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दो दिग्गजों को एक साथ चटा दी धूल

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तापमान लाइव ब्यूरो
22 दिसम्बर 2023

New Delhi : तेलंगाना (Telangana) में सत्ता की जंग में भाजपा भले पिछड़ गयी, पर एक ही विधानसभा क्षेत्र में एक साथ मुख्यमंत्री और भावी मुख्यमंत्री को शिकस्त देकर उसने जो बड़ी जीत हासिल की, भारत के संसदीय इतिहास में इसके इक्के-दुक्के ही उदाहरण होंगे. ऐसी रोचक हार-जीत का गवाह कामारेड्डी विधानसभा क्षेत्र बना. वहां भारत राष्ट्र समिति के सुप्रीमो एवं मुख्यमंत्री के. चन्द्रशेखर राव और प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष एवं भावी मुख्यमंत्री अनुमुला रेवंत रेड्डी चुनाव मैदान में थे. भाजपा उम्मीदवार कटिपल्ली वेंकट रमण रेड्डी (Katipalli Venkat Raman Reddy) ने एक साथ दोनों को धूल चटा अपनी पार्टी के भविष्य की बुनियाद (Foundation) को मजबूती दे दी. वैसे, दूसरे अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में इन दोनों की जीत हुई.

जन्मभूमि में हार
के. चन्द्रशेखर राव गजवेल विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित (Elected) हुए, तो अनुमुला रेवंत रड्डी (Anumula Revanth Raddy) वोडंगल विधानसभा क्षेत्र से. कामारेड्डी विधानसभा क्षेत्र में के. चन्द्रशेखर राव की हार का इसलिए भी महत्व है कि वह क्षेत्र उनकी जन्मभूमि है. कामारेड्डी में मुख्य मुकाबला कटिपल्ली वेंकट रमण रेड्डी और के. चन्द्रशेखर राव के बीच हुआ. भाजपा (BJP) उम्मीदवार कटिपल्ली वेंकट रमण रेड्डी को 66 हजार 652 मत प्राप्त हुए तो भारत राष्ट्र समिति के उम्मीदवार के. चन्द्रशेखर राव (K. Chandrashekhar Rao) को 59 हजार 911 मत. 06 हजार 741 मतों से हार-जीत का फैसला हुआ. कांग्रेस प्रत्याशी अनुमुला रेवंत रेड्डी 54 हजार 916 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे.


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हार गये रेवंत रेड्डी भी
2018 में इस क्षेत्र से भारत राष्ट्र समिति के गप्पा गोवर्धन की जीत हुई थी. लगातार पांच चुनावों में वह विजयी हुए थे. उन्हें विश्राम की मुद्रा में डाल के. चन्द्रशेखर राव खुद मैदान में उतर गये. चुनाव अभियान (Election Campaign) की कमान गप्पा गोवर्धन ने ही संभाली. इसके बावजूद वह जीत नहीं पाये. इसी तरह उस चुनाव में शबीर अली को कांग्रेस (Congress) की उम्मीदवारी मिली थी. इस बार उन्हें हाशिये पर डाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अनुमुला रेवंत रेड्डी खुद चुनाव लड़ गये. चुनाव अभियान की कमान उनके भाई ने संभाली थी. तब भी जीत उनसे दूर रह गयी.

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