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भाजपा और नितिन नवीन : इस दांव का है यह मकसद

ऊंचे-ऊंचे कद वाले दिग्गजों द्वारा कंधे पर अंग वस्त्र डाले जाते समय नितिन नवीन को झुकने की जरूरत तो नहीं थी, लेकिन उनका सिर बार-बार झुकता रहा. उनकी आंखें सामने आ रही हर आंख का अभिवादन करती रहीं. ये तस्वीरें बताती हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने का मतलब क्या है?

विभेष त्रिवेदी
29 दिसम्बर 2025

Patna : पश्चिम बंगाल के चुनाव से ठीक पहले भाजपा (BJP) ने अप्रत्याशित ढंग से युवा चेहरे को संगठन की ‘सर्वाेच्च कमान’ सौंप दिल्ली (Delhi) से कोलकाता (Kolkata) तक की राजनीति (Politics) की धड़कनें बढ़ा रखी हैं. भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये गये नितिन नवीन (Nitin Naveen) को राजनीति के विश्लेषक ‘लिटिल ब्वॉय’, ‘नितिन ब्वॉय’ और ‘गेम चेंजर’ जैसी उपाधि देते अघा नहीं रहे हैं. कहा जा रहा है कि भाजपा का यह लिटिल (नाटा), पर ऊर्जावान ‘सर्वोच्च कमांडर’ पश्चिम बंगाल (West Bengal) के चुनाव में तो निर्णायक बढ़त दिलायेगा ही, इससे उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के चुनाव में भी पार्टी को बहुत लाभ हो सकता है. यह तो वक्त बतायेगा कि भाजपा का यह ‘लिटिल ब्वॉय’ पश्चिम बंगाल फतह करेगा या नहीं, उत्तर प्रदेश के लिए कारगर होगा या नहीं, भाजपा के इस धमाके के पहले ही दिन 14 दिसम्बर 2025 को दिल्ली के वोट क्लब पर राहुल गांधी (Rahul Gandhi) समेत पूरी कांग्रेस (Congress) की हवा गुम हो गयी.

पानी फिर गया किये-कराये पर

बिहार (Bihar) विधानसभा के चुनाव (Assembly Election) के दौरान बार-बार परमाणु बम की धमकी देने वाले राहुल गांधी को भाजपा ने बगैर कुछ बोले उसी अंदाज में ऐसा जवाब दे दिया कि कांग्रेस के सारे किये-कराये पर पानी फिर गया. बिहार में मुंह की खा चुके हताश-निराश कांग्रेसियों ने गम भुलाने के लिए उस दिन नयी दिल्ली के वोट क्लब पर ‘वोट चोर, गद्दी छोड़’ रैली की थी. उसमें हार की धूल झाड़ते हुए लोकसभा (Loksabha) में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) और सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) समेत तमाम दिग्गज नेता वोट क्लब पर पहुंचे. बारी-बारी से सभी एनडीए सरकार और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) पर जमकर गरजे-बरसे. परन्तु, शाम होते-होते भाजपा ने पूरी महफिल ही लूट ली. राहुल गांधी को उम्मीद थी कि कम से कम 24 घंटे तक तो वह मीडिया में छाये रहेंगे ही. वोट चोर के नैरेटिव को धारदार बनाकर नरेन्द्र मोदी, उनकी सरकार और चुनाव आयोग को सकते में डाल देंगे.

कोलकाता में भी महसूस हुआ झटका

परन्तु, अचानक भाजपा नेतृत्व ने बिहार सरकार में मंत्री रहे भाजपा युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री नितिन नवीन को पार्टी का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष (Working National President) बना मीडिया की सुर्खियां बटोर ली. भाजपा और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के इस फैसले पर बहस छिड़ गयी. आभास हुआ कि कांग्रेस की सजी हुई बारात में नितिन नवीन दूल्हा बना दिये गये. राहुल गांधी के हाथ से तोते उड़ गये. भाजपा के इस चौंकाऊ निर्णय से भले ही तात्कालिक रूप से राहुल गांधी और कांग्रेस को झटका लगा हो, परन्तु उससे कहीं बड़ा झटका नयी दिल्ली से तकरीबन डेढ़ हजार किलोमीटर दूर कोलकाता में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के आवास पर महसूस किया गया. ऐसा लगा जैसे कालीघाट (Kalighat) के आसपास काले बादल छा गये हों. उधर, लखनऊ में समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के भी कान एकबारगी खड़े हो गये.

