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बड़ा सवाल : कत्ल मोहब्बत की या इज्जत का ?

विकास कुमार
11 अगस्त 2025
Darbhanga : सामाजिक प्रतिष्ठा की खातिर हत्या! अंग्रेजी में इसे आनर किलिंग कहते हैं. वैसे, आमतौर पर आनर किलिंग (Honor Killing) वह मानी जाती है जब किसी महिला का आचरण कुल-खानदान की मर्यादा के विपरीत होने पर परिवार के लोग उसकी हत्या कर देते हैं. वर्णित वारदात सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ी उसी प्रकृति की तो है, पर प्रत्यक्ष रूप में आनर किलिंग नहीं है. मामला दरभंगा का है. एक सिरफिरे बाप ने दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (Darbhanga Medical College and Hospital) के समीप असंख्य आंखों के सामने दामाद को गोली मार दी. लड़खड़ाता जख्मी दामाद पत्नी की गोद में गिरा और शांत पड़ गया. बिल्कुल बेखौफ आंदाज में दिन के उजाले में हुई इस बर्बरता से दरभंगा दहल उठा. बाप के वहशीपन को देख-सुन लोग सन्न रह गये.

पिता को बताया हत्यारा

इस कहानी का एक अध्याय यह सवाल छोड़ खत्म हो गया कि आखिर, बाप ने बेटी को विधवा क्यों बना दिया? पूरी कहानी जानने की जिज्ञासा हर किसी की जगी होगी. इसकी चर्चा आगे की जायेगी. पहले वारदात की बाबत वहशी बाप की तुंरत- तुरंत विधवा बनी बेटी तनु प्रिया (Tanu Priya) क्या कहती है, यह जानते हैं. घटनास्थल पर उस दिन छाती पीटती बदहवास तनु प्रिया ने चश्मदीद के तौर पर पिता प्रेमशंकर झा (Premshankar Jha) को अपने पति का हत्यारा बताया. कहा कि पिता ने ही उसके पति को गोली मारी. साथ में दूसरा कोई नहीं था. लेकिन, यह भी कहा कि हत्या की साजिश रचने वालों में परिवार के सभी सदस्य शामिल हो सकते हैं. मां गुंजन कुमारी, दादी अरुणा देवी, बहन प्रीति कुमारी, बहनोई सन्नी आनंद और भाई अश्विनी वत्स एवं अवनी वत्स सभी.

उसका भी काम तमाम हो जाता

लोग इसे गहरे सदमे और गुस्से का बयान कह सकते हैं, लेकिन एकबारगी खारिज भी नहीं कर सकते हैं. इसलिए कि इसमें कुछ न कुछ परिस्थितिजन्य सच्चाई हो सकती है. मृत राहुल कुमार (Rahul Kumar) के पिता गणेश मंडल (Ganesh Mandal) ने थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी है. उसमें प्रेमशंकर झा के अलावा तीन और लोगों को नामजद किया गया है. 45 वर्षीय प्रेमशंकर झा सहरसा (Sarhasa) जिले के महिषी (Mahishi) थाना क्षेत्र के बनगांव (Bangaon) का रहने वाला है. इस गांव को मैथिल ब्राह्मणों का ठठ माना जाता है. संजय मेडिको (Sanjay Medico) के नाम से प्रेमशंकर झा गांव में दवा की दुकान चलाता है. अभी पटना मेडिकल कालेज अस्पताल (Patna Medical College Hospital) में इलाजरत है. राहुल कुमार की हत्या से आक्रोशित छात्रों ने घटनास्थल पर उसकी निर्मम पिटाई कर दी थी. प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि छात्रों का गुस्सा इतना विकराल था कि वहां मौजूद लोग हस्तक्षेप नहीं करते तो उसका भी वहीं काम तमाम हो जाता.

