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चुनावी राजनीति : सनी देओल का भी जम गया सिक्का!

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राजकिशोर सिंह
09 दिसम्बर 2023

New Delhi : 2019 में चुनाव जीतने वाले सिने सितारों में बड़ा नाम प्रसिद्ध अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) का रहा. दिग्गज अभिनेता धर्मेन्द्र के पुत्र सनी देओल राजनीति में भी पांव रखेंगे इसकी कल्पना किसी ने नहीं की होगी. वजह यह कि उनका शर्मिला स्वभाव राजनीतिक तिकड़मबाजी से मेल नहीं खाता. इस समझ के विपरीत 23 अप्रैल 2019 को सनी देओल ने भाजपा (BJP) की सदस्यता ग्रहण की और उन्हें गुरदासपुर संसदीय क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया. इस पर कई तरह के सवाल उठने लगे. मसलन जो अभिनेता अपनी फिल्मों को प्रमोट करने में संकोच करता है वह भला चुनावी राजनीति में खुद को कैसे समायोजित कर पायेगा? बड़ी-बड़ी चुनावी सभाओं को कैसे संबोधित कर पायेगा?

सक्षम उम्मीदवार
सनी देओल ने चुनाव में खुद को एक सक्षम उम्मीदवार (Competent Candidate) के तौर पर प्रस्तुत कर इन तमाम आशंकाओं को निर्मूल ही साबित नहीं किया, गुरदासपुर में धमाकेदार जीत भी दर्ज की. उन्होंने किसी और को नहीं, पंजाब प्रदेश कांग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष पूर्व सांसद सुनील जाखड़ को शिकस्त दी. सुनील जाखड़ भाजपा सांसद विनोद खन्ना के निधन के बाद 2018 में हुए उपचुनाव में निर्वाचित हुए थे. भाजपा उम्मीदवार के तौर पर पहले चर्चित अभिनेता विनोद खन्ना ही इस संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित होते थे. उपचुनाव में भाजपा की उम्मीदवारी सवर्ण सिंह सलारिया को मिली थी जो औंधे मुंह गिर गये थे.

दावेदारी पर विवाद
2019 में भाजपा में स्वर्गीय विनोद खन्ना के पुत्र अक्षय खन्ना को उम्मीदवारी मिलने की संभावना जतायी जा रही थी. दावेदारी विनोद खन्ना की दूसरी पत्नी कविता खन्ना ने भी पेश कर रखी थी. संभवतः दावेदारी के इस विवाद को टालने के ख्याल से सनी देओल को अवसर उपलब्ध हो गया. उन्होंने इसका फायदा भी उठा लिया. मथुरा से प्रसिद्ध अभिनेता धर्मेन्द्र की दूसरी पत्नी मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी (Hema Malini) की लगातार दूसरी जीत भी गौर करने वाली बात रही. हेमा मालिनी अपने अभिनय काल में ‘स्वप्न सुंदरी’ के रूप में लाखों दिलों में बसती थीं. राजनीति में पांव रखने के बाद उस क्षेत्र की भी वह ‘स्वप्न सुंदरी’ बन गयीं. 2014 में हेमा मालिनी ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पौत्र और पूर्व केन्द्रीय मंत्री चौधरी अजीत सिंह के पुत्र जयंत चौधरी का खूंटा उखाड़ दिया था.

मां-बेटे की जोड़ी
राष्ट्रीय लोकदल के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी को 2019 में बागपत में हार मिली. मथुरा में हेमा मालिनी ने सपा-बसपा गठबंधन के नरेन्द्र सिंह और कांग्रेस के महेश पाठक को हराया. सनी देओल सांसद हेमा मालिनी के सौतेले पुत्र हैं. इनके संबंधों की डोर सिर्फ औपचारिकता तक सीमित है. सौभाग्यशाली धर्मेन्द्र हैं जिनकी पत्नी और पुत्र दोनों सांसद हैं. वैसे, पूर्व में एक बार वह भी सांसद रह चुके हैं.


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मिल गया ठांव
चर्चित चरित्र अभिनेता अनुपम खेर की पत्नी किरण खेर ने चंडीगढ़ में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन बंसल को धूल चटा दी. किरण खेर के लिए अनुपम खेर ने भी चुनाव प्रचार किया था. हिन्दी फिल्मों (Hindi Movies) से करियर की शुरुआत कर भोजपुरी सिनेमा के सुपर स्टार बने रवि किशन शुक्ला ने उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण सीटों में शामिल गोरखपुर (Gorakhpur) में अकल्पनीय विजय हासिल की. रवि किशन काफी समय से राजनीति में हाथ-पांव मार रहे थे. कहीं कोई ठोस मुकाम नहीं मिल रहा था. 2014 में वह जौनपुर से कांग्रेस (Congress) के उम्मीदवार थे. किस्मत का साथ नहीं मिला, हार गये थे.

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