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सवा साल बन गया काल- 5 : रहा न संगठन में कोई… मिशिर बेसरा अघोषित सरदार

सुरक्षा बलों को दक्षिण बस्तर में सक्रिय केन्द्रीय समिति के सदस्य रामधेर मज्जी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सचिव माडवी हिड़मा उर्फ संतोष की भी तलाश थी. रामधेर मज्जी ने हथियार डाल दिया. माडवी हिड़मा मुठभेड़ में मारा गया. सुरक्षा बल अब झारखंड के तीसरे एक करोड़ के इनामी असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर को तलाश रहा है.

महेश कुमार सिन्हा
15 मार्च 2026

New Delhi: मौत करीब देख कानून के समक्ष घुटने टेक चुका थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी (Thipperi Tirupati alias Devji) उर्फ संजीव पल्लव शीर्ष माओवादियों की ‘टॉप-टेन’ सूची (Maoists’ ‘Top-Ten’ list) में तीसरे स्थान पर था. गुरिल्ला वार में माहिर देवजी पोलित ब्यूरो और केन्द्रीय समिति का सदस्य तो था ही, सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का भी प्रमुख था. तेलंगाना (Telangana) के करीमनगर जिले के अंबेदकरनगर कोरुतला का रहनेवाला थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी दलित पृष्ठभूमि से है. इसका जुड़ाव पीपुल्स वार ग्रुप (People’s War Group) से था. 1990 में उसे गढ़चिरौली डिवीजनल कमेटी का सदस्य बनाया गया. 1999 में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (Dandakaranya Special Zonal Committee) के सचिव का पद मिल गया. 2001 में भाकपा (माओवादी) की सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में शामिल किया गया. 2019 से वह उसका नेतृत्व कर रहा था. 2023 में उसे माओवादी संगठन में पोलित ब्यूरो का सदस्य बना दिया गया.

तब हाथ नहीं लगा था

ऐसा कहा जाता है कि उसके सैन्य कौशल (Military Skills) और रणनीतियों को देखते हुए केन्द्रीय समिति और पोलित ब्यूरो (Polit Buro) में पदोन्नत किया गया था. कहते हैं कि सीआरपीएफ (CRPF) के रानी बोदली में 56 और दंतेवाड़ा में 80 जवानों का सामूहिक संहार उसी की अगुआई में हुआ था. 18 नवम्बर 2025 को माडवी हिड़मा (Madvi Hidma) को मुठभेड़ में मार गिराने के बाद सुरक्षा बलों ने थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी के ठिकाने पर भी दबिश दी थी. तब वह हाथ नहीं लग पाया था. चर्चा हुई थी कि पुलिस के समक्ष हथियार डालने का जुगाड़ बैठा रहा था. पर, मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर (Mishir Besra alias Bhaskar) उसे ऐसा करने से रोक रहा था. माडवी हिड़मा की तरह मिशिर बेसरा भी ‘हथियारी संघर्ष’ जारी रखने के पक्ष में था. लेकिन, थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी उसके दबाव में नहीं आ 22 फरवरी 2026 को तेलंगाना पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया. उस पर कुल 06 करोड़ रुपये का इमाम घोषित था.

भाग गया था जेल से

पोलित ब्यूरो और केन्द्रीय समिति के सदस्य मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल का संगठन के शीर्ष ओहदेदारों में चौथा स्थान है. माओवादी संगठन (Maoist organization) के इस्टर्न रिजनल ब्यूरो (झारखंड) का वह प्रभारी भी है. उस पर भी 01 करोड़ का इनाम घोषित है. 20 सितम्बर 2007 को उसकी गिरफ्तारी हुई थी. जेल में दो साल भी नहीं रहा, 23 जून 2009 को अदालत में पेशी के दौरान भाग गया. लगभग चार दशक से झारखंड में वामपंथी उग्रवाद को विस्तार देने वाला दर्पण भास्कर का पुत्र मिशिर बेसरा गिरिडीह जिले के पीरटांड़ प्रखंड के मदनडीह गांव का रहने वाला है. मूल नाम उसका प्रधान दास है. मदनडीह गांव गिरिडीह जिला (Giridih District) मुख्यालय से तकरीबन 50 किलोमीटर दूर हरलाडीह पंचायत के तहत है. मिशिर बेसरा उर्फ भास्कर के बाद पांचवें स्थान पर कादरी सत्यनारायण रेड्डी उर्फ कोसा दादा था.

छिन्न-भिन्न हो गया नेतृत्व

छठे स्थान पर पुल्लुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना उर्फ शंकरन्ना उर्फ सोमन्ना था. वह तेलंगाना के करीमनगर जिले के पेद्दापल्ली मंडल के वडकापुर गांव का रहनेवाला है. केन्द्रीय समिति का सदस्य और तेलंगाना राज्य समिति का वह सचिव था. मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ अभय के आत्मसमर्पण के कुछ ही सप्ताह बाद उसने भी तेलंगाना पुलिस (Police) के समक्ष हथियार डाल दिया. जानकारों के मुताबिक मल्लोजुला वेणुगोपाल उर्फ अभय माओवादियों का राजनीतिक चेहरा था. पुल्लुरी प्रसाद राव उर्फ चंद्रन्ना संसाधन प्रबंधन देखता था और देश के विभिन्न हिस्सों में छिपे केन्द्रीय समिति के सदस्यों से संचार समन्वय बनाये रखता था. ऐसा माना जाता है कि इन दोनों के आत्मसमर्पण से नक्सली संगठन का राजनीतिक नेतृत्व छिन्न-भिन्न हो गया.