सब खत्म हो गया

एक प्राथमिकी प्रेमशंकर झा की पिटाई के मामले में भी दर्ज हुई है. तनु प्रिया को उसके अंतर्जातीय विवाह (Inter Caste Marriage) की ऐसी ही दर्दनाक परिणति की आशंका थी. इस आशय का सनहा भी उसने दर्ज करा रखा था. राहुल कुमार सुपौल (Supaul) जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के दुल्लीपट्टी (Dullipatti) गांव निवासी गणेश मंडल और अनिता देवी का 25 वर्षीय पुत्र था. दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में बीएससी नर्सिंग (B.Sc Nursing) की पढ़ाई करता था. सेकेंड सेमेस्टर का छात्र था. पिता गणेश मंडल किसान हैं. बड़ी उम्मीद लिये पुत्र को इस मुकाम पर लाने के लिए उन्होंने सब कुछ दांव पर लगा दिया था. काफी धन भी खर्च किया था. सब एक झटके में खत्म हो गया. घर का इकलौता चिराग बुझ गया. अंधेरे में घिर गयी जिन्दगी अब निरर्थक-सी हो गयी है.

अनिश्चितता की धुंध

दरभंगा मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में ही बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई करती है तनु प्रिया. फर्स्ट सेमेस्टर की छात्रा है. इस हादसे के बाद उसकी पढ़ाई जारी रहेगी, इस पर अनिश्चितता की धुंध छा गयी है. दरभंगा मेडिकल कालेज अस्पताल के छात्रावास में ऊपर-नीचे के कमरे में रहने के दरमियान राहुल कुमार और तनु प्रिया की आंखें चार हुईं और कुछ समय बाद 05 मई 2025 को दोनों दाम्पत्य सूत्र में बंध गये. शादी की रस्म अदायगी परिवार-समाज में नहीं, मंदिर और अदालत में पूरी हुई. चर्चाओं पर भरोसा करें, तो इस शादी पर राहुल कुमार के परिजनों को कोई आपत्ति नहीं हुई. कारण संभवतः यह कि तनु प्रिया ब्राह्मण परिवार से है. सामाजिक ढांचे में निम्न स्तरीय जाति से वह होती तो जैसी बौखलाहट प्रेमशंकर झा के परिवार में हुई, कमोबेश वैसी ही गणेश मंडल के परिवार में दिखती.

परिवार की प्रतिष्ठा

बहरहाल, मीडिया (Media) में जो बातें आ रही हैं, उसके मुताबिक शादी से पहले प्रेम-प्रसंग की चर्चा गांव-घर में होने लगी तब प्रेमशंकर झा ने तनु प्रिया को परिवार की प्रतिष्ठा का ख्याल रख घर की चौखट नहीं लांघने के लिए समझाया. राहुल कुमार के परिवार वालों से भी बात की. सामाजिक मान-सम्मान की दुहाई दी. बात नर्सिंग कालेज की प्राचार्या गुड़िया कुमारी (Gudiya Kumari) के समक्ष भी पहुंची. कहते हैं कि उन्होंने भी समझाने का प्रयास किया. किसी भी प्रयास का कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला. मंदिर में हुई हो या अदालत में, शादी हो गयी. मामला फिर पुलिस और अदालत में गया. फैसला तनु प्रिया और राहुल कुमार के पक्ष में आया. ऐसा स्वाभाविक भी था. दोनों बालिग थे और शादी भी दोनों की मर्जी से हुई थी.

अब क्या होगा?

कहते हैं कि उस फैसले के बाद प्रेमशंकर झा विचलित हो गया. इस बीच शादी प्रकरण को लेकर गांव-समाज में इधर-उधर की बातें होने लगीं. इज्जत का सवाल तो अपनी जगह था ही, दकियानूसी लोगों की चुभने वाली बातों से संतुलन खो उसने 05 अगस्त 2025 को दरभंगा में बेटी के सामने उसके पति को मौत के घाट उतार दिया. उसके इस वहशीपन से राहुल कुमार का परिवार तो उजड़ ही गया, खुद के परिवार की बर्बादी की भी बुनियाद उसने डाल दी. इसको इस रूप में भी देखा जा सकता है कि रूढ़ीवादिता आधारित उसके गुस्से का दुष्परिणाम यह निकला कि एक पुत्र मर गया. एक बेटी विधवा हो गयी. एक पिता की शेष जिन्दगी जेल में कटेगी और एक पिता ताउम्र पुत्र शोक में घुलता रहेगा. इसके साथ यह भी कि तनु प्रिया की जिन्दगी का अब क्या होगा?

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