बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड : दिखने लगा बदलाव

विजय शंकर पांडेय
28 अगस्त 2025
Patna : बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (Bihar Sanskrit Education Board) का 36 वर्षों बाद पुनर्गठन हुआ है. मृत्युंजय कुमार झा को अध्यक्ष बनाया गया है. पूर्व के वर्षों में क्या हुआ क्या नहीं यह एक अलग विषय है, मृत्युंजय कुमार झा (Mrityunjay Kumar Jha) के अध्यक्ष पद संभालने के बाद बोर्ड की कार्य संस्कृति तो बदल ही रही है, संस्कृत शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक बदलाव परिलक्षित हो रहा है. मृत्युंजय कुमार झा ने संस्कृति, संस्कार और आत्मिक चेतना से जुड़ी शिक्षा के लिए संस्कृत विद्यालयों में रामचरितमानस, भागवत पुराण और भगवद्गीता का पाठ कराने का निर्णय किया है. प्रबुद्ध वर्ग में इसकी खूब सराहना हो रही है.
आदर्श संस्कृत विद्यालय
मृत्युंजय कुमार झा का मानना है कि संस्कृत केवल शिक्षा का विषय भर नहीं है, यह भारत की आत्मा है. आधुनिक तकनीक से जोड़कर इसे ज्यादा उपयोगी बनाने का कार्य शुरू कर दिया गया है. उनके मुताबिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड की समस्त कार्य-प्रणाली ऑनलाइन करने का काम चल रहा है. वेबसाइट और पोर्टल का लोकार्पण हो चुका है. संस्कृत शिक्षा में पारदर्शिता और गुणवत्ता उनकी प्राथमिकता है. राज्य के तकरीबन एक हजार से अधिक संस्कृत विद्यालयों में से 47 को आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने की उनकी योजना है. हर प्रमंडल में ऐसे कम से कम पांच संस्कृत विद्यालय अवश्य होंगे.
शैक्षणिक प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे
महत्वपूर्ण बात यह भी है कि राज्य के 400 से अधिक मठ-मंदिरों में वेद-शास्त्रों (Veda-shastras) का अध्ययन कर रहे बच्चों को भी गुरुकुल परंपरा से जोड़ते हुए शैक्षणिक प्रमाण-पत्र दिये जायेंगे. इसके लिए धार्मिक न्यास पर्षद (Religious Trust Board) के साथ कार्य योजना बनायी जा रही है. इस बीच बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के तत्वावधान में पटना में संस्कृत दिवस (Sanskrit Day) समारोह का आयोजन किया गया. उसमें प्रदेश के 648 प्रस्वीकृत संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाध्यापक भी शामिल हुए. कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रधानाध्यापकों की कार्यशाला आयोजित हुई.

वेबसाइट एवं पोर्टल का लोकार्पण
उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ , कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University) के कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पाण्डेय एवं बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने संयुक्त रूप से किया. कार्यशाला में संस्कृत में रोजगार की संभावनाएं (Employment opportunities in Sanskrit) एवं कम्प्यूटर आधारित संस्कृत शिक्षा-प्रणाली (Computer Based Sanskrit Education System) पर बल दिया गया. द्वितीय सत्र में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष डा. दिलीप जायसवाल, कुलपति प्रो. लक्ष्मीनिवास पाण्डेय एवं बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने संयुक्त रूप से बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के वेबसाइट एवं पोर्टल का लोकार्पण किया.
संशोधित व संवर्धित पाठ्यक्रम
इस अवसर पर बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड द्वारा नूतन शिक्षा नीति : 2020 (New Education Policy : 2020) पर आधारित संशोधित एवं संवर्धित वर्ग एक से 10 तक के पाठ्यक्रम को भी विमोचित किया गया. कार्यक्रम में प्रदेश के उन 14 संस्कृत विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया जहां के छात्रों का परिणाम संख्या अधिक थी. कार्यक्रम में संस्कृत शिक्षा बोर्ड एवं पाठ्यक्रम निर्माण उपसमिति के सदस्यों को भी सम्मानित किया गया.
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