मास्टरमाइंड था नरसंहार का

सातवें स्थान पर मोडेम बालाकृष्णा उर्फ बालन्ना था. ओडिसा (Odisha) राज्य समिति के सचिव पाका हनुमंतु उर्फ गणेश उईके उर्फ गणेश उर्फ रूपा उर्फ चमरू दादा ‘टॉप-टेन’ में आठवें स्थान पर था. केन्द्रीय समिति का सदस्य था. सुरक्षा बलों ने 25 दिसम्बर 2025 को ओडिसा के कंधमाल में मुठभेड़ में उसे मार गिराया. तेलंगाना के नलगोंडा जिले के चेंपूर मंडल के पुल्लेमाला गांव का रहने वाला गणेश उईके पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. खूंख्वारियत ऐसी कि 63 साल की उम्र में भी एके-47 जैसे अत्याधुनिक हथियार लेकर घूमता था. वह छत्तीसगढ़ के 2013 के झीरम घाटी सामूहिक नरसंहार का मास्टरमाइंड था जिसमें कांग्रेस के कई नेता मारे गये थे. उसकी पत्नी मालती भी नक्सली थी. गढ़चिरौली में मुठभेड़ में मारी गयी.

वह भी था ‘टॉप-टेन’ में

‘टॉप-टेन’ की सूची में बिहार-झारखंड (Bihar-Jharkhand) स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी (Patiram Manjhi) भी था. स्थान उसका नौंवा था. 22 जनवरी 2026 को झारखंड के सारंडा वन क्षेत्र में नौ अन्य नक्सलियों के साथ मारा गया. सांगठनिक दृष्टिकोण से यह भी माओवादियों के लिए बड़ा झटका था. टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी का पुत्र अनल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी भाकपा (माओवादी) की केन्द्रीय समिति का सदस्य था. पतिराम मरांडी, रमेश आदि उसका उपनाम था. वह गिरिडीह (Giridih) जिले के पीरटांड़ थाना क्षेत्र के झरहाबाले गांव का रहने वाला था. 01 करोड़ का इनामी था और उसे भी माओवादियों का रणनीतिकार (Maoist Strategist) माना जाता था. दसवें स्थान पर गजरला रवि उर्फ उदय था. ग्यारहवें पर जगह बना रखे सब्यसाची गोस्वामी उर्फ अजय दा उर्फ विकास दा उर्फ किशोर पश्चिम बंगाल-असम (West Bengal-Assam) एरिया कमेटी का सचिव था. फिलहाल जेल में है. वह पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस पीगना जिले के एचबी सोदपुर टाउन का रहनेवाला है.

जेल में है एक शीर्ष माओवादी

सब्यसाची गोस्वामी उर्फ अजय दा केन्द्रीय समिति का सदस्य और पश्चिम बंगाल-असम स्पेशल एरिया कमेटी का सचिव था. पश्चिम बंगाल और असम में माओवाद (Maoism in Assam) को पुनर्जीवित करने में ऊर्जा खपा रहा था. जनवरी 2024 में पश्चिम बंगाल पुलिस ने पुरुलिया जिले के बागमुंडी में उसे दबोच लिया. तब से जेल में है. हालांकि, उसकी यह पहली गिरफ्तारी नहीं थी. पूर्व में चार बार वह जेल जा चुका था.12वें स्थान पर कट्टा राजचंद्र रेड्डी उर्फ गुडसा दादा, तेरहवें पर पोतुला पद्मावती उर्फ सुजाता उर्फ कल्पना, चौदहवें पर नरसिम्हा चलम उर्फ सुधाकर और पन्द्रहवें स्थान पर माडवी हिड़मा था.

चकित रह गये लोग

इन सबके अलावा 77 वर्षीय मल्ला राजी रेड्डी उर्फ संग्राम उर्फ सागर भी केन्द्रीय समिति का सदस्य था. लेकिन, विगत कई वर्षों से परिदृश्य से ओझल था. कहां था और क्या कर रहा था, किसी को नहीं मालूम था. 23 फरवरी 2026 को अचानक थिप्परी तिरुपति उर्फ देवजी के साथ आत्मसमर्पण के लिए पहुंच गया. यह देख-सुन लोग चकित रह गये. सुरक्षा बलों को दक्षिण बस्तर में सक्रिय केन्द्रीय समिति के सदस्य रामधेर मज्जी और दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सचिव माडवी हिड़मा उर्फ संतोष की भी तलाश थी. रामधेर मज्जी ने हथियार डाल दिया. माडवी हिड़मा मुठभेड़ में मारा गया. सुरक्षा बल अब झारखंड के तीसरे एक करोड़ के इनामी असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर को तलाश रहा है. वह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के चन्द्रकोण थाना क्षेत्र के उत्तर फुलचक गांव निवासी कार्तिक मंडल का पुत्र है. मिशिर बेसरा और असीम मंडल फिलहाल सिंहभूम के सारंडा जंगल में छिपे हैं. (जारी)

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(महेश कुमार सिन्हा बिहार के वरिष्ठ पत्रकार हैं)
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