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बड़ा खुलासा : इसलिए मिला तेजप्रताप को ‘वनवास’!

PATNA : राजनीति में कुछ भी बेमतलब नहीं होता है. हरेक घटना का मतलब होता है. अब देखिये न, तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) ने माता राबड़ी देवी (Rabri Devi) के आवास का त्याग कर दिया. ‘भगवान समान’ पिता लालू प्रसाद (Lalu Prasad) को भी छोड़ दिया. मामूली गलती थी. ऐसी गलती वह पहले भी करते रहे हैं. गलती भी क्या? उन्होंने किसी से प्यार कर लिया. उसका इजहार भी कर दिया. बड़े-बड़े परिवारों में ऐसी छोटी-छोटी गलतियां होती ही रहती हैं. मगर तेजप्रताप यादव के मामले में यह छोटी गलती बहुत भारी पड़ गयी. पार्टी से तो निकाले गये ही, घर से भी निकाल दिये गये.

शपथ गीता की खा रखे हैं

शुरू में तो उन्हें लगा कि यह सब आम बात है. वह पहले भी घर से नाराज होकर निकलते रहे हैं. खुद निकल जाते थे. मम्मी-पापा मनाकर ले आते थे. इस बार ऐसा हुआ कि उन्हें कोई मनाने नहीं गया. बिना मनाये घर लौटने का सवाल ही कहां पैदा होता है. होना भी नहीं चाहिये. वह घर के प्यारे और दुलारे (Dear and Loving) रहे हैं. अब तो उन्होंने तय कर लिया है कि कुछ भी हो जाये, घर नहीं लौटेंगे. भागवत गीता और भगवान श्रीकृष्ण (Bhagavad Gita and Lord Krishna) की शपथ खा लिये हैं. छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejaswi Prasad Yadav) को वह कृष्ण या अर्जुन…जो कुछ कहते रहे हों, उसके कहने पर भी नहीं लौटेंगे.

ठान लिया सो ठान लिया…

तेजप्रताप यादव के साथ यह रिकार्ड जुड़ा हुआ है कि वह जिद्दी आदमी हैं. एक बार जो ठान लिया, सो ठान लिया. बिल्कुल प्राण जाये, पर वचन न जाये वाले अंदाज में. नाराज होकर उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली. उसी पार्टी के टिकट पर खुद लड़ गये. दूसरों को भी लड़ा दिया. नामिनेशन करने गये तो दादी की तस्वीर (Grandma’s Picture) साथ ले गये. दादी हर बच्चे को बहुत मानती हैं. उन्हें भी बहुत मानती थीं. तेजप्रताप यादव ने कभी सपना देखा था. छोटे भाई तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनाने का सपना खत्म नहीं हुआ.

शायद नहीं पता था उन्हें

परिवार से बाहर कर दिये जाने के बाद भी कहते रहे कि अगर उनके और उनके विधायकों की मदद से तेजस्वी प्रसाद यादव मुख्यमंत्री बनेंगे तो वह जरूर बना देंगे. खैर, ऐसी नौबत आयी ही नहीं. शायद तेजप्रताप यादव को नहीं पता था कि उन्हें घर से बेदखल इसी मुख्यमंत्री पद (Chief Minister post) को लेकर किया गया. राजद के बड़े और गंभीर नेता इस संभावना को समाप्त नहीं मान रहे थे कि चुनाव में जीत हो भी जाती तब भी केंद्र सरकार तेजस्वी प्रसाद यादव को मुख्यमंत्री बनने से रोकने का हरसंभव प्रयास करती. इसकी पृष्ठभूमि बन गयी थी.

परिवार में रहते तब…

जमीन के बदले नौकरी मामले में सीबीआई की चार्जशीट (CBI charge sheet) में तेजस्वी प्रसाद यादव का नाम जोड़ दिया गया. कोर्ट ने भी इसकी सहमति दे दी. मतलब तेजस्वी प्रसाद यादव भी चार्जशीटेड (Chargesheeted) हो गये. इस आधार पर उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई होती तो मुख्यमंत्री बनने में कठिनाई हो जाती. ऐसा होता और तेजप्रताप यादव परिवार में रहते तो मुख्यमंत्री पद के वही स्वाभाविक दावेदार हो जाते. इसलिए सुविचारित योजना के तहत तेजप्रताप यादव को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया. मुख्यमंत्री बनने की स्थिति बनती तो तेजस्वी प्रसाद यादव की पत्नी (wife of Tejashwi Prasad Yadav) राजश्री यादव (Rajshree Yadav) सत्ता संभाल लेंती.

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