अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान सुभाष राय एवं लीलाधर मंडलोई को

तापमान लाइव ब्यूरो
29 सितम्बर 2026
Bengaluru: भारत (India) की ‘शॉफ्टवेयर कैपिटल’ बेंगलूरु के हिंदी रचनाकारों की साहित्यिक संस्था ‘शब्द’ ने वर्ष 2026 के लिए अपने पुरस्कारों की घोषणा की. ‘शब्द’ के अध्यक्ष डा. श्रीनारायण समीर ने सोमवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि एक लाख रुपए का ‘अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान’ (Agyeya Shabd Srijan Samman) इस वर्ष संयुक्त रूप से मूर्धन्य जीवनीकार सुभाष राय (Subhash Rai) को ‘दिगम्बर विद्रोहिणी अक्क महादेवी’ के लिए तथा मूर्धन्य कवि-लेखक लीलाधर मंडलोई (Liladhar Mandaloi) को उनकी आत्मकथा ‘जब से आंख खुली हैं’ के लिए प्रदान किया जायेगा. इसके अंतर्गत दोनों लेखक पुरस्कार स्वरूप इक्यावन-इक्यावन हजार रुपए, पारंपरिक मैसूर पेटा, स्मृति चिह्न, श्रीफल एवं अंगवस्त्रम् से सम्मानित किये जायेंगे. ‘शब्द’ का दूसरा प्रतिष्ठित ‘दक्षिण भारत शब्द हिंदी सेवी सम्मान’ (South India Word Hindi Sevi Award) इस वर्ष भाषा-सेवी नारायण साव (Narayan Saw) को प्रदान किया जायेगा. उन्हें सम्मान प्रतीकों के अतिरिक्त पुरस्कार स्वरूप पच्चीस हजार रुपये बेंगलूर एवं चेन्नई से प्रकाशित ‘दक्षिण भारत राष्ट्रमत’ अखबार समूह के सौजन्य से प्रदान किये जायेंगे.
राजस्थान गौरव पुरस्कार
डा. श्रीनारायण समीर ने बताया कि ‘शब्द’ के द्वारा अब से प्रति वर्ष एक लाख रुपये का ‘राजस्थान गौरव पुरस्कार’ भी प्रदान किया जायेगा. यह पुरस्कार राजस्थान (Rajasthan) में कला, संस्कृति, संगीत, समाज-सेवा आदि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करने वाले किसी एक हस्ती को दिया जायेगा. पहला ‘राजस्थान गौरव पुरस्कार’ जयपुर (Jaipur) की प्रसिद्ध लोक गायिका सीमा मिश्रा को प्रदान किया जायेगा. ‘अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान’ एवं ‘राजस्थान गौरव पुरस्कार’ की नकद राशि बेंगलूरु के प्रसिद्ध समाजसेवी एवं अज्ञेय साहित्य के मर्मज्ञ बाबूलाल गुप्ता एवं देविका गुप्ता के फाउंडेशन के सौजन्य से प्रदान की जायेगी. ये पुरस्कार 10 जनवरी, 2027 को बेंगलूरु में आयोजित ‘शब्द’ के वार्षिकोत्सव-सह-पुरस्कार अर्पण समारोह में प्रदान किये जायेंगे.
अवदान को भी आधार बनाया
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस वर्ष ‘अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान’ के लिए 53 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, वही ‘दक्षिण भारत शब्द हिंदी सेवी सम्मान’ के लिए 11 प्रविष्टियां. इन प्रविष्टियों पर समग्रता में विचार करते हुए बाबूलाल गुप्ता, श्रीकांत पाराशर, नलिनी पोपट, डा. उषारानी राव तथा डा. श्रीनारायण समीर के निर्णायक मंडल ने सर्व सम्मति से पुरस्कार विजेताओं का चयन किया. निर्णय में विजेताओं के सर्जनात्मक कार्यों के पारदर्शी मूल्यांकन के साथ-साथ उनके अबतक के अवदान को भी आधार बनाया गया. निर्णायक मंडल ने ‘अज्ञेय शब्द सृजन सम्मान’ की संस्तुति में कहा है कि 12 वीं सदी की परिस्थितियों में कर्नाटक (Karnataka) की स्वाधीनचेता साध्वी अक्क महादेवी के क्रांतिकारी जीवन की गाथा और उनके सौ वचनों का हिंदी भावांतरण रचकर सुभाष राय ने स्त्री-जीवन की यातना तथा विद्रोह को विचार के केन्द्र में लाने और हिंदी के जीवनी साहित्य को समृद्ध करने का प्रशंसनीय कार्य किया है.
दक्षिण भारत शब्द हिंदी सेवी सम्मान
ऐसे ही लीलाधर मंडलोई ने अपनी आत्मकथा को विस्थापित खान-मजदूरों, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों की संघर्ष-गाथा का कोलाज रचकर असाधारण कार्य किया है. निर्णायक मण्डल के अनुसार पावर ग्रिड के दक्षिण क्षेत्र में तथा हिंदीतर प्रदेशों में स्थित कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के कामकाज में हिंदी को प्रभावी भाषा बनाने में वरिष्ठ कार्यपालक नारायण साव का अवदान सराहनीय है. ऐसे ही जयपुर की लोक गायिका सीमा मिश्रा (Seema Mishra) की सुमधुर गायकी और उसका जादू राजस्थान और सीमावर्ती गुजरात अंचल के मरु-जीवन में संजीवनी के समान है.
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