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LNMU : बदल रही कार्य-संस्कृति

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय ने जो लेखा-जोखा तैयार किया है उसके मुताबिक कुलपति प्रो.संजय कुमार चौधरी के सवा दो वर्षों के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि छात्रों की नामांकन-प्रक्रिया में सुधार है. नामांकन-प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने का असर हुआ कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नामांकन के प्रति रुझान बढ़ा, छात्रों की संख्या बढ़ी. वैसे, इसका एक कारण राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्नातक एवं स्नातकोत्तर में निःशुल्क नामांकन भी रहा.

विजयशंकर पांडेय
18 मई 2026

Darbhanga: दरभंगा में स्थापित ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय मिथिलांचल (Mithilanchal) के शिक्षा और शिक्षण-प्रशिक्षण के प्रतिष्ठित केन्द्र की पहचान रखता है. इस विश्वविद्यालय (University) के नियंत्रणाधीन 44 अंगीभूत एवं 39 संबद्ध महाविद्यालय संचालित हैं. कई अंगीभूत एवं संबद्ध महाविद्यालयों को मिलाकर 35 बीएड कालेज (B.Ed College) भी हैं. इसके अलावा एपीजे अब्दुल कलाम महिला प्रोद्यौगिकी संस्थान (APJ Abdul Kalam Institute of Women’s Technology) है, जहां बी-टेक (B-Tech) और एमसीए (MCA) की पढ़ाई होती है. बीसीए (BCA) की भी. विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय में लाइब्रेरी साइंस (Library Science) की शिक्षा दी जाती है. वर्तमान में प्रो. संजय कुमार चौधरी इस विश्वविद्यालय के कुलपति हैं. उनके त्रिवर्षीय कार्यकाल के सवा दो वर्ष पूरे हो चुके हैं.

बढ़ रहा विकास की राह

सामान्य समझ में इन सवा दो वर्षों के कार्यकाल में विश्वविद्यालय की चतुर्दिक प्रगति हुई है. सुकून भरा शांत शैक्षिक माहौल कायम हुआ है. छात्रों, शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनधारियों के हित में कई अहम कार्य हुए हैं. लंबित मामलों के निष्पादन, विश्वविद्यालय प्रशासन में पारदर्शिता, वेतन एवं पेंशन से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान तथा शैक्षणिक वातावरण को अध्ययन-अध्यापन के अनुकूल बनाने के प्रयासों से मिली नयी ऊर्जा का असर है कि विश्वविद्यालय की कार्य-संस्कृति में बदलाव और प्रशासन की सकारात्मक सक्रियता स्पष्ट तौर पर दिखने लगी है. इससे विश्वविद्यालय परिसर में विश्वास लौट आया है. यह कुलपति (Vice Chancellor) प्रो. संजय कुमार चौधरी (Prof. Sanjay Kumar Choudhary) की क्षमता-दक्षता और कर्तव्यपरायणता को बखूबी दर्शाता है.

बढ़ा नामांकन के प्रति रूझान

ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) ने जो लेखा-जोखा तैयार किया है उसके मुताबिक कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के सवा दो वर्षों के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि छात्रों की नामांकन-प्रक्रिया में सुधार है. नामांकन-प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने का असर हुआ कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नामांकन के प्रति रुझान बढ़ा, छात्रों की संख्या बढ़ी. वैसे, इसका एक कारण राज्य सरकार के निर्देशानुसार स्नातक (Graduate) एवं स्नातकोत्तर (Postgraduate) में निःशुल्क नामांकन भी रहा. विश्वविद्यालय में अनुशासन ऐसा कायम हो गया है कि छात्र-छात्राओं की रैगिंग अब नहीं होती है.

मिला वेतन वृद्धि का लाभ

छात्रों से संबंधित समस्याओं के बिना विलंब निष्पादन से विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों का माहौल आमतौर पर शांत रहता है. शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों की समस्याओं के समाधान के प्रति भी कुलपति संवेदनशील दिखते हैं. शिक्षकेत्तर कर्मियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिला है. मुकदमेबाजी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की बड़ी समस्या रही है. प्रो. संजय कुमार चौधरी के कुलपति कार्यकाल में मुकदमों के निष्पादन में गुणोत्तर वृद्धि हुई है. विश्वविद्यालय के आंकड़े बताते हैं कि एमजेसी मामलों का 95 प्रतिशत और सीडब्ल्यूजेसी-एलपीए मामलों का 93 प्रतिशत निष्पादन हो चुका है. शिक्षक दिवस (Teachers Day) पर सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किये जाने से उनका मान बढ़ा है.

