हो गया निर्णय : इन्हें मिलेगी भाजपा की कमान
महेश कुमार सिन्हा
02 अप्रैल 2025
New Delhi : लम्बी कश्मकश के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) और भाजपा (BJP) में सहमति बन गयी है. भाजपा के नये राष्ट्रीय अध्यक्ष (National President) का चयन हो गया है. संसद सत्र (parliament session) के समापन के बाद नाम की घोषणा हो जा सकती है. सबको मालूम है कि केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा (JP Nadda) अभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. तकरीबन छह वर्षों से वह इस पद को संभाल रहे हैं. 2019 में उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था. जनवरी 2020 में वह भाजपा के विधिवत राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे. 2023 में उनका कार्यकाल पूरा हो गया था.
घूमते रहे मीडिया में कई नाम
लोकसभा चुनाव (Loksabha Elections) को ध्यान में रख जे पी नड्डा का कार्यकाल जून 2024 तक बढ़ा दिया गया था. विस्तारित कार्यकाल भी पूरा हो गया और वह केंद्रीय मंत्री भी बन गये. नये अध्यक्ष का चयन उसी वक्त हो जाना चाहिये था. लेकिन, वैसा हुआ नहीं. मामला अटक गया. संभवतः इस वजह से कि नये अध्यक्ष के नाम पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से मतैक्य नहीं हो पा रहा था. इस बीच संभावित अध्यक्ष के तौर पर शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan), वसुंधरा राजे सिंधिया (Vasundhra Raje Sindhiya), धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan), भूपेंद्र यादव (Bhupendra Yadav), सुनील बंसल (Sunil Bansal), विनोद तावड़े (Vinod Tawde), स्मृति ईरानी (Smriti Irani), राधामोहन सिंह (Radhamohan Singh) आदि के नाम मीडिया में घूमते रहे. पर, इनमें से किसी को यह पद शायद ही मिलने वाला है.
बन गयी सहमति
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि 30 मार्च 2025 को हिन्दू नव वर्ष के दिन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मुख्यालय नागपुर (Nagpur) में संघ प्रमुख मोहन भागवत और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) की मुलाकात-बात में भाजपा के नये अध्यक्ष के नाम पर सहमति बन गयी. ऐसा माना जा रहा है कि संसद सत्र के समापन के बाद नाम की घोषणा हो जायेगी. संसद सत्र का समापन 04 अप्रैल 2025 को हो जायेगा. 16-17 अप्रैल 2025 को बंगलोर (Bangalore) में भाजपा की राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक होने वाली है. संभवतः उससे पहले नये अध्यक्ष के नाम घोषित हो जायेंगे.
आधिकारिक खुलासा नहीं
मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) और नरेन्द्र मोदी की बातचीत में किस नाम पर सहमति बनी इसका आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, पर जो संकेत मिल रहे हैं उसके मुताबिक सहमति ऐसे नेता के नाम पर बनी है जिनका भाजपा और संघ, दोनों में समान सम्मान है. अतिमहत्वाकांक्षी नहीं हैं. समन्वयवादी, पर सिद्धांतवादी छवि है. सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि संगठन में साख और धाक ऐसा है कि नरेन्द्र मोदी के अलावा दूसरा कोई उन्हें नियंत्रित-निर्देशित करने की हिम्मत नहीं जुटा सकता है.
ये भी पढ़ें :
चौपाल में चुनाव : रून्नीसैदपुर में टूट गया वर्चस्व… बदल गया समीकरण
भाजपा : मिथिला पर मेहरबान… चौड़ी होगी मुस्कान?
दरभंगा का खिरोई तटबंध : तब कुछ बचेंगे तो कुछ डूब भी जायेंगे!
आडवाणी के बाद वह दूसरे होंगे
इन सभी बातों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि मोहन भागवत और नरेन्द्र मोदी के बीच भाजपा के नये अध्यक्ष के रूप में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) के नाम पर सहमति बनी है. राजनाथ सिंह पहले भी दो बार भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं. उन्हीं के कार्यकाल में 2014 में नरेन्द्र मोदी की प्रधानमंत्री के रूप में ताजपोशी हुई थी. उन्हें फिर मौका मिला तो भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद तीन बार संभालने वाले लालकृष्ण आडवाणी (Lal Krishna Advani) के बाद वह दूसरे नेता होंगे.
दूसरा अनुमानित प्रह्लाद जोशी
मोहन भागवत और नरेन्द्र मोदी की सहमति के रूप में दूसरा अनुमानित नाम प्रह्लाद जोशी (Prahlad Joshi) का लिया जा रहा है. कर्नाटक (Karnataka) प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे 62 वर्षीय प्रह्लाद जोशी को सरकार, संगठन और संसदीय मामलों का अच्छा खासा अनुभव है. तीनों क्षेत्रों के वह माहिर माने जाते हैं. नरेन्द्र मोदी की सरकार के दूसरे कार्यकाल में संसदीय कार्य मंत्री के रूप में उनका कार्यकाल काफी सराहनीय रहा. वर्तमान में वह केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के मंत्री हैं. विवादों से दूर सामान्य जीवन जीने वाले प्रह्लाद जोशी धारवाड़ (Dharwad) लोकसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार सांसद निर्वाचित हुए हैं. कर्नाटक भाजपा की राजनीति में उनकी छवि ‘गुटनिरपेक्ष नेता’ की है. पार्टी में वह कई मौकों पर अहम भूमिका निभाते रहे हैं. संगठन और सरकार में कोई बड़ी आकांक्षा नहीं रखते हैं.
#tapmanlive