक भी अंदाज नहीं रहा होगा कि पटना में नीट पेपर लीक आंदोलन (NEET Paper Leak Protest) के बीच जोश में आकर जो करने जा रहे हैं वह उन्हें जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा देगा. वैसा ही हुआ.आंदोलनकारियों को उकसाने, पुलिसकर्मियों की हत्या की कोशिश करने समेत कई गंभीर आरोप लगा तेजप्रताप यादव को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया. वैसे, बदले हालत में बहुत जल्द उन्हें जेल से मुक्ति मिल जा सकती है. आरोपों की बावत तेजप्रताप यादव और उनके वकील का कहना रहा कि उन्होंने किसी को हिंसा के लिए नहीं उकसाया. गिरफ्तारी उनकी राजनीतिक (Political) बदले की भावना से हुई. पहले गिरफ्तार किया गया और बाद में प्राथमिकी दर्ज की गयी. मामला अदालत में है.
राजनीतिक प्रतिशोध बताया
आंदोलन के दरमियान क्या हुआ क्या नहीं, यह अलग मुद्दा है. इस रूप में ही सही, तेजप्रताप यादव को जेल यात्रा का पहला अनुभव प्राप्त हो गया. हालांकि, इससे पहले भी वह विवादों में घिरते रहे हैं, लेकिन कभी गिरफ्तारी नहीं हुई थी, जेल नहीं गये थे. राजनीतिक दृष्टिकोण से मामले को इस रूप में देखा जा सकता है. तेजप्रताप यादव अभी राजद (RJD) में नहीं हैं. जनशक्ति जनता दल (Janashakti Janata Dal) बना अपनी अलग राजनीति कर रहे हैं. इसके बाद भी राजद के अघोषित सुप्रीमो तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejashwi Prasad Yadav) उनकी गिरफ्तारी को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ के रूप में पेश कर कथित रूप से राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं. पर, कुछ खास हासिल होने की संभावना बनती नहीं दिख रही है. वैसे, तेजप्रताप यादव की अनचोके में हुई इस जेल यात्रा से जनता में सहानुभूति उपजती है, तो उन्हें लालू-राबड़ी परिवार ( Lalu-Rabri family) में फिर से सक्रिय भूमिका मिलने की उम्मीद जग सकती है.
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तेजस्वी पर निर्भर
यह देखा जाता रहा है कि ऐसे समय में बड़े राजनीतिक परिवार (Political family) अक्सर आंतरिक मतभेदों को भूल एकजुटता दिखाने की कोशिश करते हैं. तेजप्रताप यादव की गिरफ्तारी पर मां पूर्व मुख्यमंत्री (Ex Chief Minister) राबड़ी देवी (Rabri Devi) और छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव के बिफरने को इस नजरिये से देखा जा सकता है. इस परिप्रेक्ष्य में तेजप्रताप यादव सार्वजनिक रूप से संयमित रुख अपनाते हैं और परिवार के साथ रिश्ते सुधारने के संकेत देते हैं, तो कई अगर-मगर रहने के बाद भी राजद में उनकी वापसी की संभावना बड़ा आकार ले सकती है. लेकिन, मुख्य रूप से यह तेजस्वी प्रसाद यादव के रुख पर निर्भर करेगा. बड़े भाई की गिरफ्तारी के मुद्दे पर जो हमदर्दी उन्होंने दिखायी है, वैसी ही उनकी वापसी के मामले में भी दिखाते हैं, तो विश्लेषकों की समझ में ‘राजनीतिक बियाबान’ में भटक रहे तेजप्रताप यादव फिर से राजद का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जा सकते हैं. आगे- आगे देखिये होता है क्या!

विष्णुकांत मिश्र वरिष्ठ पत्रकार हैं
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