Bihar Politics : कुछ-कुछ हो रहा… सृजन के नाम पर

विशेष प्रतिनिधि
13 मई 2026
Patna : पूरी दुनिया में इन दिनों एप्सटीन फाइल (The Epstein Files) की धूम मची हुई है. कहते हैं कि इसमें दुनिया के बड़े-बड़े नेताओं के छोटे-छोटे कारनामें भरे पड़े हैं. कुछ लोगों की राय तो यहां तक है कि अभी जो युद्ध का दौर चल रहा है, वह भी इसी फाइल के कारण है. ताकि लोग युद्ध पर चर्चा करें, एप्सटीन फाइल को भूल जायें. अपने राज्य में जो सत्ता परिवर्तन हुआ है, उसमें भी कई तरह की फाइलों का योगदान बताया जा रहा है. इतना तो बच्चा-बच्चा जानता है कि केन्द्रीय एजेंसियों के जरिये सबकी फाइल बनवा ली गयी है. इसे आप ईडी फाइल (ED file), आईटी फाइल (IT File) और सीबीआई फाइल (CBI File) के रूप में जानते हैं. चर्चा है कि इन विभागों की कई फाइलें उन लोगों से जुड़ी हुई हैं, जो सुशासन बाबू के आंख, नाक, कान और मुंह बने हुए थे.
समय पर होगा उपयोग
वह जो भवन निर्माण (building construction) में छापा पड़ा था, याद होगा. एक अवकाश प्राप्त मुख्य अभियंता (Chief Engineer) के घर से ग्यारह करोड़ नकद मिल गये थे. इसी विभाग के एक अन्य अभियंता के घर राज्य की एक एजेंसी का छापा पड़ा, तो नोट जलाने का गंध हर तरफ छा गया. सिंचाई विभाग (Irrigation Department) के एक बड़े ठेकेदार के प्रतिष्ठानों पर केन्द्रीय एजेंसी का छापा पड़ा था. बताया गया कि उस छापे में बड़े नेताओं के साथ लेन-देन का ब्यौरा है. केन्द्र सरकार (Central Government) इन फाइलों को दबा कर बैठी है. ताकि समय आने पर इनका उपयोग हो. इस संदर्भ में भागलपुर (Bhagalpur) के सृजन घोटाला (Creation Scam) का जिक्र करना अनुचित नहीं होगा. राज्य सरकार ने ही इसका उद्भेदन किया था.
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दिखा दी गयीं फाइलें
राज्य सरकार ने ही इसकी सीबीआई जांच (CBI investigation) की सिफारिश भी की थी. जांच चल ही रही है. कुछ लोगों को अभियुक्त बनाया गया है. जेल भी भेजा गया है. लेकिन, फाइल खुली ही हुई है. जानकारों का दावा है कि सृजन के नाम पर कुछ-कुछ हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि संबंधित फाइलें उन लोगों को दिखा दी गयी, जो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) के लंबे समय से खैरख्वाह बने हुए हैं. उन्हें यह भी बताया गया कि फाइल बंद करवानी हो तो जैसा कह रहे हैं, वैसा करते जाओ. कोई किसी का कितना भी करीबी हो, अपनी जान बचाना सबकी प्राथमिकता होती है. सब उसी में लग गये. देखिये, कौन जीतता है. बहरहाल, नीतीश कुमार के सत्ता से बाहर हो जाने के बाद भी सत्तारूढ़ दलों के नेताओं के बीच इन फाइलों की चर्चा खूब हो रही है. इस रूप में कि छलांग लगाने की अब कोई संभावना नहीं बच गयी है.
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