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इन्हीं के लिए लिखा गया था बाप बड़ा न भैया…!

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विशेष प्रतिनिधि
30 अगस्त 2023

Patna : राजनीति में उन लोगों की संख्या लगातार कम हो रही है, जो महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए भी लेनदेन से परहेज करते हैं. दूसरी तरफ उनकी संख्या दिनों दिन बढ़ रही है जिन्हें वसूल (इसे वसूली भी कह सकते हैं ) का पक्का कहा जा सकता है. ये वसूल के इतने पक्के होते हैं कि आपको लगेगा कि बाप बड़ा न भैया वाला गाना इन्हीं को केंद्र में रखकर लिखा और गाया गया होगा. ऐसे ही एक मंत्री ने इस बार की ट्रांसफर – पोस्टिंग (Transfer – Posting) में कमाल कर दिया. दो साल पहले इनकी काटी हुई फसल (Crop) खलिहान से उठा ली गयी थी. मंत्रीजी बहुत रोये-गाये थे. दिल्ली (Delhi) भाग गये थे. वहां से तीर्थ यात्रा पर निकल गये. डायलोग (Dialogue) मारते फिर रहे थे कि जब जनता का काम ही नहीं होगा तो मंत्री बन कर क्या करेंगे. वह गाना है न-जब दिल ही टूट गया तो….ठीक उसी तर्ज पर गाये जा रहे थे.

मुलाकात हो गयी
कुछ दिन लगा कि नाराजगी को सरकार (Government) के मुखिया गंभीरता से लेंगे. बुलायेंगे. कहेंगे कि चलाइए, अपनी मर्जी से विभाग चलाइए. हम कुछ भी हस्तक्षेप (Interference) नहीं करेंगे. ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. मंत्रीजी को लगा कि कहीं बर्खास्त न कर दिया जाये. मारे डर के उन्होंने मुखिया से मिलने के लिए पैरवी भिड़ा दी. मुलाकात हो गयी. साथ में चेतावनी भी दी गयी कि ज्यादा मत फैलिये. आप त्याग पत्र नहीं देंगे तो हमको त्याग पत्र दिलाने भी आता है. मंत्रीजी ने कसम खाकर कहा कि कोई शिकायत नहीं मिलेगी. आज से खायेंगे और न किसी को खाने देंगे. उन्होंने पिछले साल तक इस कसम की कुछ हद तक लाज रखी. ट्रांसफर – पोस्टिंग के नाम पर जितना कम या ज्यादा मिला, रख लिया. कुछ लोग मुफ्त में भी काम करा कर चले गये. मंत्रीजी ने इसका बुरा नहीं माना. लेकिन, आदत है कि जाती ही नहीं. इस बार मंत्रीजी ने अभी नहीं तो कभी नहीं के स्टाइल में कमाई की. अपना मुंह छोटा है. इसलिए ट्रांसफर – पोस्टिंग के पूरे कारोबार को आउटसोर्स (Outsource) कर दिया.


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दस के‌ बदले बीस लिया
एक प्रमोटी रिटायर आईएएस (IAS) के बेटे को ठेका दिया गया. शहर के पॉश इलाके में इस कंपनी का कार्यालय खुला. रिटायर आईएएस के बेटे ने कोहराम मचा दिया. पिछले साल तक प्रखंड स्तर के अधिकारी के जिस पद पर इच्छित जगह ट्रांसफर के लिए दस लिया जाता था, उसका सीधे बीस लिया. मंत्रीजी को कह दिया गया था कि आप रकम के मामले में दखल नहीं करें. ऐसा ही हुआ. सभी क्लांइट इसी आउटसोर्स वाली कंपनी में भेज दिये गये थे. मंत्रीजी प्रसन्न हैं कि इतनी कमाई हो गयी, जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी. वैसे, जो किया, वह अच्छा ही किया. लक्षण बता रहा है कि अगले विधानसभा चुनाव (Assembly Elections) में इनकी हार पक्की है. उस समय तो यही धन काम आयेगा न!

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