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एकमुश्त लगा पूरे डेढ़ करोड़ का झटका

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विशेष प्रतिनिधि
03 जुलाई, 2022

PATNA : वैसे तो आम तौर पर डाक्टर (Doctor) लोग ही मरीजों और उनके परिजनों को झटका लगाते हैं. खासकर यह झटका इलाज (Treatment) के खर्च की रकम सुनकर लगता है. लेकिन, कुछ वीर ऐसे भी होते हैं, जिनका झटका सीधे डाक्टर साहब को लगता है. ऐसा झटका कि डाक्टर साहब किसी से कह भी नहीं पाते हैं. जगत जननी की धरती पर ऐसा ही झटका वहां के एक बड़े डाक्टर साहब को लगा है. सही या गलत पटना के राजनीतिक (Political) गलियारे में यही चर्चा है कि डाक्टर साहब को पूरे डेढ़ करोड़ (Fifteen Million) का झटका एकमुश्त लगा है.

बीमारी राजनीतिक थी
आप पूछेंगे कि डाक्टर साहब को बीमारी कौन सी थी. मान लीजिए कि उन्हें मौसमी बीमारी (Disease) लगी हुई है. यह राजनीति की मौसमी बीमारी है, जिसमें आदमी सुध-बुध खोकर बड़े-बड़े सपने देखने लगता है. कभी देखता है कि वह किसी सदन में अध्यक्ष (President) महोदय बोलकर चीख रहा है, जनता (Public) के सवालों को लेकर सरकार (Government) को कटघरे में खड़ा कर रहा है. कभी देखता है कि वह मंत्री (Minister) की कुर्सी पर बैठकर अधिकारियों (Officers) को हड़का रहा है. यानी हर वक्त अजीबोगरीब सपने देख रहा है. विधान परिषद (Vidhan Parishad) चुनाव के मौसम में डाक्टर साहब भी इसी तरह की मौसमी बीमारी के शिकार हो गये.


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विधायक जी ने किया इलाज
राजनीतिक गलियारे की चर्चा के अनुसार डाक्टर साहब ने अपनी बीमारी की चर्चा सत्तारूढ़ दल के एक विधायक (MLA) से की. कहा कि जो लगेगा, दिया जायेगा. आप सिर्फ टिकट (Ticket) का जुगाड़ कर दीजिये. विधायक ने तुरंत इलाज शुरू कर दिया. पटना में किसी को फोन लगाया. उधर से किसी की आवाज आयी या नहीं, विधायकजी ने ऐलान कर दिया कि बात हो गयी. उनके मुताबिक फोन पर उन्होंने पटना के एक सीनियर (Senior) डाक्टर से बातचीत की. डाक्टर साहब की ओर देखकर विधायकजी की भंगिमा बदली. उन्होंने कहा कि आपका केस सीरियस है. पहले से मरीजों (Patients) की लंबी कतार लगी हुई है. इसके बावजूद मुंहमांगी फीस देकर आपका इलाज हो सकता है.

मियां की जूती मियां के लिए
विधायकजी ने मुंहमांगी फीस की रकम भी बता दी-डेढ़ करोड़. डाक्टर साहब राजी हो गये. शाम तक एडवांस (Advance) की रकम का भुगतान भी हो गया. इधर यह बात कहीं से पटना के सीनियर डाक्टर (Senior Doctor) के कान तक पहुंची. माथा पकड़ कर बैठ गये. बोले कि हमसे तो किसी की बात नहीं हुई है. वह विधायकजी को खोजने लगे. डाक्टर साहब भी विधायकजी (MLA) को खोज रहे थे. डाक्टर साहब ने इलाज (Treatment) नहीं करने की बात कह एडवांस की रकम तो लौटाने पर जोर देने लगे. विधायकजी का जवाब भी दुरूस्त मिला-आप इलाज करते हैं. केस खराब हो जाता है तो फीस (Fees) की रकम लौटा देते हैं क्या? समझ लीजिये कि आपका केस खराब हो गया.

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