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रोचक इतिहास : लड्डू तब मिठाई नहीं दवाई था…

तापमान लाइव ब्यूरो
08 जनवरी 2026

New Delhi: लड्डू मुंह मीठा कराने वाली सगुनिया (Saguniya) मिठाई (Sweets) है. पूजा-पाठ हो या पर्व-त्योहार या फिर शादी-ब्याह या अन्य मांगलिक कार्य, थालियों में लड्डू (Laddu) सजता ही सजता है. ऐसा आज ही नहीं हो रहा है, बल्कि इसका हजारों साल पुराना इतिहास है. यूं कहें कि लड्डू न सिर्फ स्वाद (Test) से जुड़ा है, बल्कि भारतीय परंपराओं (Traditions) और संस्कृति (Culture) का भी अहम हिस्सा बना हुआ है. तो वह कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी. यह सब तो है, पर ज्यादातर लोग इससे अनभिज्ञ होंगे कि लड्डू कब और कैसे अस्तित्व में आया, इसका उपयोग किस रूप में शुरू हुआ और भारत (India) के मांगलिक आयोजनों का यह महत्वपूर्ण हिस्सा कैसे बन गया.

ऐसे आया अस्तित्व में

इतिहास बताता है कि विश्व का पहला लड्डू (world’s first laddu) भारत में बना था. किसी हलवाई ने नहीं बनाया था, तब के प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक (Famous Surgeon) सुश्रुत (Sushruta) ने बनाया था. वह दवाई (Medicine) के तौर पर लड्डू मरीजों को देते थे. यानी उस कालखंड में लड्डू का इस्तेमाल औषधि के तौर पर किया जाता था. आयुर्वेद शास्त्र (Ayurveda) के मुताबिक उस समय घी (Ghee), तिल (Sesame), गुड़ (Gud), शहद (Honey), मूंगफली (Peanuts) के साथ दूसरे मेवों एवं औषधीय जड़ी-बूटी (Medicinal Herbs) व संक्रमण से बचाने वाली वस्तुओं को मिलाकर इसे तैयार किया जाता था. मुख्य रूप से यह उन मरीजों (Patients) को खिलाया जाता था, जिनका ऑपरेशन (Operation) होता था. सुश्रुत शल्य चिकित्सा के जनक (Father of Surgery) थे. तिल और गुड़ से बने लड्डू को ताकत बढ़ाने और शरीर को गर्म रखने के लिए खिलाया जाता था.

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लड्डू भी बदल गया

बदलते वक्त के साथ लड्डू का रूप-रंग भी बदला. इसमें गुड़ की जगह चीनी (Suger) का इस्तेमाल होने लगा. इसका उल्लेख सदियों पूर्व के कन्नड़ साहित्य (Kannada literature) में है. उसमें वर्णित है कि एक मिठाई (Sweet) तैयार की जाती थी जिसमें बेसन से बनी बूंदी का इस्तेमाल किया जाता था. वर्तमान में देश में लड्डू की अलग-अलग अनेक किस्में पायी जाती हैं. उत्तर भारत (North India) में बेसन के लड्डू, दक्षिण में रवा लड्डू, महाराष्ट्र (Maharashtra) में तिल के लड्डू (Sesame Laddoo) और पश्चिम बंगाल में नारियल के लड्डू (Coconut Laddu) मिलते हैं. हर क्षेत्र के लड्डू के स्वाद और सामग्री में भिन्नता इसे और भी खास बनाती है. जाननेवाली बात यह भी है कि लड्डू अब अंतर्राष्ट्रीय मिठाइयों की सूची में शामिल हो चुका है.

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