बिहार : तब लग जायेगा राष्ट्रपति शासन

विकास कुमार
09 सितम्बर 2025
Patna : कोई अनहोनी नहीं हुई, तो बिहार (Bihar) में विधानसभा के चुनाव (Assembly Election) तय समय पर ही होंगे. निर्वाचन आयोग (Election Commission) सितम्बर के अंतिम सप्ताह या अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में दुर्गा पूजा के बाद चुनाव कार्यक्रम (Election Program) की घोषणा कर सकता है. 22 नवम्बर 2025 से पहले नयी विधानसभा के गठन (Formation of Assembly) की संवैधानिक बाध्यता के कारण ऐसा अनिवार्य है. वैसे, मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision of Voter List) में फंस रहे पेंच-दर-पेंच के चलते कुछ समय के लिए चुनाव के टल जाने का खतरा भी बड़ा आकार लिये हुए है. ऐसा कोई खतरा उत्पन्न न हो, यह पूरी तरह से पुनरीक्षण की रफ्तार और सर्वाेच्च अदालत (Supreme Court) के रुख पर निर्भर करेगा.
आयोग का दावा
विश्लेषकों का मानना है कि किसी कारणवश पुनरीक्षण अपूर्ण रह जाता है तब पहले की मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने या फिर इसे कुछ समय के लिए आगे बढ़ा देने की विवशता पैदा हो जा सकती है. हालांकि, निर्वाचन आयोग का दावा है कि पुनरीक्षण का काम लगभग पूरा हो चुका है. 30 सितम्बर 2025 को पुनरीक्षित मतदाता सूची (Revised Voter List) प्रकाशित कर दी जायेगी. इसके बाद की विशेष परिस्थितियों में चुनाव टला तो उसके संपन्न होने तक नीतीश कुमार को ‘कार्यवाहक मुख्यमंत्री’ के तौर पर बनाये रख बिहार में राष्ट्रपति शासन (President’s rule in Bihar) लागू कर दिया जा सकता है.

अदालत के रुख पर निर्भर
उस स्थिति में सियासत में नया तूफान खड़ा हो जा सकता है. मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को ‘वोट चोरी’ बता आसमान सिर पर उठा रखे विपक्ष को यह शायद ही मान्य होगा. निश्चित तौर पर वह पहले की ही मतदाता सूची के आधार पर चुनाव कराने की मांग उठायेगा, उस पर जोर देगा. मामले को सर्वाेच्च अदालत में भी ले जा सकता है. ऐसे में सब कुछ सर्वाेच्च अदालत के रुख पर निर्भर हो जायेगा. क्या होगा क्या नहीं यह वक्त बतायेगा.
पहले भी हुआ था ऐसा
चुनाव टलने पर राष्ट्रपति शासन लागू हुआ तो वह बिहार के लिए कोई पहला अनुभव नहीं होगा. 1995 में भी समय पर चुनाव संपन्न नहीं हो पाने के कारण मार्च-अप्रैल में सात दिनों के लिए राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था. तब केन्द्र में कांग्रेस (Congress) की सरकार थी. पी वी नरसिंह राव (P V Narasimha Rao) प्रधानमंत्री थे. बिहार में जनता दल (Janta Dal) की सरकार थी और लालू प्रसाद (Lalu Prasad) मुख्यमंत्री थे.
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