बेगूसराय : कुख्यात का खात्मा…

महेश कुमार सिन्हा
02 अगस्त 2025
Begusarai : कुख्यात डब्ल्यू यादव मारा गया. उत्तर प्रदेश एसटीएफ (UP STF) की नोएडा इकाई ने हापुड़ (Hapur) जिले के सिंभावली (Simbhawali) थाना क्षेत्र में बिहार के इस आतंक को मुठभेड़ (Encounter) में मार गिराया. मुठभेड़ में बिहार का एसटीएफ (Bihar STF) भी उसके साथ था. इसको इस रूप में भी घुमा कर कह सकते हैं कि बिहार के एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश के एसटीएफ के सहयोग से डब्ल्यू यादव (Dablu Yadav) का काम तमाम कर दिया. श्रेय जो कोई ले, उस र्दुदांत के खात्मे से उन तमाम लोगों को सुकून मिला, जिनकी जिंदगी में उसकी आपराधिक करतूतों से अंधेरा छा गया था. संदलपुर (Sandalpur) के इन्द्रदेव साह और उनकी पत्नी शकुन्तला देवी के तड़पते कलेजे को कुछ अधिक ठंढ़क मिला होगा जिनके जवान हो रहे पुत्र राकेश कुमार उर्फ विकास साह ( Rakesh Kumar alias Vikas Shah )को यह दरिंदा अकारण निगल गया था. विकास साह ‘हम’ पार्टी (HUM Party) से जुड़ा था.
पत्नी है बेगूसराय जेल में
बेगूसराय जिले के एक बड़े हिस्से में वर्षों से आतंक फैला रखा डब्ल्यू यादव साहेबपुर कमाल (Sahabpur Kamal) थाना क्षेत्र के ज्ञानटोल (Gyamtol) निवासी सूर्यनारायण यादव उर्फ सूरज यादव का बेटा था. उसकी पत्नी सीता देवी संदलपुर पंचायत की सरपंच (Sarpanch of Sandalpur Panchayat) है. राकेश कुमार की ही हत्या के मामले में बेगूसराय जेल में बंद है. गिरफ्तारी फुलमलिक गांव (Fulmalik Village) के गौरव कुमार की मां रानी देवी की भी हुई थी. मामले में ये तीनों भी आरोपित हैं. हापुड़ की मुठभेड़ से कुछ दिन पहले गौरव कुमार भी हरियाणा (hariyana) के मानसेर में पकड़ा गया था. ऐसा माना जाता है कि उससे ही मिली जानकारी के आधार पर बिहार का एसटीएफ डब्ल्यू यादव को पकड़ने के लिए हापुड़ गया था.

बेगूसराय पुलिस का सिरदर्द
सिंभावली थाना क्षेत्र में वह जाल में फंस रहा था, तब पुलिस पर गोली चला भागने का प्रयास करने लगा. उसी क्रम में पुलिस से उसकी मुठभेड़ हुई और कहानी खत्म हो गयी. दो दर्जन से अधिक मामलों में आरोपित डब्ल्यू यादव मूल रूप से बेगूसराय के बरौनी (Barauni) का रहने वाला था. कहते हैं कि साहेबपुर के ज्ञानटोल में उसका ननिहाल था, वहीं बस गया था. तकरीबन 15 वर्षों से बेगूसराय पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था. पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था. ज्ञानटोल के बगल में है संदलपुर. इसी गांव का था इन्द्रदेव साह का पुत्र राकेश कुमार उर्फ विकास साह. उसकी मां शकुन्तला देवी वार्ड पार्षद हैं.

गाड़ दिया था जमीन में
राकेश कुमार केन्द्रीय मंत्री (Union Minister) जीतनराम मांझी (Jeetanram Manjhi) की पार्टी ‘हम’ का साहेबपुर कमाल प्रखंड अध्यक्ष था. प्रखंड बीस सूत्री कार्यक्रम कार्यान्वयन समिति की सदस्यता भी मिली हुई थी. राकेश कुमार के बड़े भाई विवेक कुमार के मुताबिक राजनीति से अलग वह गांव में किराना की दुकान चलाता था और मुर्गी फार्म का व्यवसाय भी करता था. 24 मई 2025 को शाम साढ़े सात बजे गांव में ही किसी मुद्दे पर बकझक हुई और डब्ल्यू यादव तथा उसके गिरोह के लोग राकेश कुमार को घसीटते हुए गंगा की तरफ चले गये. पांच दिन बाद 29 मई 2025 को सीताचरण दियारा में क्षत-विक्षत अवस्था में उसकी लाश मिली. पुलिस के मुताबिक हत्या के बाद अपराधियों ने राकेश कुमार को जमीन में गाड़ दिया था. सीताचरण दियारा (Sita Charan Diara) मुंगेर मुफस्स्लि थाना क्षेत्र में है. डब्ल्यू यादव का यह पहला जघन्य अपराध नहीं था. इससे पहले अपनेे खिलाफ गवाही देने वाले महेन्द्र यादव की भी हत्या उसने कुछ इसी तरह से कर दी थी. कहते हैं कि उससे अधिकतर यादव समाज के लोग ही त्रस्त थे.
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