तापमान लाइव

ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

चौपाल में चुनाव : रून्नीसैदपुर में यह भी है खतरा… करा दे सकते हैं सांसद उलटफेर

शेयर करें:

मदनमोहन ठाकुर
03 अप्रैल 2025
Sitamarhi: राज्य के राजनीतिक  समीकरणों में ज्यादा उलटफेर नहीं हुआ तब एनडीए (NDA) में रून्नीसैदपुर (Runnisaidpur) की सीट जदयू (JDU) के हिस्से में ही रहेगी. उम्मीदवारी किसे मिलेगी, दावे के साथ कुछ नहीं कहा जा सकता. परंपरा सीटिंग विधायक (MLA) को तरजीह मिलने की रही है. इस क्षेत्र में इस पर अमल होगा, इसकी संभावना बहुत कम दिखती है. इस संदर्भ में इस तथ्य पर भी ध्यान देने की जरूरत है कि ऐसे ही हालात में महागठबंधन (Grand Alliance) का हिस्सा रहते जदयू ने 2015 में रून्नीसैदपुर को राजद (RJD) के हवाले कर दिया था. बदले स्वरूप में इस बार उसकी पुनरावृत्ति हो जाये, तो वह राजनीति के लिए चौंकने-चौंकाने वाली कोई बात नहीं होगी.

तब किसे मिलेगा अवसर?
पर, सवाल यहां यह उठता है कि जनता के मन मिजाज को भांपते हुए गुड्डी देवी (Guddi Devi) की तरह पंकज कुमार मिश्र (Pankaj Kumar Mishra) को भी हाशिये पर डालने का निर्णय हुआ तब अवसर किसे मिलेगा? जवाब इसका सीधे तौर पर नहीं दिया जा सकता है. कारण कि जदयू में प्रत्यक्ष रूप में कोई दावेदार सामने नहीं है. एक नाम सीतामढ़ी जिला परिषद की उपाध्यक्ष सांझा देवी (Sanjha Devi) के सामाजिक कार्यकर्त्ता पति श्रीनारायण सिंह (Shreenarayan Singh) का चर्चा में है. पर, ऐसा माना जा रहा है कि सीतामढ़ी के चर्चित अधिवक्ता विमल शुक्ला (Vimal Shukla) के लिए यह सीट खाली करायी जा सकती है. विमल शुक्ला सीतामढ़ी के सांसद देवेश चन्द्र ठाकुर (Devesh Chandra Thakur) के खासमखास माने जाते हैं. 2024 के संसदीय चुनाव में देवेश चन्द्र ठाकुर की जीत में इनकी बहुत बड़ी भूमिका रही है. कहते हैं कि देवेश चन्द्र ठाकुर विधानसभा के चुनाव में जदयू की उम्मीदवारी के रूप में उन्हें उसका प्रतिदान देना चाहते हैं. उसके लिए वह प्रयास भी कर रहे हैं.


ये भी पढ़ें :

हो गया निर्णय : इन्हें मिलेगी भाजपा की कमान

चौपाल में चुनाव : रून्नीसैदपुर में टूट गया वर्चस्व… बदल गया समीकरण

बढ़ी सामाजिकता पर बड़ा सवाल : चेतना खुद जागृत हुई या किसी ने ‘गुरु मंत्र’ दिया?

चौपाल में चुनाव : रून्नीसैदपुर की हवा है खराब… मतदाता कर देंगे तब हिसाब!


खतरा इस रूप में भी
देवेश चन्द्र ठाकुर के प्रयास को कामयाबी मिली, तो विमल शुक्ला रून्नीसैदपुर से नहीं, सुरसंड (Sursand) से जदयू के उम्मीदवार हो सकते हैं. इस क्षेत्र से अभी इसी पार्टी के दिलीप राय (Dilip Rai) विधायक हैं. सुरसंड की बाबत विमल शुक्ला पर निर्णय हुआ तब दिलीप राय को रून्नीसैदपुर में अवसर उपलब्ध कराया जा सकता है. आधार यह भी कि रून्नीसैदपुर दिलीप राय का गृह क्षेत्र है. सुरसंड को विमल शुक्ला के लिए अनुकूल माना जाता है. बताने की जरूरत नहीं कि विमल शुक्ला के समायोजन की वजह से भी पंकज कुमार मिश्र की दुबारा उम्मीदवारी पर खतरा उत्पन्न हो जा सकता है. वैसे, जदयू के शीर्ष नेतृत्व से निकटता पंकज कुमार मिश्र को इस खतरे से उबार ले, तो वह चौंकाने वाली कोई बात नहीं होगी.

लोजपा की भी है नजर
रून्नीसैदपुर पर नजर लोजपा (रामविलास) (LJP-Ramvilas) की भी है. इस पार्टी को उम्मीदवार उतारने का मौका मिला तो क्षेत्र के प्रथम विधायक विवेकानंद गिरि (Vivekananda Giri) की विरासत जागृत कर रहे उनके नाती आलोक कुमार पिंटू (Alok Kumar Pintu) की किस्मत चमक जा सकती है. उधर भाजपा (BJP) के अंदर चर्चा है कि एनडीए में रून्नीसैदपुर की सीट इस बार उसके हिस्से में आयेगी. वैसा हुआ तब पूर्व विधायक गुड्डी देवी या फिर उनके पति राजेश कुमार चौधरी (Rajesh Kumar Chaudhary) को भाजपा की उम्मीदवारी मिल सकती है. हालांकि, चर्चा जो हो, इस सीट के भाजपा के हिस्से में जाने की संभावना तनिक भी नहीं है. वैसे, राजेश कुमार चौधरी पर राजद के रणनीतिकारों की भी नजर है.

#tapmanlive

अपनी राय दें