नीट-यूजी 2027 : बड़ा बदलाव… प्रवेश परीक्षा अब एक दिन नहीं!
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, नीट यूजी 2027 को एक ही दिन आयोजित करने के बजाय लगभग 1,000 कंप्यूटर आधारित परीक्षा केंद्रों पर 5 से 6 दिनों में विभिन्न चरणों में आयोजित किया जा सकता है. इस बदलाव को परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
एक हजार केन्द्रों पर होगी पांच से छह दिनों तक परीक्षा
बढ़ जायेगी तक पारदर्शिता और विश्वसनीयता
नयी व्यवस्था में होगी कत्प्यूटर आधारित परीक्षा
एनटीए कर रहा नयी परीक्षा प्रणाली पर गंभीर मंथन
डॉ. विजय गर्ग
07 जुलाई 2027
New Delhi: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा- नीट यूजी-वर्ष 2027 से नये स्वरूप में दिखाई दे सकती है. राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ( NTA) परीक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव की तैयारी कर रही है. प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, नीट यूजी (NEET UG) 2027 को एक ही दिन आयोजित करने के बजाय लगभग 1,000 कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) केंद्रों पर 5 से 6 दिनों में विभिन्न चरणों में आयोजित किया जा सकता है. इस बदलाव को परीक्षा की पारदर्शिता, सुरक्षा और विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. पिछले कुछ वर्षों में नीट परीक्षा (NEET Exam) से जुड़े पेपर लीक (Paper leak), नकल, फर्जी अभ्यर्थियों (Bogus Candidates) और अन्य अनियमितताओं ने परीक्षा प्रणाली पर कई सवाल खड़े किये.
बदलाव की आवश्यकता क्यों?
आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष लगभग 22 लाख से अधिक विद्यार्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं. इतने बड़े स्तर पर एक ही दिन परीक्षा आयोजित करना प्रशासनिक और सुरक्षा, दोनों ही दृष्टियों से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है. इन्हीं चुनौतियों को देखते हुए एनटीए परीक्षा प्रणाली (Examination System) का व्यापक पुनर्गठन कर रही है ताकि विद्यार्थियों का विश्वास मजबूत हो और परीक्षा निष्पक्ष एवं पारदर्शी (Fair and Transparent) बन सके. प्रस्तावित नयी व्यवस्था (Proposed new system) में परीक्षा कंप्यूटर आधारित होगी. विद्यार्थी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कंप्यूटर के माध्यम से प्रश्नों का उत्तर देंगे. इससे प्रश्नपत्रों की छपाई (Printing of question papers), परिवहन (Transportation) और वितरण (Distribution) जैसी प्रक्रियाओं में होने वाले जोखिम काफी कम हो जायेंगे. डिजिटल माध्यम अपनाने से परीक्षा संचालन अधिक सुरक्षित, तेज और प्रभावी बनाया जा सकेगा.
1,000 केंद्रों पर पांच-छह दिनों तक परीक्षा
एनटीए देशभर में लगभग एक हजार आधुनिक परीक्षा केंद्र (Modern Examination Centre) विकसित करने की योजना पर कार्य कर रही है. इन केंद्रों पर उच्च गुणवत्ता वाले कंप्यूटर, निर्बाध बिजली व्यवस्था, इंटरनेट सुविधा, सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) तथा प्रशिक्षित तकनीकी कर्मचारी उपलब्ध होंगे. इससे विद्यार्थियों को अपने घर के निकट परीक्षा केंद्र मिलने की संभावना भी बढ़ेगी और यात्रा संबंधी कठिनाइयाँ कम होंगी. नयी व्यवस्था के तहत परीक्षा एक ही दिन के बजाय पांच या छह दिनों में विभिन्न शिफ्टों में आयोजित की जा सकती है. इससे प्रत्येक दिन अपेक्षाकृत कम संख्या में परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिससे परीक्षा प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा.
