तापमान लाइव | Tapmanlive

न्यूज़ पोर्टल | Hindi News Portal

परबत्ता में बड़का बवाल : घुस कर मारा अंचलाधिकारी को… सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. लेकिन, सुलगता सवाल तो यह है कि जब सरकारी दफ्तर में बैठा अंचलाधिकारी सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा? महीनों से चक्कर काटने वाला शख्स अगर हिंसा पर उतर आया तो इसके दो मतलब हैं. या तो व्यवस्था में भ्रष्टाचार और लेट-लतीफी चरम पर है या फिर जमीन माफिया ने अंचलाधिकारी को डराने- धमकाने के लिए मोहरे का इस्तेमाल किया है.

राजेश सिन्हा
01 जुलाई 2026

Khagaria: जिले के परबत्ता (Parbatta) प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय में उस वक्त बड़का बवाल खड़ा हो गया जब एक युवक ने कार्यालय कक्ष में घुस कर अंचलाधिकारी (CO) हरिनाथ राम (Harinath Ram) पर हमला कर दिया. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मंगलवार को अंचलाधिकारी अपने कक्ष में प्रशासनिक कार्य निपटा रहे थे तभी सलारपुर (Salarpur) गांव निवासी अनोज कुमार सिंह (अनुज कुमार सिंह) कार्यालय में घुस कर अचानक उनके साथ मारपीट शुरू कर दी. शोर मचा तब कार्यालयकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने उसे दबोच लिया. सूचना पर पहुंची परबत्ता पुलिस ने अनोज कुमारसिंह को हिरासत में ले लिया.

शामिल थे तीन और युवक

अनोज सिंह ने ऐसा क्यों किया, इस संदर्भ में उसका कहना रहा कि वह जमीन संबंधी एक मामले के निपटारे के लिए महीनों से अंचल कार्यालय (Anchal Office) का चक्कर काट रहा था. अंचलाधिकारी उस ध्यान नहीं दे रहे थे, काम नहीं हो पा रहा था. परेशान होकर उसने गुस्से में ऐसा कर दिया. प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) संतोष कुमार पंडित (Santosh Kumar Pandit) और परबत्ता के थानाध्यक्ष ने घटना की पुष्टि की. बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है कि वाकई वह गुस्से का विस्फोट था या इसके पीछे कोई साजिश है. बताया गया कि मारपीट की घटना में एक सुरक्षाकर्मी भी घायल हुआ है. प्रारंभिक जांच में हमले में अनोज कुमार सिंह के अलावा तीन और युवकों की संलिप्तता की बात सामने आयी है.

सख्त कार्रवाई होगी

पुलिस उन सबकी पहचान और हमले में भूमिका की जांच में जुटी हुई है. कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है. घटना की सूचना मिलते ही गोगरी (Gogri) के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) संजय कुमार अंचल कार्यालय पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली. उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी अधिकारी पर हमला किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. वहीं, पूर्व मुखिया पवन कुमार चौधरी ने घटना की निंदा करते हुए इसे सुनियोजित हमला बताया. आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग की.

यह भी पढ़ें :

भरत तिवारी प्रकरण : बहुत कुछ कह रही पोस्टमार्टम रिपोर्ट… रहस्य खोलेगा खोखा!

आम जनता का क्या होगा ?

बहरहाल, इस घटना के बाद सरकारी कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं. लेकिन, सुलगता सवाल तो यह है कि जब सरकारी दफ्तर में बैठा अंचलाधिकारी सुरक्षित नहीं, तो आम जनता का क्या होगा? महीनों से चक्कर काटने वाला शख्स अगर हिंसा पर उतर आया तो इसके दो मतलब हैं. या तो व्यवस्था में भ्रष्टाचार (Corruption) और लेट-लतीफी चरम पर है या फिर जमीन माफिया (Land Mafia) ने अंचलाधिकारी को डराने- धमकाने के लिए मोहरे का इस्तेमाल किया है. ऐसे में आगे-आगे होता है क्या, देखना दिलचस्प होगा.

***

#TapmanLive