छू रहा नयी ऊंचाइयां

विश्वविद्यालय में संचालित एपीजेएके डब्ल्यू आईटी संस्थान (APJAK W IT Institute) कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी के कुशल मार्गदर्शन में उत्तरोत्तर नयी ऊंचाइयां छू रहा है. संस्थान में शिक्षकों की नयी नियुक्तियां हुई हैं. परीक्षा विभाग (Examination Department) का डिजिटलाइजेशन, राष्ट्रीय स्तर पर शैक्षिक संसाधन किया गया है. नये पाठ्यक्रम के रूप में बीसीए (BCA) एवं एमसीए (MCA) की शुरुआत हुई है. प्लेसमेंट में सफलता, हाई कम्प्यूटेशनल लैब, एआरसी में पायथन प्रोग्रामिंग भाषा पर प्रशिक्षण, आईआईटी बॉबे स्पोकन ट्यूटोरियल कोर्स आदि का संचालन किया गया है.

एक उपलब्धि यह भी

विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय के लिए स्नातकोत्तर स्तरीय एवं शोध से संबंधित नवीनतम पुस्तकों की खरीद की गयी है. ई-लर्निंग लैब को सुसज्जित किया गया है. उल्लेख करने लायक एक उपलब्धि यह भी है कि 2022-23 में 271 शोधार्थियों के मौखिकी परिणाम की तुलना में 2024-25 में 507 शोधार्थियों के मौखिकी परिणाम घोषित किये गये, जो इस विश्वविद्यालय के अब तक के इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि है. पीएटी 2023 का सफल आयोजन किया गया. पीएटी 2024 को 2026 में पूरा करने का लक्ष्य है. राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) कोषांग की उपलब्धियां भी सराहनीय हैं.

नियुक्तियां-पदोन्नतियां

प्रो. संजय कुमार चौधरी के कार्यकाल में विश्वविद्यालय के पन्द्रह अंगीभूत महाविद्यालयों में विश्वविद्यालय सेवा आयोग (University Service Commission) द्वारा अनुशंसित प्रधानाचार्यों की पदस्थापना की गयी. अंगीभूत महाविद्यालयों में 15 विषयों में 426 स्वीकृत पदों पर सहायक प्राचार्य नियुक्त किये गये. 19 विषयों में 259 सहायक प्राध्यापकों को प्रोन्नति दी गयी. तृतीय एवं चतुर्थ वर्गीय पदों पर अनुकंपा आधारित 36 नियुक्तियां की गयीं. शिक्षकेत्तर कर्मियों की सेवा संपुष्टि की गयी और सेवा पुस्तिका को अद्यतन किया गया. ऐसे कर्मियों के वेतनमान सहित उच्चतर पदों का प्रभार न्यायादेश के अनुरूप दिये गये. समर्थ पोर्टल पर कर्मियों के डाटा को ससमय संधारित कर दिया गया. संविदा कर्मियों का स्थानांतरण भी कुलपति के निर्देशानुसार हुआ.

ऑनलाइन दीक्षांत समारोह

पेंशन निर्धारण के मामले में भी गंभीरता दिखी. अंगीभूत महाविद्यालयों में विकास के कार्यों को पारदर्शी बनाया गया. परीक्षा से जुड़े कार्यों के लिए ऑनलाइन सर्टिफिकेट पोर्टल बनाया गया है. वेब-मेल प्लेटफार्म की जगह जी-मेल प्लेटफार्म का इस्तेमाल हो रहा है. एपीजेएके डब्ल्यू आईटी संस्थान (APJAK W IT Institute) की छात्राओं के लिए पहली बार परीक्षा फार्म भरने और रिजल्ट घोषित करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया गया है. विश्वविद्यालय के विधि विभाग के लिए भी एक लीगल पोर्टल बनाया गया है. ऑनलाइन दीक्षांत समारोह (Online Convocation) पोर्टल भी. डिजिलॉकर पर अंक-पत्र, औपबंधिक प्रमाण-पत्र एवं मूल प्रमाण-पत्र अपलोड करने में इस विश्वविद्यालय को प्रथम स्थान प्राप्त है. 2020 से लेकर 2025 तक के स्नातक एवं स्नातकोत्तर के सफल छात्र-छात्राओं में से कुल 10 लाख 38 हजार 629 अवार्ड नैड पोर्टल डिजिलॉकर पर अपलोड कर दिये गये हैं.

ऑनलाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम

विश्वविद्यालय की सभी शैक्षणिक गतिविधियां विभिन्न नवीन शिक्षण विधियों जैसे पीपीटी, रोल प्ले, असाइनमेंट प्रेजेंटेशन आदि के माध्यम से संचालित हैं. 120 छात्रों ने विभिन्न संस्थाओं में इंटर्नशिप हासिल किया है. 120 छात्रों ने विभाग के प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में अपने प्रोजेक्ट पूरे किये हैं. ऐसे 33 छात्रों का चयन एक्सिस बैंक (Axis Bank), बंधन बैंक (Bandhan Bank), बजाज एलियांज (Bajaj Allianz) लाइफ इंश्योरेंश कॉरपोरेशन लिमिटेड और संजीवन बुक्स (Sanjeevan Books) जैसी कंपनियों का तीन से चार लाख रुपये का वार्षिक पैकेज मिला है. इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ रिमोट सेंसिंग (Indian Institute of Remote Sensing) के तत्वावधान में 25 अगस्त 2025 से नवम्बर 2025 तक ऑनलाइन वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया गया.

ऑडियो-वीडियो लैब विकसित

एडभांस्ड रिसर्च लैब (Advanced Research Lab) के माध्यम से वर्ष 2025 में आठ प्रकाशन किये गये. ऑडियो-वीडियो लैब (Audio-Video Lab) विकसित की गयी. उसमें समय-समय पर ट्रेनिंग भी दी जा रही है. लैंग्वेज लैब (Language Lab) विकसित की गयी है, जिसमें जापानी और फ्रेंच भाषाओं के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है और वर्कशॉप आयोजित किया जा रहा है. ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय का जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के साथ एमओयूएस एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर हुए हैं. प्रजापति ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय, आईआईटी पटना, आईआईआईटी भागलपुर के साथ एमओयूएस प्रक्रियाधीन है. 2025 में विश्वविद्यालय का 11वां दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ. वर्णित अवधि में तीन बार विद्वत परिषद की बैठक हुई. दो बार अधिषद की और बीस बार अभिषद की.

प्रतियोगिताओं का आयोजन

विश्वविद्यालय के खेल एवं संस्कृति विभाग (Sports and Culture Department) द्वारा वर्ष 2024-25 में 28 अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया. अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव (Youth Festival) प्रतियोगिता 2023-24 में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की टीम पूर्वी क्षेत्र के विश्वविद्यालयों में समग्र रूप से द्वितीय स्थान पर रही. 14 विधाओं में अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव प्रतियोगिता में प्रतिभागिता हेतु अपनी अहर्त्ता भी सुनिश्चित की. अखिल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव में 14 में से 12 विधाओं में पुरस्कृत हुई. अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव प्रतियोगिता 2024-25 में समग्र रूप से इसे पांचवां स्थान प्राप्त हुआ और कुल सात विधाओं में इसकी टीम पुरस्कृत हुई.

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खेलो इंडिया विश्वविद्यालय गेम्स

2025 में इस विश्वविद्यालय का चयन भारतीय खेल प्राधिकरण (Sports Authority of India) एवं भारतीय विश्वविद्यालय संघ (Association of Indian Universities), नयी दिल्ली द्वारा आयोजित खेलो इंडिया विश्वविद्यालय गेम्स में कबड्डी (महिला), टेबुल टेनिस (महिला), एथलेटिक्स प्रतियोगिता हेतु किया गया. खेलो इंडिया विश्वविद्यालय गेम्स (Khelo India University Games) में एथलेटिक्स (पुरुष) पांच हजार मीटर में प्रथम, स्टीपलचेस दो हजार मीटर में द्वितीय एवं कबड्डी (महिला) में तृतीय स्थान प्राप्त किया. विश्वविद्यालय के खेल एवं संस्कृति विभाग ने वर्ष 2025-26 में कुल 22 अंतर महाविद्यालय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया है.

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