तापमान लाइव | Tapmanlive

न्यूज़ पोर्टल | Hindi News Portal

तेजस्वी और संजय : याराना है बहुत पुराना

रोहिणी आचार्य से पहले तेजप्रताप यादव ने लालू-राबड़ी आवास में संजय यादव की मौजूदगी पर सवाल उठाये थे. नाम लिये बिना ‘जयचंद’ बताया था. तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया गया. रोहिणी आचार्य ने बजाप्ते नाम लेकर आरोप मढ़ा तो उन्हें नैहर से निकाल दिया गया. आगे क्या होता है, देखना दिलचस्प होगा.

तापमान लाइव ब्यूरो
28 दिसम्बर 2025

Patna : हालिया संपन्न विधानसभा के चुनाव में राजद को मिली अप्रत्याशित हार जनित हताशा के लिए रोहिणी आचार्य (Rohini Acharya) ने जिस संजय यादव पर आरोपों के तीखे तीर चलाये, उनसे तेजस्वी प्रसाद यादव का याराना बहुत पुराना है. लगभग 13 साल पुराना. कहा जाता है कि दोनों में दोस्ती दिल्ली में हुई थी. तेजस्वी प्रसाद यादव तब बसंत विहार स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ते थे. हरियाणा के महेन्द्रगढ़ जिले के नांगल सिरोही गांव के रहने वाले संजय यादव (Sanjay Yadav) भी उसी स्कूल के छात्र थे. दोस्ती क्रिकेट (Cricket) के मैदान में परवान चढ़ी थी. क्रिकेट में भविष्य भले संवर नहीं पाया, पर कहते हैं कि दोनों उसके दीवाने थे. संजय यादव ने कम्प्यूटर साइंस में एमएससी और एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल कर रखी है.

और सलाहकार बन गये

तेजस्वी प्रसाद यादव (Tejaswi Prasad Yadav) की पढ़ाई स्कूल तक ही अटकी रह गयी. लेकिन, बिहार में राजद की विरासती राजनीति में उनके पांव जरूर जम गये. सार्वजनिक हुई जानकारी के मुताबिक राजद (RJD) की राजनीति से जुड़ने से पहले संजय यादव गुरुग्राम (Gurugram) की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे. शायद वह कंपनी लालू-राबड़ी परिवार की थी. संजय यादव उसके मैनेजर थे. राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद (Lalu Prasad) के चारा घोटाले में जेल जाने के बाद अघोषित तौर पर पार्टी की कमान तेजस्वी प्रसाद यादव के हाथ में आ गयी तब वह राजनीतिक मुद्दों पर संजय यादव से सलाह-मशविरा करने लगे. धीरे-धीरे संबंधों में प्रगाढ़ता आयी और संजय यादव नौकरी छोड़ तेजस्वी प्रसाद यादव के राजनीतिक रणनीतिकार और सलाहकार की हैसियत में आ गये.

ये भी पढ़े :

सवाल विरासत का… पुश्तैनी जनाधार अब भी है दमदार

हार का ठीकरा

हालांकि, उनकी कोई राजनीतिक (Poltical) पृष्ठभूमि नहीं रही है. तेजस्वी प्रसाद यादव ने 2024 में उन्हें राज्यसभा (Rajyasabha) का सदस्य बनवा दिया. 2025 के विधानसभा चुनाव (Assembly Election) में राजद की हुई बड़ी हार का ठीकरा अब संजय यादव के ही माथे फोड़ा जा रहा है. तरह-तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं, इधर-उधर की भी बातें की जा रही है. गौर करने वाली बात है कि रोहिणी आचार्य से पहले तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) ने लालू-राबड़ी आवास में संजय यादव की मौजूदगी पर सवाल उठाये थे. नाम लिये बिना ‘जयचंद’ बताया था. तेजप्रताप यादव को पार्टी और परिवार से बेदखल कर दिया गया. रोहिणी आचार्य ने बजाप्ते नाम लेकर आरोप मढ़ा तो उन्हें नैहर से निकाल दिया गया. आगे क्या होता है, देखना दिलचस्प होगा.

***

#Tapmanlive