ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय : दीक्षांत समारोह में मिलीं डिग्रियां

तापमान लाइव ब्यूरो
22 नवम्बर 2025
Darbhanga : ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा (LNMU, Darbhanga) के 11वें दीक्षांत समारोह (Convocation Ceremony) में कई नामचीन हस्तियों की मौजूदगी रही. समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल-सह-कुलाधिपति (Governor-cum-Chancellor) आरिफ मोहम्मद खां ने की. शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नयी दिल्ली (Education Culture Upliftment Trust, New Delhi) के राष्ट्रीय सचिव डा. अतुल कोठारी मुख्य वक्ता, आईआईटी पटना के निदेशक प्रो टी. एन. सिंह सम्मानित अतिथि तथा राज्यपाल के प्रधान सचिव (Principal Secretary to the Governor) रॉबर्ट एल चोंग्थु (Robert L Chongthu) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित हुए. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी (VC Sanjay Kumar Choudhary) ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि कुलाधिपति के कुशल नेतृत्व में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय नित्य नए-नए आयाम को प्राप्त कर रहा है.
शैक्षणिक माहौल में सुधार
शैक्षणिक माहौल (Educational Environment) में भी तेजी से सुधार हो रहा है. विश्वविद्यालय के सभी सत्र नियमित हैं तथा परीक्षाफल का प्रकाशन भी ससमय हो रहा है. नियमित नियुक्ति से शिक्षकों की काफी हद तक कमी दूर हुई है. अतिथि शिक्षकों (Guest Teachers) की नियुक्ति से शिक्षा में गुणात्मक सुधार (Qualitative Improvement) हो रहा है. 4 वर्षीय स्नातक प्रथम सेमेस्टर सीबीसीएस के तहत 2025-29 में कुल 01 लाख 62 हजार 500 छात्र-छात्राओं ने नामांकन लिया है. कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने गर्व के साथ कहा कि ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय बिहार का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जिसने नैक के तृतीय चरण को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए 2023 में बी प्लस प्लस ग्रेड प्राप्त किया है. इसे 2024 में पीएम उषा के तहत शोध विश्वविद्यालय का दर्जा मिला है.

पहला विश्वविद्यालय
कुलपति के मुताबिक यह बिहार का पहला विश्वविद्यालय है, जहां फोरेंसिक प्रयोगशाला (Forensic Laboratory) की स्थापना हो रही है. इसी तरह 2025 में आइक्यूएसी द्वारा एनएडी पोर्टल (डिजिलॉकर) पर अंक पत्र, औपबंधिक प्रमाण पत्र तथा मूल प्रमाण पत्र अपलोड करने वाला यह बिहार राज्य में अग्रणी विश्वविद्यालय (Leading University) है. उन्होंने बताया कि पूरे विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों का संक्षिप्त प्रोफाइल समर्थ पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है. विश्वविद्यालय को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केन्द्र बनाने के लिए 2024 में जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया, 2025 में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के साथ एमओयू हस्ताक्षर किया गया है तथा आईआईटी, पटना के साथ एमओयू की प्रक्रिया अंतिम चरण में है. मुख्य अतिथि के रूप में कुलाधिपति ने उपाधि प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई एवं शुभकामना (Congratulations and Best Wishes) देते हुए कहा कि आज का दिन इन छात्र-छात्राओं, उनके माता-पिता एवं शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि डिग्री प्राप्ति के बाद अब छात्र अपने पैरों पर खड़े होंगे. कुलाधिपति ने कहा कि मिथिला ज्ञान एवं आध्यात्मिकता की धरती रही है. यहां जो शास्त्रार्थ हुए हैं, दुनिया उनका रहस्य जानने की कोशिश कर रही है.

विद्वत शोभायात्रा
दीक्षांत समारोह में 25 टॉपर छात्रों तथा एक ओवर ऑल टॉपर सहित 26 गोल्ड मेडलिस्ट (Gold Medalist), 80 पीएचडीधारी (PhD Holder) सहित करीब 1200 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गयी. इससे पहले विद्वत शोभा यात्रा निकाली गई जिसमें कुलाधिपति सहित कुलपति, पूर्व कुलपति, कुलसचिव, संकायाध्यक्ष, सीनेट, सिंडिकेट तथा विद्वत परिषद् के सदस्यों ने भाग लिया. मुख्य कन्वोकेशन का संचालन कुलसचिव डा. दिव्या रानी हांसदा ने किया. इस अवसर पर कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. राजमणि प्रसाद सिन्हा को भौतिकी एवं प्रो. समरेन्द्र प्रताप सिंह को चिकित्सा क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि के लिए ‘डाक्टर ऑफ साइंस’ की मानद उपाधि प्रदान किया गया.
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