इस व्यवस्था के कई लाभ हैं
परीक्षा केंद्रों (Examination Centers) पर भीड़ कम होगी, सुरक्षा व्यवस्था बेहतर होगी, तकनीकी समस्याओं का समाधान शीघ्र किया जा सकेगा, प्रशासनिक दबाव कम होगा, निगरानी अधिक प्रभावी होगी. जब परीक्षा कई दिनों में होगी तो सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि सभी अभ्यर्थियों को समान स्तर की परीक्षा मिले. इसके लिए विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रश्न बैंक और वैज्ञानिक नॉर्मलाइजेशन प्रणाली (Scientific Normalization System) का उपयोग किया जा सकता है. यह प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि अलग-अलग दिनों में परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो और सभी का मूल्यांकन समान मानकों पर किया जाये
सुरक्षा होगी पहले से कहीं अधिक मजबूत
नयी परीक्षा प्रणाली में अत्याधुनिक सुरक्षा उपाय (State-of-the-art security measures) अपनाए जाने की संभावना है, जिनमें शामिल हो सकते हैं- बायोमेट्रिक पहचान- फेस रिकग्निशन तकनीक- कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी- एन्क्रिप्टेड डिजिटल प्रश्नपत्र- रियल- टाइम मॉनिटरिंग- साइबर सुरक्षा की बहुस्तरीय व्यवस्था. इन उपायों से पेपर लीक, प्रतिरूपण और संगठित नकल जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा. नयी प्रणाली विद्यार्थियों के लिए कई मायनों में लाभकारी हो सकती है- परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी- परिणाम अपेक्षाकृत जल्दी घोषित किए जा सकेंगे- ओएमआर शीट से जुड़ी त्रुटियों की संभावना समाप्त होगी- परीक्षा केंद्रों पर बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध होंगी- शिकायतों का समाधान अधिक तेजी से हो सकेगा- परीक्षा की विश्वसनीयता बढ़ेगी.
चुनौतियाँ भी कम नहीं
इतने बड़े स्तर पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा (Computer-based examination) लागू करना आसान नहीं होगा. एनटीए को मजबूत तकनीकी ढांचा विकसित करना होगा, दूर-दराज़ क्षेत्रों तक विश्वसनीय इंटरनेट उपलब्ध कराना होगा, हजारों तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना होगा तथा सभी परीक्षा केंद्रों पर समान गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी. साथ ही, विद्यार्थियों और अभिभावकों के बीच नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर विश्वास कायम करना भी एक बड़ी जिम्मेदारी होगी. यदि नीट-यूजी 2027 कंप्यूटर आधारित परीक्षा के रूप में आयोजित होती है तो विद्यार्थियों को अभी से ऑनलाइन मॉक टेस्ट (Online Mock Test) देने की आदत विकसित करनी चाहिए. कंप्यूटर पर प्रश्न हल करने, समय प्रबंधन (Time Management) और परीक्षा इंटरफेस (Exam Interface) से परिचित होने का अभ्यास भविष्य में काफी उपयोगी सिद्ध होगा.
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एक महत्वपूर्ण पहल
हालांकि, परीक्षा का सिलेबस (Exam Syllabus) और विषयवस्तु पहले की तरह ही रहने की संभावना है. इसलिए विद्यार्थियों को अपनी अवधारणाओं को मजबूत करने और नियमित अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए. निष्कर्ष यह कि नीट- यूजी 2027 के लिए प्रस्तावित यह व्यापक बदलाव भारत की परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है. यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो इससे न केवल परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता (Impartiality and transparency) बढ़ेगी, बल्कि करोड़ों विद्यार्थियों का भरोसा भी मजबूत होगा. तकनीक के साथ बेहतर प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था का समन्वय भारत की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा (Medical Entrance Examination) को वैश्विक मानकों के अनुरूप ले जा सकता है. आने वाले वर्षों में यह सुधार देश की प्रवेश परीक्षा प्रणाली (Entrance examination system) के लिए एक नयी दिशा और नयी पहचान स्थापित कर सकता है.
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