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गाथा गहलौर की: बातें बड़ी-बड़ी की, दिया कुछ नहीं

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दीपक कोचगवे
02 जुलाई 2023

Gaya : केतन मेहता (Ketan Mehta) की फिल्म ‘द माउंटेन मैन (The Mountain Man)’ बनने से पहले 2014 में टी वी शो ‘सत्यमेव जयते- सीजन 2’ का प्रसारण शुरू हुआ. एंकर प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता आमिर खान (Amir Khan) थे. उन्होंने पहला एपिसोड दशरथ मांझी को समर्पित किया. यह सिर्फ दशरथ मांझी (Dashrath Manjhi) केे परिवार को ही नहीं, पूरे बिहार को खूब भाया. लेकिन, परिजनों को आर्थिक सहायता देने का उन्होंने जो वचन दिया था उसका पालन नहीं किया. शायद कुछ नहीं दिया. परिवार के लोगों के मुताबिक आमिर खान ने सिर्फ उनकी ही आर्थिक मदद करने की बात नहीं कही थी, गहलौर घाटी की तकदीर बदल देने का सतरंगी सपना दिखाया था. अन्य बड़ी-बड़ी बातें की थी. आमिर खान टीवी चैनल ‘स्टार प्लस’ के सीईओ उदय शंकर के साथ गहलौर आये थे. हजारों की भीड़ के बीच शूटिंग हुई थी. उस दौरान उन पर जो अहंकार छाया दिखा उसी से यह आशंका झलक रही थी कि इस परिवार को वह कोई मदद नहीं करने वाले हैं.

दशरथ मांझी के परिजन से मिलते आमिर खान.

सरकार का भी कोई सहयोग नहीं मिला
इसे संवेदनहीनता ही कहेंगे कि जिस ‘पर्वत पुरुष’ दशरथ मांझी पर ‘सत्यमेव जयते (Satyamev Jayate)’ का एपिसोड बनाने वह गहलौर (Gahlore) गांव गये, उनके घर पर जाने की जरूरत नहीं समझी. हालांकि, दशरथ मांझी की समाधि पर उन्होंने पुष्प अर्पित किया. परिवार के लोगों को बोधगया (Bodhgaya) के होटल में बुला, आश्वासन पिला मुम्बई लौट गये. आमिर खान के इस ओछेपन का खुलासा दशरथ मांझी के पुत्र भागीरथ मांझी (Bhagirath Manjhi) ने किया था. 01 अप्रैल 2014 को इलाज के अभाव में उनकी पत्नी बसंती देवी का निधन हो गया. भागीरथ मांझी ने बजाप्ते प्रेस कांफ्रेंस आयोजित कर आरोप मढ़ा कि आमिर खान से उन्हें धोखा मिला. अपने वायदे के अनुसार वह धन उपलब्ध करा देते तो शायद इलाज के अभाव में उनकी पत्नी की मृत्यु नहीं होती. दुख उन्हें इस बात का भी हुआ कि शोक संदेश के दो शब्दों के अलावा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने भी कोई सहयोग नहीं किया.


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तब बदहाली मिट जाती
‘द माउंटेन मैन’ के निर्देशक केतन मेहता ने भागीरथ मांझी और उनके परिवार को फिल्म से होने वाली आमदनी का दो प्रतिशत हिस्सा देने की बात कही थी. उतना तो नहीं, लेकिन एक लाख रुपया उन्होंने दिया. वैसे, इस फिल्म ने जो कमाई की थी उसका दो प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हो जाता तो शायद दशरथ मांझी के परिवार की बदहाली दूर हो जाती. ‘द माउंटेन मैन’ में नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui)  ने दशरथ मांझी और राधिका आप्टे (Radhika Apte) ने फगुनिया (Fagunia) की भूमिका निभायी थी. यह भी जानने की जरूरत है, फिल्म जगत की चर्चित शख्सियत सोनू सूद (Sonu Sood) ने कोरोना संक्रमण काल में दशरथ मांझी के परिवार की गरीबी मिटा देने की घोषणा की थी. उनकी यह घोषणा एक बोरा आटा, एक बोरा चावल, कुछ किलो दाल और कुछ लीटर तेल तक में ही सिमटी रह गयी. आर्थिक सहयोग का आश्वासन पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Rajesh Ranjan Urf Pappu Yadav) भी दे आये थे. उनके मुताबिक दशरथ मांझी को घर बनाने के लिए उन्होंने दो लाख रुपये दिये थे. उनकी पत्नी पूर्व सांसद रंजीत रंजन ‘मां-माटी’ नामक संस्था चलाती हैं. उस संस्था की ओर से भागीरथ मांझी को मासिक बारह हजार रुपये दिये जाते हैं. लेकिन, दशरथ मांझी के परिजनों का कहना रहा कि इधर कुछ महीनों से वह राशि उन्हें नहीं मिल रही है.

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