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घाघरा गर्ल: याद न जाये कातिल अदाओं की…!

सत्येन्द्र मिश्र
02 अक्तूबर 2026
Mumbai : यह 1990 के दशक की दास्तान है. फिल्मों (Films) के रूपहले पर्दे पर जब उस हसीना की कातिल अदाएं दिखती थीं तब युवा दर्शकों के दिलों पर छुरियां चल जाती थीं. वैसे, इसकी वजह उसकी खूबसूरती और बिंदास अंदाज भी थी. फिल्म जगत में उसने अभी कदम रखा ही था, पर अदाओं में खुलापन से पहचान बड़ी होती जा रही थी. उसी दौर में ‘जाओ चाहे दिल्ली, बंबई, आगरा…कहीं ना मिलेगा ऐसा घांघरा…’ गाने पर उसका जलवा दिखा. उसने उसकी लोकप्रियता बढ़ा दी. इतनी कि बड़ी फिल्मों में काम मिलने लगे, बड़ा नाम होने लगा. लेकिन, फिर अचानक वह हसीना कहीं गुम हो गयी. हिन्दी फिल्म जगत (Hindi film industry ) से दूर हो गयी. वह हसीना कौन थी और कहां गुम हो गयी, जानिये उसकी अनकही-अनसुनी दास्तां…

वह हसीना थीं हिन्दी फिल्मों का चर्चित चेहरा रहीं सुमन रंगनाथन (Suman Ranganathan) . लंबे घुंघराले बाल, बड़ी-बड़ी आंखें,बिंदास अंदाज और कातिल अदाएं, एक अच्छी अभिनेत्री (Actress) को लेकर फिल्म निर्माता (Filmmaker) की जो कल्पना होती है, वह सब कुछ था उनमें. नब्बे के दशक में सुमन रंगनाथन को खूब पहचान मिली. लेकिन, इस पहचान को वह ज्यादा दिनों तक बना कर नहीं रख पायीं. वक्त ऐसा आया कि हिन्दी फिल्म जगत को छोड़कर चली गयीं. लोग भी उन्हें भूल गये. आइये, उन्हें फिर से याद करते हैं, उनके फिल्मी जीवन के बारे में जानते हैं. 52 वर्षीया सुमन रंगनाथन कर्नाटक (Karnataka) की रहने वाली हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग (Modeling) से की थीं. उसी क्रम में फिल्मों में आ गयीं. धीरे-धीरे कन्नड़ (Kannada) और तमिल (Tamil) फिल्मों में काम मिलने लग गये. 1989 में आयी फिल्म ‘सीबीआई शंकर’ उनकी पहली फिल्म थी. दक्षिण की फिल्मों में उन्होंने वर्षों काम किया.

साउथ में नाम कमाने और पहचान बनाने के बाद सुमन रंगनाथन ने हिन्दी फ़िल्मों की ओर रुख किया.1996 में फिल्म ‘फरेब’ से शुरुआत की. ‘फरेब अमेरिकी फिल्म ‘अनलॉफुल इंट्री’ से प्रेरित थी. इसमें उन्होंने फराज खान (Faraz Khan) और मिलिंद गुनाजी (Milind Gunaji) के साथ काम किया. उन दोनों के साथ उनकी जोड़ी पसंद की गयी. फिल्म से अधिक उसके गाने चर्चित हुए. वह गाना ‘ये तेरी आंखें झुकी झुकी’ आज भी लोगों की जुबान पर रहता है. इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अभिनय किया.1999 में फिल्म ‘आ अब लौट चलें’ में वह अक्षय खन्ना (Akshaye Khanna) और ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai) के साथ दिखीं. उस फिल्म का गाना ‘यही है प्यार’ भी काफी हिट हुआ. 2003 में उन्होंने फिल्म ‘बागबान’ (Baghban) में काम किया. उसमें उन्होंने अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी की बहू का किरदार निभाया.

उसी दौरान वह फिल्म ‘कुरुक्षेत्र’ में भी नजर आयीं. उस फिल्म में उन्होंने घाघरा पर आधारित आईटम सांग किया. लोगों को खूब पसंद आया. इसके बाद वह कुछ और फिल्मों में दिखीं. फिर धीरे-धीरे हिन्दी सिनेमा से दूर चली गयीं. सुमन रंगनाथन के फिल्मी जीवन से अधिक चर्चा निजी जिंदगी की होती रही है. उनकी जिंदगी में सबसे पहले ‘आशिकी ब्वॉय’ राहुल राय (Rahul Roy) आये थे. कहते हैं कि दोनों के बीच प्यार इतना ज्यादा बढ़ गया था कि लिव-इन में रहने लगे थे. दोनों शादी भी करने वाले थे. किसी कारणवश बात नहीं बनी. तब राहुल राय को छोड़ सुमन रंगनाथन फरहान अख्तर से जुड़ गयीं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक फरहान और सुमन रंगनाथन काफी दिनों तक रिलेशनशिप में रहे.

सुमन रंगनाथन उनसे शादी करना चाहती थीं. पर, उनका यह रिश्ता ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाया. तब सुमन रंगनाथन ने उद्योगपति उरू पटेल से संबंध जोड़ लिया. हालांकि, इस रिश्ते का भी दम बीच में ही टूट गया. वह फिर से तन्हा हो गयीं . कहा जाता है कि संबंधों के इस रूप में टूटने-बिखरने के बाद 28 दिसंबर 2000 को सुमन रंगनाथन ने गौतम नाम के शख्स से शादी कर ली. लेकिन, कुछ समय बाद वह शादी भी टूट गयी. फिर 2005 में उन्होंने फिल्म निर्माता बंटी वालिया से शादी की. लोगों को ऐसा लगा कि इस शादी के बाद सुमन रंगनाथन के जीवन में खुशियां आ जायेंगी. लेकिन, दुर्भाग्य का पीछा छूटा नहीं. शादी के करीब आठ महीने बाद ही दोनों में जबर्दस्त झगड़ा हुआ और 2007 में तलाक हो गया. आरोप-प्रत्यारोप भी खूब हुए. तलाक के 12 साल बाद 2019 में सुमन रंगनाथन ने साजन चिनप्पा से शादी कर फिर से घर बसा लिया. वर्तमान में वह दक्षिण की फिल्मों में काम कर रही हैं और वहीं बसी हुई हैं.

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