मुकेश पाठक : गया फिर जेल… लोग समझ रहे खेल!

विष्णुकांत मिश्र
31 जुलाई 2025
MOTIHARI : जेल की कालकोठरी का दंश वर्षों झेलने के बाद शातिर सरगना मुकेश पाठक उर्फ चुटुल पाठक उर्फ आदित्य कुमार करीब पांच माह पूर्व 02 मार्च 2025 को खुली हवा में आया. तब से पूर्वी चंपारण (East Champaran) जिले के मेहसी थाना (Mehsi Police Station) क्षेत्र स्थित अपने पैतृक गांव मरूआबाद (Desert) में अतीत को गुन रहा था. भविष्य का तानाबाना बुन रहा था. तभी अपराध (Crime) के एक नये मामले में गिरफ्तार हो गया. इतनी जल्दी वह जेल (Jail) की कालकोठरी में लौट जायेगा, किसी को विश्वास नहीं हुआ. विश्वास हो या नहीं, पर यह सच है. एक दो आना नहीं, पूरे सोलह आना सच.
अपहरण का आरोप
मुकेश पाठक (Mukesh Pathak) की गिरफ्तारी (Arrest) मेहसी थाना क्षेत्र के नेयामतगंज के रंजीत कुमार द्वारा दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के आलोक में हुई. प्राथमिकी में जमीन कब्जियाने, भाई व भतीजों को अगवा कर मारपीट करने तथा रंगदारी (Extortion) मांगने का आरोप है. मुकेश पाठक वर्षों कालकोठरी में क्यों रहा, फिर खुली हवा में कैसे आया, यह कोई छिपा रहस्य नहीं है कि मुकेश पाठक को दरभंगा (Darbhanga) जिले के बहेड़ी (Beheri) थाना क्षेत्र के शिवराम चौक (Shivram Chowk) पर 26 दिसंबर 2015 को हुई रोड कंस्ट्रक्शन कंपनी (Road Construction Company) के दो इंजीनियरों ब्रजेश कुमार सिंह (Brajesh Kumar Singh) एवं मुकेश कुमार सिंह (Mukesh Kumar Singh) की हत्या के मामले में मार्च 2018 में उम्रकैद (life Imprisonment) की सजा मिली थी. सजा दरभंगा की निचली अदालत ने सुनायी थी.

दोषमुक्त कर दिया
सजा सिर्फ मुकेश पाठक को ही नहीं, अपराध जगत में कथित रूप से उसके गुरु रहे संतोष झा (Santos Jha), कुख्यात सहयोगी अभिषेक झा (Abshek Jha) और विकास झा उर्फ कालिया (Vikas Jha alias Kalia) समेत दस आरोपितों को. लेकिन, आजीवन कारावास की सजा पटना उच्च न्यायालय में नहीं टिक पायी. ठोस साक्ष्य व सबूत के अभाव में पटना उच्च न्यायालय (Patna High Court) ने 11 दिसंबर 2024 को मुकेश पाठक उर्फ चुटुल पाठक उर्फ आदित्य कुमार समेत सभी दस आरोपितों को दोषमुक्त (Blameless) कर दिया. 02 मार्च 2025 को मुकेश पाठक जेल से बाहर आ गया. चौंकने वाली बात रही कि 25 जुलाई 2025 को गिरफ्तार हो फिर जेल पहुंच गया.
हो गयी दोस्ती से दुश्मनी
इसे दस्तूर भी कह सकते हैं, जरायम की दुनिया में दोस्ती आमतौर पर शक शुबहा की बुनियाद पर टिकी होती है. इस कारण उसकी डोर बहुत कमजोर होती है. टूटती है तो फिर जानी दुश्मनी में बदल जाती है. ताजा उदाहरण बक्सर के दो दुर्दांत अपराधियों चंदन मिश्र (Chandan Mishra) और ओंकारनाथ सिंह उर्फ शेरू सिंह (Omkarnath Singh alias Sheru Singh) की दोस्ती का है. दोनों की दोस्ती शोले फिल्म के जय और वीरू (Jai and Veeru) की तरह थी. बक्सर (Buxar) के अपराध जगत (Crime world) में खुद के वर्चस्व के लिए दुश्मनी ठनी तो चंदन मिश्र उसकी भेंट चढ़ गया. कैसे और किस रूप में यह दुनिया देख-सुन रही है. ऐसी ही अटूट दोस्ती पूर्वी चंपारण के कुख्यात मुकेश पाठक और शिवहर (Shivhar) के शातिर संतोष झा (Santos Jha) की मानी जाती थी. उसकी खूनी परणति संतोष झा की हत्या के रूप में हुई. चंदन मिश्र को 17 जुलाई 2025 को पटना के पारस अस्पताल (Paras Hospitel) में मौत के मुंह में झोंक दिया गया तो 28 अगस्त 2018 को संतोष झा को सीतामढ़ी कोर्ट परिसर में छलनी कर दी गयी.

कसम खा रखी है कालिया ने…
चंदन मिश्र की हत्या का चश्मदीद दुर्गेश ठाकुर है. पृष्ठभूमि उसकी क्या है, नहीं मालूम. प्रतिशोध (Vengeance) का दमखम है, यह भी नहीं मालूम. संतोष झा की हत्या के चश्मदीदों में विकास झा उर्फ कालिया भी था. उसका सबसे विश्वसनीय शागिर्द. जानकारों के मुताबिक अब तो दिवंगत संतोष झा का दामाद ही है वह. कहते हैं कि हत्या के वक्त वह भी उसी कोर्ट परिसर में था. संतोष झा को तड़पते-छटपटाते देख उसने उन तमाम लोगों को एक-एक कर काल के गाल में डाल देने की सौगंध खायी थी जो प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष उसमें शामिल थे. विकास झा उर्फ कालिया फिलहाल दिल्ली के तिहाड़ जेल (Tihar Jail) में है. वहीं से फरमान जारी होता है और संदिग्धों की सूची में शामिल लक्षित व्यक्ति का काम तमाम कर दिया जाता है.
बड़े खतरे की आशंका
बताया जाता है कि मुकेश पाठक से जुड़े ऐसे आधा दर्जन लोगों की हत्या अब तक हो चुकी है. अंडरवर्ल्ड (Underworld) के सूत्रों के मुताबिक जेल से निकलने के बाद मुकेश पाठक भी सीधे तौर पर विकास झा उर्फ कालिया गिरोह के निशाने पर आ गया था. जिस नये मामले में मुकेश पाठक की गिरफ्तारी हुई है, उसकी सत्यता पर सवाल नहीं उठाया जा रहा है, लेकिन अपराध जगत में चर्चा है कि यह ‘प्रायोजित प्राथमिकी’ है. कहते हैं कि खुली हवा में बड़े खतरे की आशंका के मद्देनजर मुकेश पाठक ने गिरफ्तारी के रूप में अपनी सुरक्षा का इंतजाम कर लिया है. लेकिन, जेल कितना सुरक्षित है यह उससे ज्यादा और कोई शायद ही जानता-समझता होगा.
#tapmanlive

