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हैरान रह गयी राजनीति उस मुलाकात पर

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संजय वर्मा
23 अगस्त 2023

Patna : वजह या विवशता जो रही हो, उपमुख्यमंत्री से पुलिस महानिदेशक (Director General of police) की मुलाकात पर राजनीति हैरान रह गयी. गंभीर सवाल खड़ा हो गया कि प्रशासनिक प्रक्रिया और परंपरा के तहत राज्य के मुख्य सचिव (Chief Secretary) और पुलिस महानिदेशक सिर्फ मुख्यमंत्री (Chief Minister) एवं गृह मंत्री (Home Minister) के प्रति जवाबदेह होते हैं. अन्य किसी मंत्री के प्रति नहीं. उपमुख्यमंत्री का पद संवैधानिक (Constitutional) नहीं है. सत्तारूढ़ दल प्रदत्त राजनीतिक अलंकरण भर है . उसे मंत्री ही माना जाता है. इसके मद्देनजर उपमुख्यमंत्री के दरबार में पुलिस महानिदेशक की ‘हाजिरी’ की नयी परिपाटी शुरू करने का निहितार्थ लोगों की समझ में नहीं आया. सामान्य समझ में जो बातें आयीं उसके मुताबिक इसे राजद नेतृत्व की ‘अनिच्छा’ को शांत करने का प्रयास माना गया. जदयू नेतृत्व सृजित ‘जनता का राज’ कायम करने के पुलिस के कार्यों में हस्तक्षेप (Interference) न करने का ‘मनुहार’ भी.

पूर्वाभ्यास माना
कुछ लोगों ने इसे सत्ता के ‘हस्तांतरण’ का पूर्वाभ्यास भी माना. जो हो, राजनीति की नजर में वह ‘समर्पण’ था. दरअसल, यह प्राकृत स्वभाव है. इस संदर्भ में बिहार पुलिस (Bihar Police) के एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी की टिप्पणी को सच के करीब माना जा सकता है. उनके मुताबिक पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक की कार्य प्रणाली में काफी अंतर होता है. पुलिस अधीक्षक को कुछ खोने का डर नहीं रहता. इस कारण शत-प्रतिशत देने का जोश भरा रहता है. काबिलियत के कुंद पड़ जाने का यह भी एक बड़ा कारण होता है. वैसे, बिहार की जनाकांक्षा यही थी कि आर एस भट्टी (R S Bhatti) इस मिथक को तोड़ नया इतिहास रच देंगे. पुलिस के मामले में राजनीति आंख बंद कर लेती तो वह ऐसा कर सकते थे. परन्तु, राजनीति ने वैसा नहीं किया. परिणाम सामने है.


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अहं की तुष्टि
राजद (RJD) महागठबंधन का बड़ा दल है. उसकी भावना एवं आलोक राज के अहं की तुष्टि के लिए उन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के महानिदेशक के पद पर विराजमान करा दिया गया. इस पद को पुलिस महानिदेशक के समतुल्य माना जाता है. मतलब आलोक राज (Alok Raj) को उनसे कनीय आर एस भट्टी को रिपोर्ट नहीं करनी पड़ रही है . आर एस भट्टी की पदस्थापना ‘अगले आदेश’ तक के लिए हुई है. उनकी सेवानिवृत्ति 30 सितम्बर 2025 को होगी. आलोक राज की सेवानिवृत्ति 31 दिसम्बर 2025 को. शोभा अहोतकर (Shobha Ahotkar) 30 जून 2026 तक सेवा में रहेंगी. शेष सेवाकाल तक आर एस भट्टी को पुलिस महानिदेशक बनाये रखा गया तब आलोक राज को यह सौभाग्य प्राप्त नहीं हो पायेगा. संभवतः शोभा अहोतकर को भी नहीं. बीच में परिस्थितियां बदल जायें तो वह अलग बात होगी. 1991 बैच के विनय कुमार, प्रवीण वशिष्ठ और प्रीता वर्मा भी महानिदेशक स्तर की पुलिस अधिकारी हैं. 1992 बैच के ए के अम्बेदकर भी. भविष्य इन सबका का ही है.

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