बात निकाह की : खूब भा रहे भारतीय लड़के… त्याग देंगी तब मुल्क और मजहब भी!

अधिकतर लड़कियां पाकिस्तान के अंदरूनी हालात से भी त्रस्त हैं. पाकिस्तानी लड़कों को भले अपना मुल्क छोड़ कर जाने में मुश्किलात आये, पाकिस्तानी लड़कियों के पास शादी करके निकल जाने का विकल्प तो है ही. लड़कियां किसी भी तरह पाकिस्तानी कैदखाने से छूट जाना चाहती हैं. यह सही भी है. ऐसा कौन लड़की बर्दाश्त करेगी कि उसके घर में तीन-तीन सौतन हों. वैसे भी वफादार सौहर, अच्छा घर, बैंक बैलेंस और गाड़ी, पाकिस्तानी लड़कियों को ये सब अपने मुल्क में कहां नसीब होने वाले हैं!
- कोई आगरा तो कोई दिल्ली में घर बसाना चाहती है
- चार शादियों से भी मन नहीं भरता वहां के लड़कों का
- पहली बीवी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं
- घर में तीन-तीन सौतन बर्दाश्त नहीं
तापमान लाइव ब्यूरो
27 जून 2026
New Delhi: यह जानकर हैरानी होगी कि कट्टरपंथी (kattarpanthi) पाकिस्तान की लड़कियों की निकाह (Nikah) को लेकर समझ बदल रही है. यह भी कह सकते हैं कि पसंद बदल रही है. तभी तो अपने मुल्क के लड़कों से कहीं ज्यादा वे भारत के लड़कों (Indian Boys) को पसंद कर रही हैं. शादी उनसे ही करना चाहती हैं. दीवानगी (Obsession) ऐसी कि इसके लिए मुल्क और मजहब बदलने तक को भी तैयार रहती हैं. उनकी इस समझ को आधार इससे मिल रहा है कि पाकिस्तान (Pakistan) की हसीनाएं सार्वजनिक जुटानों में अक्सर ‘इंडिया-इंडिया’ चिल्लाने लग जा रही हैं. खुलेआम बोल रही हैं कि उन्हें भारत (India) जाना है. भारतीय लड़के को पति (Husband) बनाना है. कोई आगरा (Agra) में घर बसाना चाहती है तो कोई दिल्ली (Delhi) को ससुराल बनाना चाहती हैं. वे पाकिस्तानी लड़कों (Pakistani Boys) को अनपढ़ और भारत के लड़कों को खुले विचारों वाला बता रही हैं. भारत और पाकिस्तान (India & Pakistan) के बीच के तल्ख रिश्तों के मद्देनजर है न यह हैरान करने वाली बात!
इस पसंद की वजह क्या?
अब यह जानने की जिज्ञासा जरूर जगी होगी कि आखिर पाकिस्तानी बालाओं (Pakistani Beauties) की इस पसंद की वजह क्या है? भारतीय लड़कों के प्रति उनमें ऐसा आकर्षण (Attraction) क्यों पैदा हुआ है? उन्हें क्यों अपनाना चाह रही हैं? जानकारी रखने वालों के मुताबिक इसकी मुख्य वजह वहां की ‘बहुपत्नी प्रथा’ है. यानी लड़कों की शादी-दर-शादी करने की अनैतिकता है. पाकिस्तानी लड़कियों की समझ है कि चार शादी करने की चाहत तो पाकिस्तानी लड़कों के दिल में हमेशा रहती है. लेकिन, चार शादियों से भी उनका दिल नहीं भरता है. घर के बाहर भी वे नयी-नयी माशूका का जुगाड़ बैठाते रहते है. लिहाजा पाकिस्तानी लड़िकयों (Pakistani Girls) का भरोसा वहां के लड़कों से उठने लगा है.
दूसरी बीवी रखने की छूट
पाकिस्तानी लड़कों पर भरोसा नहीं जमने का एक कारण उस देश की सर्वाेच्च धार्मिक संस्था (Supreme Religious Institution) काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (Council of Islamic Ideology) का हाल में आया वह फैसला भी है जिसमें पाकिस्तानी मर्दों को इच्छानुसार दूसरी बीवी रखने की छूट दी गयी है. पीड़ादायक बात यह कि इसके लिए उसे पहली बीवी से इजाजत लेने की जरूरत नहीं है. इस फैसले ने बेलगाम पतियों से पहले से ही परेशान पाकिस्तानी लड़कियों का दर्द और बढ़ा दिया है. फैसले के बाद पाकिस्तान की ज़्यादातर लड़कियों ने कहा कि उन्हें अब इस मुल्क के लड़कों पर भरोसा नहीं. उनकी तुलना में हिंदुस्तानी लड़के बेहतर हैं. कई ने तो यहां तक कह दिया कि उन्हें पाकिस्तान और पाकिस्तानी लड़कों से छुटकारा चाहिये. भले ही भारत के हिंदू लड़के (Hindu Boys) से ही शादी क्यों न करनी पड़े. यानी शादी रचा वे भारत आने के लिए अपना मुल्क और महजब (Nation and Religion) छोड़ने तक को तैयार नजर आ रही हैं.
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अंदरुनी हालात से भी है त्रस्त
गौर करने वाली बात यहां यह भी है कि पाकिस्तानी लड़कियां हिंदुस्तान (Hindustan) में बहू बनकर आना चाहती हैं तो इसकी वजह सिर्फ ‘बहुपत्नी प्रथा’ ही नहीं है. असल में वहां की अधिकतर लड़कियां पाकिस्तान के अंदरूनी हालात से भी त्रस्त हैं. पाकिस्तानी लड़कों को भले अपना मुल्क छोड़ कर जाने में मुश्किलात आये, पाकिस्तानी लड़कियों के पास शादी करके निकल जाने का विकल्प तो है ही. लड़कियां किसी भी तरह पाकिस्तानी कैदखाने से छूट जाना चाहती हैं. यह सही भी है. ऐसा कौन लड़की बर्दाश्त करेगी कि उसके घर में तीन-तीन सौतन (Co-wife) हों. वैसे भी वफादार सौहर, अच्छा घर, बैंक बैलेंस और गाड़ी, पाकिस्तानी लड़कियों को ये सब अपने मुल्क में कहां नसीब होने वाले हैं! ऐसे में वे भारतीय लड़कों से शादी की अपनी चाहत खुलेआम बता रही हैं तो इसमें पाकिस्तान के कठमुल्लों को चिढ़ कतई नहीं होनी चाहिये. बल्कि खुले दिमाग से गहराई से सोचना चाहिये कि उनके मुल्क की लड़कियां आखिर ऐसा क्यों करना चाहती हैं
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