लोजपा (रामविलास) : भाजपाई मूल के हैं सात विधायक!

तापमान लाइव ब्यूरो
15 दिसंबर 2025
PATNA : लोजपा (रामविलास) के 19 उम्मीदवारों की जीत से चिराग पासवान (Chirag Paswan) भले फुले न समा रहे हों, हकीकत यह है कि उनके 19 में से 07 विधायक भाजपाई मूल के हैं. इस दृष्टि से विश्लेषण करें तो लोजपा (रामविलास) के सिर्फ 12 ‘अपनों’ की ही जीत हुई है. भाजपा (BJP) नेतृत्व ने ‘सीट तुम्हारी, उम्मीदवार हमारा’ की नीति के तहत ही चिराग पासवान के हिस्से में 29 सीटें जाने दी थी. लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार के तौर पर भाजपाई मूल के जिन 07 नेताओं की जीत हुई, उनमें मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) जिले के बोचहां (Bochahan) से निर्वाचित बेबी कुमारी (Baby Kumari) भी हैं. लोजपा (रामविलास) का उम्मीदवार घोषित होने से पहले तक वह प्रदेश भाजपा की महासचिव थीं. इससे पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष थीं.
दावेदारी भाजपा में थी
बेबी कुमारी पहली बार 2015 में बोचहां से निर्दलीय निर्वाचित हुई थीं. 2020 में भाजपा का उम्मीदवार बन गयीं, जीत दूर रह गयी. 2022 के उपचुनाव में भी उन्हें भाजपा की उम्मीदवारी मिली. किस्मत रूठी रह गयी. 2025 में उनकी दावेदारी भाजपा में ही थी. बोचहां की सीट लोजपा (रामविलास) के हिस्से में गयी, उम्मीदवार के तौर पर बेबी कुमारी को भी उसे सौंप दिया गया. राजद (RJD) के निवर्तमान विधायक अमर कुमार पासवान (Amar Kumar Paswan) को 20 हजार 316 मतों से परास्त कर वह विधायक बन गयीं. पटना जिले के बख्तियारपुर (Bakhtiyarpur) से निर्वाचित लोजपा (रामविलास) के विधायक अरुण कुमार साह (Arun Kumar Sah) पटना जिला भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं. ऐसा कहा जाता है कि उनकी उम्मीदवारी की शर्त पर ही चिराग पासवान को यह सीट दी गयी थी. अरुण कुमार साह ने बख्तियारपुर में जीत दर्ज कर नया इतिहास रच दिया.
दिखा दिये दिन में तारे
खगड़िया (Khagaria) जिले के परबत्ता (Parbatta) में जदयू से अलग हो राजद का उम्मीदवार बन गये बड़बोले निवर्तमान विधायक डा. संजीव कुमार (Dr. Sanjeev Kumar) को भारी शिकस्त देनेवाले बाबूलाल शौर्य (Babulal Shaurya) भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य रह चुके हैं. हालांकि, 2020 में भी वह इस क्षेत्र से आदित्य कुमार शौर्य (Aditya Kumar Shaurya) के नाम से लोजपा के उम्मीदवार थे.11 हजार 576 मतों में सिमट गये थे. इस बार 01 लाख 18 हजार 677 मत हासिल कर उन्होंने डा. संजीव कुमार को 34 हजार 039 मतों से परास्त कर उन्हें दिन में तारे दिखा दिये.

रद्द हो गया नामांकन
पूर्वी चम्पारण (East Champaran) जिले के सुगौली (Sugauli) में लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार के तौर पर जिस राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता (Rajesh Kumar alias Bablu Gupta) की जीत हुई है वह भाजपा के विधान पार्षद रह चुके हैं. 2020 में इस क्षेत्र से राजद के शशिभूषण सिंह (Shashibhushan Singh) की जीत हुई थी. इस बार महागठबंधन (Mahagathbandhan) में यह सीट वीआईपी (VIP) के हिस्से में तो गयी, पर उम्मीदवारी शशिभूषण सिंह को ही मिल गयी. लेकिन, दुर्भाग्य ऐसा कि उनका नामांकन ही रद्द हो गया. लाभ जनशक्ति जनता दल (Janashakti Janata Dal) के श्यामकिशोर चौधरी (Shyam Kishore Choudhary) को मिल गया. वह दूसरे नंबर पर आ गये. नवादा (Navada) जिले के गोविन्दपुर (Govindpur) में लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार के रूप में जिस विनीता मेहता (Vinita Mehta) की जीत हुई है, वह नवादा जिला भाजपा के अध्यक्ष अनिल मेहता (Anil Mehta) की पत्नी हैं.
भाजपा की थी सीटिंग सीट
इसी तरह गया (Gaya) जिले के शेरघाटी (Sherghati) से इस पार्टी के निर्वाचित विधायक उदय कुमार सिंह यादव (Uday Kumar Singh Yadav) चुनाव मैदान में उतरने से पहले तक प्रदेश भाजपा कार्यसमिति के सदस्य थे. कांग्रेस से भाजपा में आये रोहतास (Rohtas) जिले के चेनारी (Chenari) के निवर्तमान विधायक मुरारी प्रसाद गौतम (Murarai Prasad Gautam) की जीत भी लोजपा (रामविलास) के उम्मीदवार के रूप में हुई है. यह सब तो है, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी (Raju Tiwari) जिस गोविंदगंज (Govindganj) से निर्वाचित हुए हैं, वह भाजपा की ही सीटिंग सीट थी. 2020 में इस क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनील मणि तिवारी (Sunil Mani Tiwari) निर्वाचित हुए थे.

