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बंगाल में भाजपा : ‘जय श्रीराम’ नहीं अब ‘जय मां काली’!

तापमान लाइव ब्यूरो
25 फरवरी 2026

Kolkata : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने पश्चिम बंगाल (West bangal) में ‘मां काली’ (Maa Kali) का आह्नान किया है. उनसे इस राज्य की सेवा के लिए एक अवसर मांगा है. प्रधानमंत्री का यह संदेश वहां के मतदाताओं के नाम जारी पत्र में है, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा का चुनावी बिगुल बजने से कुछ ही दिन पहले जारी हुआ है. भाजपा (BJP) ने इस पत्र को घर-घर पहुंचाने का अभियान शुरू कर दिया है. पश्चिम बंगाल भाजपा द्वारा जारी बंगला भाषा के इस पत्र में ‘जय मां काली’ का उद्घोष वहां की चुनावी रणनीति में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. भाजपा का इस तरह का संदेश अब तक मुख्य रूप से ‘राम’ पर केन्द्रित रहता था. ‘’जय श्रीराम’ भाजपा की पहचान से जुड़ा उसका दशकों पुराना नारा है. देश के अन्य हिस्सों के साथ पश्चिम बंगाल के नेता भी अपनी जनसभाओं में इसी का उद्घोष करते रहे हैं.

अवसर की प्रतीक्षा

इधर, दिल्ली (Delhi) की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने एक कार्यक्रम में अपने संबोधन की शुरुआत ‘जय मां काली’ से की. इस संदर्भ में पश्चिम बंगाल भाजपा का तर्क है- ‘हम हिन्दुत्व (Hindutv) के लिए प्रतिबद्ध हैं. काली (Kali) और दुर्गा (Durga) वे देवियां हैं जिनसे पश्चिम बंगाल के लोग सबसे अधिक जुड़ाव महसूस करते हैं. इस दृष्टि से वहां जय मां काली के संबोधन में कुछ भी अनुचित नहीं है.’ भाजपा कार्यकर्त्ता प्रधानमंत्री के इस आशय के जिस पत्र को लेकर घर-घर जा रहे हैं, उसमें कहा गया है-‘ बंगाल के लोगों से मेरा विनम्र अनुरोध है कि कृपया विकास के उस कार्यक्रम में शामिल हों, जो अन्य राज्यों में चल रहा है. मैं बंगाल की जनता की सेवा करने के लिए एक अवसर की प्रतीक्षा कर रहा हूं.’

प्रधानमंत्री का संकल्प

पत्र में उन केन्द्रीय योजनाओं का जिक्र है जिन्हें ममता बनर्जी (Mamta Banargi) की सरकार ने पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होने दिया है. प्रधानमंत्री ने याद दिलाया कि आजादी के बाद के वर्षों में पश्चिम बंगाल आर्थिक विकास और उद्योगों में अग्रणी था. लेकिन, आज की स्थिति देखकर उन्हें दुख होता है. पिछले छह दशकों के ‘कुशासन और तुष्टीकरण’ की राजनीति को उन्होंने इस हालत के लिए जिम्मेवार ठहराया. पत्र में कहा गया है- ‘बंगाल के युवाओं का भाग्य क्या होगा, इसका फैसला कुछ ही महीनों में हो जायेगा. आपका निर्णय उनका भविष्य तय करेगा. बंगाल स्त्री-पुरुष और बच्चे वंचित हैं. मैंने बंगाल को विकसित और समृद्ध बनाने का संकल्प लिया है.’

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यह है मोदी का संदेश

गौर करने वाली बात है कि तृणमूल कांग्रेस (Trinmul Congress) भाजपा पर यह आरोप लगाती है कि वह एक ‘बाहरी’ और ‘उत्तर भारत’ की पार्टी है. ‘जयश्री राम’ को पश्चिम बंगाल में आमतौर पर हिन्दी भाषी क्षेत्र के नारे के रूप में देखा गया. ‘जय मां काली’ और ‘जय मां दुर्गा’ का उपयोग कर नरेन्द्र मोदी यह संदेश दे रहे हैं कि भाजपा पश्चिम बंगाल की स्थानीय संस्कृति, परंपरा और लोकाचार में गहरायी से रची-बसी है. विश्लेषकों के मुताबिक यह ‘बाहरी’ होने के ‘ठप्पा’ को मिटाने की भाजपा की कोशिश है.

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