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बिहार विश्वविद्यालय: बदल रहा शैक्षणिक माहौल

मदनमोहन ठाकुर
28 जुलाई 2025

Muzaffarpur : लंबे जद्दोजहद के बाद नियमित प्राचार्य के मामले में भीमराव अंबेदकर बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Bhimrao Ambedkar Bihar University) का लगभग कायाकल्प हो गया है. 23 जुलाई 2025 को बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा चयनित, कुलाधिपति कार्यालय द्वारा आदेशित और शिक्षा विभाग (Education Department) द्वारा आवंटित व अनुशंसित 23 नियमित प्राचार्यों की विभिन्न अंगीभूत महाविद्यालयों में एकमुश्त पदस्थापना से शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्था के चुस्त-दुरुस्त होने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. साथ में प्रभारी प्राचार्यों (Principals in Charge) की पदस्थापना को लेकर कथित रूप से जो कलंक लगा था, वह भी करीब-करीब मिट गया है.

चौंका दिया सबको

बहरहाल, नवचयनित नियमित प्राचार्यों की पदस्थापना (Posting of Principals) तो उच्च शिक्षा (Higher Education) के क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण खबर है ही, इससे मात्र एक दिन पहले 22 जुलाई 2025 को विश्वविद्यालय प्रशासन (University Administration) ने अप्रत्याशित निर्णय के तहत सात अंगीभूत महाविद्यालयों में पूर्व से जमे नियमित प्राचार्यों का स्थानांतरण (Transfer of Principals) कर सबको चौंका दिया. चौंकने का कारण संभवतः यह रहा कि लोग मान रहे थे कि नये नियमित प्राचार्यों की पदस्थापना (Posting of Principals) मुख्य रूप से उन्हीं महाविद्यालयों में होगी जहां प्रभारी प्राचार्य पदस्थापित थे. पटना विश्वविद्यालय, पटना में ऐसा ही हुआ था. परन्तु, इस विश्वविद्यालय में दूसरा खेल हो गया. वह भी बड़ी हड़बड़ाहट में.

हड़बड़ाहट का तबादला

भीमराव अंबेदकर बिहार विश्वविद्यालस के कुलपति (Vice Chancellor) प्रो. दिनेश चंद्र राय के इस निर्णय पर किसी को सोचने-समझने का समय मिलता उससे पहले कुलसचिव (Registrar) प्रो. समीर कुमार शर्मा ने सात प्राचार्यों के स्थानांतरण की अधिसूचना जारी कर दी. हड़बड़ाहट के इस तबादले का आधार जो रहा हो, सामान्य समझ यही बनी कि ऐसा इस निर्णय को बदलने के लिए राजनीतिक दबाव की गुंजाइश नहीं रहने देने के ख्याल से किया गया. स्थानांतरण कथित रूप से ऊंची राजनीतिक पहुंच (Political Access) रखने वाले प्रो. ओपी राय और प्रो. ममता रानी का भी हुआ. प्रो. ओपी राय विश्वविद्यालय की सबसे प्रतिष्ठित अंगीभूत इकाई लंगट सिंह महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Langat Singh College, Muzaffarpur) के प्राचार्य थे.

एल एस कालेज से गोयनका कालेज

सात वर्षों से लंगट सिंह महाविद्यालय में जमे प्रो. ओपी राय को सीतामढ़ी (Sitamarhi) के श्रीराधाकृष्ण गोयनका कालेज (Shri Radhakrishna Goenka College) भेज दिया गया. वहां उन्होंने पदभार भी ग्रहण कर लिया है. उम्मीद की जा रही है कि प्रो. ओपी राय की योग्यता-क्षमता-कर्मठता और अनुभव का लाभ इस महाविद्यालय को मिलेगा और शैक्षणिक मामलों में यह नया प्रतिमान गढ़ेगा. एल एस कालेज (L S College) के नाम से ज्यादा चर्चित लंगट सिंह महाविद्यालय में प्राचार्य का पद डा. कनुप्रिया को मिला है. वह पूर्व विधान पार्षद रामकुमार सिंह की पुत्री हैं. राजनीति और उच्च शिक्षा के क्षेत्र के लिए जितना चौंकाऊ प्रो.ओपी राय का एल एस कालेज से तबादला रहा उससे कहीं अधिक डा. कनुप्रिया की उस कालेज में पदस्थापना रही. हालांकि, नये नियमित प्राचार्यों की लॉटरी सिस्टम से हुई पदस्थापना में पारदर्शिता रहने की बात कही जा रही है.

ठिकाना मुजफ्फरपुर रह गया

डा. कनुप्रिया मुजफ्फरपुर के ही महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय (Mahant Darshan Das Women’s College) में प्रभारी प्राचार्य थीं. उस महाविद्यालय में नियमित प्राचार्य के तौर पर डा. अलका जायसवाल की पदस्थापना हुई है. प्रो. ममता रानी रामबृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Rambriksh Benipuri Women’s College, Muzaffarpur) में प्राचार्य का पद संभाल रही थीं. इसे पहुंच का असर कहें या भाग्य का, उनका महाविद्यालय भले बदल गया, ठिकाना मुजफ्फरपुर ही बना रह गया. तबादला उनका ललित नारायण तिरहुत महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Lalit Narayan Tirhut College, Muzaffarpur) में हुआ. रामबृक्ष बेनीपुरी महिला महाविद्यालय में नियमित प्राचार्य के रूप में डा. मधु सिंह को अवसर प्राप्त हुआ है.

तब भी 12 प्रभारी रह गये

प्रो. मनोज कुमार को नीतीश्वर महाविद्यालय, मुजफ्फरपुर (Nitishwar College, Muzaffarpur) से स्थानांतरित कर डा. राममनोहर लोहिया स्मारक महाविद्यालय (Dr. Ram Manohar Lohia Memorial College) में पदस्थापित कर दिया गया है. डा. प्रमोद कुमार नीतीश्वर महाविद्यालय के नये प्राचार्य बनाये गये हैं. मुजफ्फरपुर के महेश प्रसाद सिन्हा विज्ञान महाविद्यालय में प्रो. राजीव कुमार, रामेश्वर सिंह महाविद्यालय में प्रो. श्यामल किशोर, रामदयालु सिंह महाविद्यालय में प्रो. शशिभूषण कुमार और महिला शिल्प कला भवन महाविद्यालय में डा. प्रकाश कुमार सिंह की पदस्थापना हुई है. जानने वाली बात यह भी है कि 23 नये नियमित प्राचार्यों की पदस्थापना के बाद भी 12 महाविद्यालयों में प्रभारी प्राचार्योंं को बैठाने और उठाने का खेल जारी रहने की गुंजाइश बची हुई है.