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आईएसआई हलकान… एक-एक कर कैसे मारे जा रहे शैतान!

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शिवकुमार राय
29 जनवरी 2024
New Delhi : दाऊद इब्राहिम (Dawood Ibrahim) और मसूद अजहर (Masood Azhar) की मौत की आधिकारिक पुष्टि भले नहीं हुई हो, 2011 के मुम्बई हमले (mumbai attacks) के मास्टरमाइंड सरगना हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के करीबी रहे कुख्यात आतंकवादी हंजला अदनान (Hanjala Adnan) को अज्ञात बंदूकधारियों ने 03 दिसम्बर 2023 की रात कराची (karachi) में उसके घर के बाहर गोलियों से बिंध दिया. दो दिन बाद 05 दिसम्बर 2023 को उसकी मृत्यु हो गयी. भारत में कई आतंकवादी वारदातों को अंजाम देने-दिलाने वाला हंजला अदनान पाक () के कब्जे वाले कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-A-Taiba) का प्रशिक्षण शिविर चला रहा था.

कई वारदातों में थी संलिप्तता
इधर के दिनों में रावलपिंडी (Rawalpindi) को छोड़ कराची के अपने अड्डे पर दुबका हुआ था. आतंकवादी गतिविधियों का संचालन वहीं से कर रहा था. जानकारों के अनुसार जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के उधमपुर (Udhampur) में 2015 में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के काफिले पर हमले का सूत्रधार यही था. उस हमले में सीमा सुरक्षा बल के दो जवान शहीद हो गये थे और 13 घायल हुए थे. ऐसा बताया जाता है कि 2016 में जम्मू-कश्मीर के पंपोर इलाके में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के काफिले पर हमले में भी उसकी भूमिका थी. उस हमले में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 08 जवानों की जान गयी थी और 22 घायल हुए थे.

आईएसआई का संरक्षण
भारत में घुसपैठ और आतंकी हमले के लिए अन्य आतंकवादियों की तरह उसे भी वहां की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) और पाकिस्तानी सेना (pakistan army) का संरक्षण-समर्थन प्राप्त था. हंजला अदनान की मौत से तीन दिन पहले 02 दिसम्बर 2023 को जरनैल सिंह भिंडरावाले के भतीजे खालिस्तानी आतंकवादी लखबीर सिंह रोडे (Lakhbir Singh Rode) की पाकिस्तान में खात्मे की खबर आयी थी. लखबीर सिंह रोडे को कथित रूप से दिल का दौरा पड़ा था. लेकिन, उसकी मौत कैसे और क्यों हुई, इसको लेकर पाकिस्तान में कई तरह की बातें हो रही हैं.


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भारत में पकड़ा गया था
भारत (India) के अति वांछित आतंकवादियों में शामिल शाहिद लतीफ (Shahid Latif) की अक्तूबर 2023 में सियालकोट (Sialkot) में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी. जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-A-Mohammed) से जुड़ा आतंकी शाहिद लतीफ 2016 के पठानकोट (Pathankot) आतंकी हमले का मुख्य साजिशकर्त्ता था. उस हमले में भारतीय सेना के सात जवान शहीद हुए थे. आईएसआई से विशेष रूप से प्रशिक्षित शाहिद लतीफ पाकिस्तान के गुजरांवाला का रहने वाला था. जैश-ए-मोहम्म्द ने उसे सियालकोट सेक्टर के प्रमुख की जिम्मेवारी सौंप रखी थी. पहली बार उसे 1994 में भारत में गिरफ्तार किया गया था.

और कई मारे गये
आतंकी वारदातों में संलिप्तता को लेकर उस पर मुकदमा चलाया गया और सजायाफ्ता होने पर जेल भेज दिया गया. 2010 में उसने सजा पूरी कर ली. तब भारत ने उसे पाकिस्तान के हवाले कर दिया. कुछ इसी अंदाज में उसी अक्तूबर माह में कराची में लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात आतंकियों में से एक मुफ्ती कैसर फारूक (Mufti Qaiser Farooq) को मौत दी गयी. इससे पहले सितम्बर 2023 में कराची के गुलिस्तां-ए-जौहर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के मजबूत स्तंभ रहे मौलाना जियाउर रहमान (Maulana Ziaur Rehman) को सैर के दौरान गोली मार दी गयी. इससे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई सकते में आ गयी.मौलाना जियाउर रहमान और मुफ्ती फारुक कैसर मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के खासमखास थे. इस आतंकवादी संगठन के दो और कुख्यात अबु कासिम कश्मीरी (Abu Qasim Kashmiri) की रावलकोट और कारी खुर्रम शहजाद (Qari Khurram Shahzad) की नजीमाबाद में अज्ञात व्यक्ति ने सितम्बर माह में ही कुछ इसी अंदाज में हत्या कर दी थी. (जारी)

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