हर आंख को था उनका इंतजार

नयी दिल्ली स्थित भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में 15 दिसंबर 2025 को एक साथ हजारों आंखें नये नेता का इंतजार कर रही थीं. भाजपा मुख्यालय (BJP Headquarter) में इतनी शिद्दत से पहली बार किसी बिहारी नौजवान नेता का इंतजार हो रहा था. हर आंख में रोमांच, हर हाथ में गुलदस्ता. इनमें वही आंखें थीं, जिनसे रू-ब-रू होने के लिए देश के मंत्री, सांसद और विधायक लालायित रहते हैं. ये वही हाथ थे, जिनके सामने देश के करोड़ों हाथ स्वतः जुड़ते रहते हैं. बातें चूंकि बिहार से जुड़ी हैं इसलिए आगे बढ़ने से पहले कुछ देर के लिए 27 वर्ष पीछे चलते हैं. पटना स्थित बिहार प्रदेश भाजपा कार्यालय. वहां भी एक नौजवान विधायक का इंतजार हो रहा था. बिहार विधानसभा के 1995 के चुनाव में पटना पूर्वी (Patna East) क्षेत्र से नंदकिशोर यादव (Nand Kishore Yadav) पहली बार विधायक निर्वाचित हुए थे.

तब भी उठा था यह सवाल

तीन साल बाद 1998 में 45 वर्षीय नंदकिशोर यादव को बिहार प्रदेश भाजपा का अध्यक्ष बना दिया गया. हालांकि, वह 1990 में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके थे, इसके बाद भी युवा और नौसिखिया नंदकिशोर यादव को प्रदेश भाजपा की कमान सौंपे जाने पर खूब सवाल उठे. कहा गया कि क्या उम्र और अनुभव में काफी वरिष्ठ व दिग्गज भाजपाई सहजता से नंदकिशोर यादव के नेतृत्व में काम कर पायेंगे? अध्यक्ष बनाये जाने पर नंदकिशोर यादव जैसे ही प्रदेश भाजपा की पहली बैठक में पहुंचे, पार्टी के ‘भीष्म पितामह’ पूर्व मंत्री कैलाशपति मिश्र (Kailashpati Mishra) उठ कर खड़े हो गये. वह नंदकिशोर यादव के आसन ग्रहण करने तक खड़े रहे. जब कैलाशपति मिश्र जैसे शीर्ष नेता अध्यक्ष के सम्मान में खड़े हो गये तो किसकी मजाल थी कि बैठे रह जाते. भाजपा में साधारण कार्यकर्ता को असाधारण दायित्व सौंपने और उसके नेतृत्व को प्रभावी बनाने की परंपरा पुरानी रही है.

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मिली होगी उनकी आत्मा को शांति

बिहार भाजपा का वह इतिहास 15 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रीय फलक पर दोहराया गया. कई समानताएं थीं. भाजपा ने एक और नौजवान नेता को ठीक 45 वर्ष की उम्र में अपेक्षाकृत बड़ी ही नहीं, बल्कि ‘कमांडर इन चीफ’ की शीर्ष जिम्मेदारी सौंपी है. नंदकिशोर यादव की तरह नितिन नवीन भी भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं. उस दिन वह एक विशेष विमान से इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा पर उतरे. भाजपा के 62 वर्षीय राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार मामलों के प्रभारी विनोद तावड़े ने उनकी अगवानी की. यह वही नितिन नवीन हैं, जिनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा (Naveen Kishore Prasad Sinha) बिहार सरकार में मंत्री नहीं बनाये जाने के सदमे में हृदयाघात से दम तोड़ बैठे थे. कालान्तर में वही नितिन नवीन बिहार सरकार में दो अति महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रहे. उस दिन नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा की आत्मा को अवश्य ही शांति मिली होगी.

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सिर बार-बार झुकता रहा

नितिन नवीन का काफिला हवाई अड्डा से भाजपा मुख्यालय पहुंचा. वहां केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah), भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda), केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal), पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravishankar Prasad) समेत पार्टी के कई राष्ट्रीय पदाधिकारी, मंत्री और सांसद गुलदस्ता लिये उनकी अगवानी में खड़े थे. ऊंचे-ऊंचे कद वाले दिग्गजों द्वारा कंधे पर अंग वस्त्र डाले जाते समय नितिन नवीन को झुकने की जरूरत तो नहीं थी, लेकिन उनका सिर बार-बार झुकता रहा. उनकी आंखें सामने आ रही हर आंख का अभिवादन करती रहीं. ये तस्वीरें बताती हैं कि भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष होने का मतलब क्या है?

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(लेखक बिहार के वरिष्ठ पत्रकार हैं.)
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