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मुखाकृति देख बता देते हैं भूत, भविष्य और वर्तमान!

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अभय कुमार
29 मार्च, 2022

RANCHI : जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली मिथिला (Mithila) का गौरवशाली इतिहास रहा है. यह वही भूमि है जहां आदिगुरु शंकराचार्य नतमस्तक हुए थे. अनेक ऋषियों-महर्षियों-तपस्वियों एवं विद्वान साधकों की जन्मभूमि भी है यह. ऐसे महात्माओं की तपोबल साधना से संपूर्ण विश्व प्रकाशमान होता रहा है. मिथिला के सिद्ध साधकों में एक आचार्य विनम्र शांडिल्य (विनम्र विश्वास) भी हैं, जो मां कालरात्रि के साधक हैं. चेहरे पर तेज, आंखें घूरती-घूमड़तीं, मुख पर हल्की मुस्कान, वाणी में कठोरता और स्वभाव से कड़क … यही पहचान है आचार्य विनम्र विश्वास (Vinamra Vishwas) की. असंभव से असंभव कार्य को भी यह अपनी तपोबल साधना से संभव कर दिखाते हैं.

जन्मकुंडली की जरूरत नहीं
दैवी शक्ति प्राप्त आचार्य विनम्र विश्वास की कार्यशैली अपने आप में असाधारण है. वह किसी भी व्यक्ति का भूत, भविष्य और वर्तमान मुखाकृति देखकर ही बता देते हैं. उन्हें न जातक की जन्मकुंडली की आवश्यकता होती है और न सामने वाले व्यक्ति से कुछ पूछने की जरूरत. अपनी साधना के बल पर उन्होंने अनेक परिवारों को जटिल से जटिल समस्या से त्राण दिलायी है. आम धारणा है कि वह सदैव लोक कल्याण के लिए कार्य करते हैं.

प्राच्यम विश्व विद्या पीठम्
रांची (Ranchi) के बहु बाजार (रघुनाथ गार्डेन, प्रगति पथ) में उन्होंने ‘प्राच्यम विश्व विद्या पीठम्’ (Prachyam Vishwa Vidhya Pitham) नाम से एक संस्था बना रखी है, जिसका उद्देश्य एक ऐसे विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय (University) का निर्माण करना है जहां बच्चों एवं युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ प्राचीन शिक्षा से भी जोड़ा जा सके जिससे उन बच्चों के अंदर अच्छे संस्कार व उच्च विचार का संचार हो. वे प्रतिभावान एवं ऊर्जावान बनें. इस दिशा में आचार्य विनम्र विश्वास निरंतर प्रयत्नशील हैं.

कोई खाली नहीं गया
अनुयायियों की मानें तो श्रद्धाभाव से आज तक जो भी इनके पास आया वह खाली हाथ नहीं गया. देर-सबेर सबकी मनोकामना पूर्ण हुई. कार्य से पूर्व आचार्य विनम्र विश्वास किसी भी प्रकार से धन राशि नहीं लेते हैं. बस, पान-पुष्प, सुपारी और द्रव के रूप में 25 पैसा लेकर संबद्ध व्यक्ति से संकल्प लेते हैं फिर उसके कार्य को प्रारंभ करते हैं. कार्य पूरा होने के उपरांत संकल्प किये वचन के अनुरूप व्यक्ति श्रद्धा भाव से जो भी अर्पित करता है उसे वह स्वीकार कर लेते हैं.

साधना के बल पर सफलता
आम जन से लेकर राजनेताओं तक ऐसे कई नाम हैं जिन्हें आचार्य विनम्र विश्वास ने अपनी साधना के बल पर सफलता दिलायी है.

(कल पढ़ें : वे भविष्यवाणियां जो सच साबित हुईं.)

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