विलय योजना : देश में रह जायेंगे तब सिर्फ चार सरकारी बैंक!

तापमान लाइव ब्यूरो
05 दिसम्बर 2025
New Delhi : केन्द्र सरकार (Central Government) एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, जिसके पूरा हो जाने पर देश में सार्वजनिक क्षेत्र में (Public Sector) सिर्फ चार बैंक (Bank) रह जायेंगे. वर्तमान में बारह बैंक संचालित हैं. वित्त वर्ष 2027 से सरकारी बैंक योजना (Bank Scheme) के तहत भारतीय स्टेट बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा एवं केनरा बैंक-यूनियन बैंकका अस्तित्व रह जायेगा. आधिकारिक सूत्रों की मानें, तो इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी बैंकों की बैलेंस शीट को मजबूत करना, संचालन क्षमता में सुधार लाना और उन्हें विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाना है.
बड़े बैंकों में विलय
योजना के तहत पहले छोटे बैंकों का बड़े बैंकों में विलय (Merger of small banks with big banks) किया जायेगा. फिर उन्हें एकीकृत कर चार बड़ी इकाई बनायी जायेगी. जो भारत की आर्थिक वृद्धि और बढ़ती लोन डिमांड (Loan Demand) को पूरा करने में सक्षम होगी. सूत्रों के अनुसार सरकार केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के विलय की दिशा में सक्रिय है. इस विलय से चार मुख्य सरकारी बैंकों को मिलाकर एक बैंक के अस्तित्व में आने की संभावना है. इसी तरह इंडियन बैंक और यूको बैंक को मिलाकर एक और बड़ा बैंक बनाने पर विचार हो रहा है.
कई स्तर पर होगी जांच
मीडिया में जो बातें आयी हैं उसके मुताबिक इंडियन ओवरसीज बैंक (Indian Overseas Bank), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India), बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) और बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra), भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India), पंजाब नेशनल बैंक (Punjab National Bank) या बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) में मिला दिये जाने की संभावना है. पंजाब एंड सिंध बैंक (Punjab and Sindh Bank) के मामले पर अभी अंतिम निर्णय होना बाकी है. वैसे, अंतिम रूपरेखा के अनुसार इसका भी चार बड़े बैंकों में से किसी एक में विलय कर दिया जा सकता है. बैंकों के विलय (Merger of Banks) की इस योजना को पहले केन्द्रीय वित्त मंत्री (Union Finance Minister) के समक्ष रखा जायेगा. मंजूरी मिलने के बाद कई स्तर पर जांच होगी. कैबिनेट सचिवालय (Cabinet Secretariat), प्रधानमंत्री कार्यालय (The Office of the Prime Minister) और भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (Securities and Exchange Board of India) की नियामक टिप्पणियां हासिल की जायेंगी.

