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सीतामढ़ी : गोयनका कॉलेज… हो जायेगा तब फिर अशांत

दिसंबर 2025 तक का भुगतान कर अनियमित ढंग से नियुक्त अस्थाई कर्मचारियों को सेवामुक्त कर दिया गया. प्रभावित अस्थाई कर्मचारी इसे अन्याय बता आंदोलित हैं. गुस्सा प्रधानाचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय पर उतार रहे हैं. जबकि सेवामुक्ति का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन का है. सबसे गंभीर बात यह कि स्थानीय कुछ छुटभैये नेता अकारण इसे मुद्दा बना महाविद्यालय का माहौल फिर से खराब कर देने का कुचक्र रच रहे हैं.

मदनमोहन ठाकुर
03 मई 2026

Sitamarhi : जगत जननी मां जानकी (Maa Janki) की पावन प्राकट्य भूमि सीतामढ़ी में तकरीबन 76 वर्षों से संचालित श्री राधा कृष्ण गोयनका कॉलेज (Shri Radha Krishna Goenka College) भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Bhimrao Ambedkar Bihar University, Muzaffarpur) की एक अति प्रतिष्ठित अंगीभूत इकाई है. इलाकाई जरूरतों के मद्देनजर इसकी स्थापना आजादी के दो साल बाद ही 1949 में विश्वविद्यालय के प्रथम स्नातकोत्तर महाविद्यालय के रूप में कमला प्रसाद गोयनका (Kamala Prasad Goenka) द्वारा की गयी थी. तब से यह सिर्फ विश्वविद्यालय के ही नहीं बिहार के उत्कृष्ट शैक्षणिक संस्थानों में जगह बनाये हुए है. हालांकि, इधर के दिनों में इसके इतिहास में कलंक का एक अध्याय भी जुड़ गया है. वह अध्याय महाविद्यालय के 27वें प्राचार्य डा. रामनरेश पंडित के कार्यकाल का है.

लग गया कलंक

डा. रामनरेश पंडित 2019 से 2023 तक प्राचार्य रहे. पठन-पाठन की दृष्टि से उनका कार्यकाल प्रायः ठीक ठाक रहा. पर, 31 अक्तूबर 2023 को महाविद्यालय कार्यालय में हुई गोलीबारी ने उनके कार्यकाल को कलंकित कर दिया. उस दिन कार्यालय कक्ष में घुस कर महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं बर्सर प्रो. रवि पाठक को गोली मार दी गयी. बड़ी मुश्किल से लम्बे इलाज के बाद उनकी जान बच पायी. बताया गया कि चेक पर हस्ताक्षर करने में विलंब के कारण उन्हें गोली मारी गयी थी. कथित रूप से साजिश महाविद्यालय के अस्थाई कर्मचारियों द्वारा रची गयी थी. पैरवी-पहुंच की वजह से हमलावरों के खिलाफ कार्रवाई में ठहराव जरूर दिख रहा है, पर मामला पुलिस एवं महाविद्यालय प्रशासन की नजर में अब भी बना ही हुआ है.

इसलिए बनाया गया प्रधानाचार्य

गोलीबारी के तत्काल बाद प्राचार्य डा. रामनरेश पंडित का आनन-फानन में तबादला कर दिया गया. उनके बाद के तकरीबन दो वर्षों के दौरान प्रो. रेनू ठाकुर, डा. तरुणेश्वर प्रसाद सिंह, डा. जगजीवन प्रसाद एवं पुनः डा. तरुणेश्वर प्रसाद सिंह को प्राचार्य (Principal) बनाया और हटाया जाता रहा. इस कारण भी महाविद्यालय का माहौल आमतौर पर तनावपूर्ण बना रहा. असामाजिक तत्व भय का वातावरण बना महाविद्यालय को अपनी गिरफ्त में रखने का प्रयास करते रहे. तरह-तरह की आपत्तिजनक हरकतें भी करते रहे. महाविद्यालय परिसर की चिंताजनक अराजक हालत की जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) एवं राजभवन (Rajbhavan) को मिली तब हालात सुधारने के ख्याल से विश्वविद्यालय प्रशासन ने 24 जुलाई 2025 को प्रो. ओमप्रकाश राय को श्री राधा कृष्ण गोयनका कालेज के प्रधानाचार्य के पद पर आसीन करा दिया.

दिख रहा पूरा होता उद्देश्य

ऐसा माना जाता है कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय ने मुजफ्फरपुर के लंगट सिंह कॉलेज (Langat Singh College) के प्रधानाचार्य रहे प्रो. ओमप्रकाश राय को चरमराई पठन-पाठन व्यवस्था एवं बिगड़ गये अनुशासन में सुधार के जिस उद्देश्य से श्री राधा कृष्ण गोयनका कॉलेज में पदस्थापित किया था, वह पूरा होता दिख रहा है. वैसे, लंगट सिंह कॉलेज से श्री राधा कृष्ण गोयनका कॉलेज में स्थानांतरण से प्रो. ओमप्रकाश राय संतुष्ट नहीं थे. इसके बावजूद कर्तव्य पथ पर अडिग रह कुलपति प्रो. दिनेश चन्द्र राय के मार्गदर्शन में पूरी निर्भीकता के साथ स्वच्छ एवं निष्पक्ष कार्य संपादन प्रारंभ किया. इसी बीच कथित तौर पर अनियमित ढंग से बहाल कुछ अस्थाई कर्मचारियों को हटाने का विश्वविद्यालय प्रशासन का आदेश जारी हुआ.

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अकारण बना रहे मुद्दा

प्रधानाचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय ने अपने स्तर से पत्राचार कर उन्हें सेवा में बनाये रखने का प्रयास किया. लेकिन, विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए आदेश के अनुपालन का फरमान जारी कर दिया. परिणामस्वरूप दिसंबर 2025 तक का भुगतान कर अनियमित ढंग से नियुक्त अस्थाई कर्मचारियों (Temporary Employees) को सेवामुक्त कर दिया गया. प्रभावित अस्थाई कर्मचारी इसे अन्याय बता आंदोलित हैं. गुस्सा प्रधानाचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय पर उतार रहे हैं. जबकि सेवामुक्ति का निर्णय विश्वविद्यालय प्रशासन का है. सबसे गंभीर बात यह कि स्थानीय कुछ छुटभैये नेता अकारण इसे मुद्दा बना महाविद्यालय का माहौल फिर से खराब कर देने का कुचक्र रच रहे हैं. इससे सीतामढ़ी जिला प्रशासन (Sitamarhi District Administration) भी अवगत है. महाविद्यालय एवं प्रधानाचार्य प्रो. ओमप्रकाश राय की सुरक्षा का इंतजाम उसने कर दिया है.

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