Shravani Mela देवघर- सुलतानगंज : छा गया भगवा… कांवरिया पथ पर

करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत (India) की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है.
105 किलोमीटर लंबे कांवर पथ पर आस्था का सैलाब
भारत की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक यह भी है
श्रावणी मेला में इस बार हैं नयी व्यवस्थाएं, नयी सुविधाएं
दुम्मा कांवरिया पथ पर हुआ विधि-विधान से श्रावणी मेला का उद्घाटन
विजय कुमार राय
31 जुलाई 2026
Deoghar : सावन माह शुरू होते ही बिहार (Bihar) के सुलतानगंज (Sultanganj) से झारखंड (Jharkhand) के देवघर (Deoghar) तक का कांवरिया पथ (Kanwariya Path) ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंजने लगा है. सुलतानगंज वह स्थान है जहां गंगा उत्तरवाहिनी है. सनातन धर्म (Sanatan Dharma) की मान्यता के मुताबिक असंख्य शिवभक्त पवित्र पात्र में वहां से गंगाजल भरकर पांव पैदल देवघर पहुंच बाबा बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग पर जलाभिषेक करते हैं. करीब 105 किलोमीटर लंबी यह कांवर यात्रा केवल धर्म और आस्था का ही नहीं, सामाजिक अनुशासन और समरसता का अद्भुत संगम है. लोक संस्कृति का भी. इसमें अमीर-गरीब, जाति-धर्म और भाषा का भेद मिट जाता है. इसे भारत (India) की नंगे पांव वाली बड़ी धार्मिक यात्राओं में एक माना जाता है.
अर्थव्यवस्था को गति
श्रावणी मेला में बिहार और झारखंड की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलती है. हजारों अस्थायी रोजगार पैदा होते हैं. सरकार ने इस बार श्रावणी मेला में कई नयी व्यवस्थाएं की हैं. मसलन एआई आधारित भीड़ प्रबंधन, क्यूआर कोड आधारित सुविधाएं, वीआईपी और आउट-ऑफ-टर्न दर्शन पर रोक, सुरक्षा, चिकित्सा और सफाई की व्यापक व्यवस्था आदि. शिव और शक्ति की नगरी देवघर में विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला का उद्घाटन बुधवार को हुआ. झारखंड के नगर विकास एवं आवास मंत्री सुदिव्य कुमार (Sudivya Kumar) तथा ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह (Deepika Pandey Singh) ने संयुक्त रूप से उद्घाटन किया.

दुम्मा कांवरिया पथ में आयोजन
बिहार – झारखण्ड (Bihar – Jharkhand) सीमा पर अवस्थित दुम्मा कांवरिया पथ में 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा विधि-विधान पूर्वक पूजा के साथ श्रावणी मेला शुरू हो गया. उद्घाटन समारोह में देवघर के विधायक सुरेश पासवान, सारठ के विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी के विधायक देवेन्द्र कुंवर, देवघर नगर निगम के महापौर, उपमहापौर, देवघर जिला परिषद के अध्यक्ष, बीस सूत्री के उपाध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे. देवघर के उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया (Saurabh Kumar Bhuwania) ने उद्घाटन मंच पर उपस्थित मंत्रियों एवं विधायकों का अभिनंदन व स्वागत किया. उपविकास आयुक्त पियुष सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
सुल्तानगंज में उद्घाटन
इस वर्ष श्रावणी मेला का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा. देवघर में उद्घाटन से एक दिन पहले मंगलवार को सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट (Namami Gange Ghat) पर श्रावणी मेला का उद्घाटन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Chaudhary) ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कांवरियों की सुविधा के लिए ‘श्रावणी मेला 2026 ऐप’ का लोकार्पण भी किया. इस ऐप से शिवभक्तों को श्रावणी मेला से जुड़ी तमाम सरकारी सुविधाओं की जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर मिल जायेगी. वे बैद्यनाथ धाम (Baidyanath Dham) का लाइव दर्शन भी कर सकेंगें.
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गंगा महाआरती का आयोजन
उस दिन नमामि गंगे घाट पर बनारस (Banaras) के तर्ज पर गंगा महाआरती (Ganga Maha Aarti) का आयोजन किया गया. भागलपुर (Bhagalpur) की जिलाधिकारी (DM) अलंकृता पाण्डेय (Alankrita Pandey), वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव (Pramod Kumar Yadav) , नगर पुलिस अधीक्षक अतुलेश झा आदि इस अवसर पर उपस्थित थे. हजारों श्रद्धालुओं ने ‘हर हर गंगे’ और ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष के साथ महाआरती देखा. जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने गंगा महासभा के अध्यक्ष सहित स्थानीय पंडितों को अजगैबीनाथ मंदिर (Ajgaibinath Temple) एवं शिवलिंग का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया.

विजय कुमार राय बिहार-झारखंड के वरिष्ठ पत्रकार हैं
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