विधानसभा चुनाव : तब भी लोजपा और रालोमो की है नजर डुमरांव पर

राजकिशोर सिंह
10 अगस्त 2025
Dumraon : बक्सर (Buxar) जिले के डुमरांव विधानसभा क्षेत्र से भाजपा (BJP) के चुनाव लड़ने की संभावना तनिक भी नहीं है. तब भी कहीं एनडीए (NDA) में सीटों का बंटवारा नये सिरे से हुआ और डुमरांव भाजपा के हिस्से में गया तब प्रतिभा सिंह (Pratibha Singh) की मजबूत दावेदारी हो सकती है. वैसे, आरएसएस (RSS) की पृष्ठभूमि वाले रामकुमार सिंह (Ramkumar Singh) , डुमरांव महाराज (Dumraon Maharaj) के पौत्र शिवांग विजय सिंह (Shivang Vijay Singh) आदि भी चाहत रखते हैं. 2020 में निर्दलीय किस्मत आजमा 09 हज़ार 390 मत हासिल करने वाले शिवांग विजय सिंह के बारे में बताया जाता है कि वह जदयू (JDU) के संपर्क में भी हैं. वैसे, जनसुराज पार्टी के संभावित उम्मीदवार के तौर पर भी उनके नाम की चर्चा होती है.
इस बार भी हैं दावेदार
शिवांग विजय सिंह की चुनावी चाहत किस दल में और कैसे पूरी होगी, यह वक्त बतायेगा. 2020 में अरविंद प्रताप शाही उर्फ बंटी शाही रालोसपा (RLSP) के और अखिलेश कुमार सिंह लोजपा (LJP) के उम्मीदवार थे. अरविंद प्रताप शाही उर्फ बंटी शाही को 11 हजार 517 और अखिलेश कुमार सिंह को 06 हजार 474 मत मिले थे. इस बार भी अपने-अपने दल से दोनों दावेदार हैं. अरविंद प्रताप शाही उर्फ बंटी शाही के लिए रालोमो (Ralomo) सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा (Upendra kushwaha) क्या कुछ करेंगे, यह नहीं कहा जा सकता. पर, बक्सर जिला लोजपा-आर (LJP-R) अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह के लिए चिराग पासवान (Chirag Paswan) जरूर जोर लगा सकते हैं.
तैयारी पुत्र पर दांव खेलने की
चिराग पासवान के विश्वस्तों में शुमार अखिलेश कुमार सिंह तकरीबन सोलह वर्षों से लोजपा से जुड़े हुए हैं. उधर, 2020 की तरह दांव चल पाये या नहीं, डुमरांव विधानसभा क्षेत्र से चार बार निर्वाचित हुए ददन सिंह यादव उर्फ ददन पहलवान (Dadan singh Yadav Urph Dadan pahalawan) 2025 में भी चुनावी अखाड़े में होंगे. वैसे, चर्चा यह भी है कि इस बार उनकी तैयारी पुत्र पर दांव खेलने की है. समझा जाता है कि खुद लड़ें या पुत्र, उम्मीदवार बसपा (BSP) के होंगे. सीटिंग होने के नाते महागठबंधन (Mahagathbandhan) में यह सीट भाकपा-माले (CPI-ML) के हिस्से में रहेगी, यह तय है. इसके बाद भी राजद (RJD) नेता सत्येन्द्र सिंह यादव (Satyendra Singh Yadav) अपनी दावेदारी जता रहे हैं. पूरे दमखम के साथ चुनाव की प्रारंभिक तैयारियों में भी जुटे हुए हैं.
कर दे सकते हैं खेल खराब
लोग बताते हैं कि डुमरांव क्षेत्र में सत्येन्द्र सिंह यादव की बहुत अच्छी पकड़ है. स्वजातीय यादव समाज में ही नहीं, अन्य सामाजिक समूहों में भी उनकी स्वीकार्यता है. वरिष्ठ पत्रकार एस एन श्याम का मानना है कि राजद नेतृत्व सत्येन्द्र सिंह यादव की जनप्रियता का सम्मान नहीं करता है, तो निर्दलीय मैदान में उतर वह महागठबंधन का खेल खराब कर दे सकते हैं. क्या होगा क्या नहीं, यह वक्त बतायेगा.
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