कुंदन सिंह की पीड़ा : जबरन बता दिया बाहुबली

प्रवीण कुमार सिन्हा
13 अक्तूबर 2025
Hasanpur (Samastipur) : कुंदन सिंह… सामाजिक न्याय की राजनीति के दौर के उन खौफनाक चेहरों में शामिल थे, जिनका नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे. समस्तीपुर जिले के हसनपुर के रहने वाले हैं कुंदन सिंह. पारिवारिक पृष्ठभूमि समाजसेवा की रही है. लेकिन, शुरुआती दौर में उनके पांव बहक गये. कई तरह के आरोप लगे. बहुचर्चित रोसड़ा नरसंहार से वह ज्यादा चर्चित हुए. हालांकि, कुंदन सिंह का कहना रहा कि रोसड़ा नरसंहार से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं था. उनकी राजनीति खत्म कर देने के लिए विरोधियों ने साजिश रच उन्हें बेवजह फंसा दिया. हाल में तापमान लाइव से बातचीत में वह थोड़ा और खुले. कहा कि उनका कभी किसी से कोई विवाद नहीं रहा. अब भी नहीं है. वह विवाद रखना भी नहीं चाहते हैं. बची हुई जिंदगी जनसेवा में समर्पित कर रखे हैं. पत्नी सुनीता सिंह और भतीजा सुजीत सिंह, सभी समाजसेवा में लगे हैं. वह इसे विस्तार दे रहे हैं.
जनता का लक्ष्य एकमात्र लक्ष्य
कुंदन सिंह के मुताबिक छात्र जीवन से ही वह राजनीति और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय रहे हैं. विरोधियों ने झूठे आरोपों में घेर न सिर्फ उनकी राजनीतिक छवि खराब करने की कोशिश की, बल्कि क्षेत्र की जनता से दूर रखने का भी षड्यंत्र रचा. उसी क्रम में उन्हें ‘बाहुबली’ बता दिया गया. जबकि वह सनातन के सच्चे सिपाही हैं. हकीकत में धर्मबली हैं, बाहुबली नहीं. राजनीति में वह खुद के स्वार्थ के लिए सक्रिय नहीं हैं. उनका एकमात्र लक्ष्य जनता का हित है. कुंदन सिंह ने इसी साल 23 से 31 मई 2025 तक हसनपुर प्रखंड के औरा गांव में तकरीबन तीन करोड़ के खर्च से श्रीश्री 1008 श्रीविष्णु महायज्ञ-सह-श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन कराया था. उसमें प्रसिद्ध कथावाचक जया किशोरी जी की कृपापूर्ण उपस्थिति रही.
हर साल करवायेंगे विवाह
कुंदन सिंह का कहना रहा कि जनभावना का कद्र कर वह इस आयोजन का माध्यम भर बने थे. सारा कुछ जनता द्वारा किया गया था. महायज्ञ की महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि उसमें 121 से अधिक कन्याओं का सामूहिक विवाह कराया गया. उन्हें उपहार भी दिये गये. इस सफल आयोजन के बाद कुंदन सिंह ने प्रण किया है कि वह प्रत्येक वर्ष हसनपुर विधानसभा क्षेत्र के 02 मुस्लिम और 09 हिन्दू गरीब कन्याओं का विवाह करवायेंगे, उपहार भी देंगें. कुंदन सिंह का जुड़ाव लोजपा (रामविलास) से है. उनके मुताबिक यह आज का जुड़ाव नहीं है. लोजपा के गठन के पहले से ही वह रामविलास पासवान से जुड़े रहे हैं. उन्हें ही वह अपनी राजनीति का प्रेरणा स्त्रोत मानते हैं.
तब भी साथ रहेंगे
कुंदन सिंह की इच्छा हसनपुर से चुनाव लड़ने की है. कहते हैं कि लोजपा (रामविलास) की उम्मीदवारी मिली तो वह या उनकी पत्नी सुनीता सिंह चुनाव लड़ेंगी. उनके मुताबिक हसनपुर क्षेत्र की जनता भी चाहती है कि इस बार वह या उनकी पत्नी सुनीता सिंह चुनाव लड़ें. जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं. चुनाव वह लड़ेंगे, लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार के रूप में ही. उस पार्टी की उम्मीदवारी नहीं मिली तो वह या उनकी पत्नी चुनाव नहीं लड़ेंगी. पूरी तरह से एनडीए के साथ ही रहेंगे.
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