तापमान लाइव

ऑनलाइन न्यूज़ पोर्टल

फंस गये प्रतिकुलपति! होगी आरोपों की जांच

शेयर करें:

तापमान लाइव ब्यूरो
11 सितम्बर 2023
Patna : राज्य के विश्वविद्यालयों (universities) के कुलाधिपति (chancellor) राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर (Rajendra Vishwanath Arlekar) ने कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय (Kameshwar Singh Darbhanga Sanskrit University) के प्रतिकुलपति डा. सिद्धार्थ शंकर सिंह (Dr. Siddharth Shankar Singh) के खिलाफ लगाये गये आरोपों की जांच का आदेश पारित किया है. आरोप विधायक बच्चा पांडेय (MLA Bachha Pandey) , विधान पार्षद अशोक कुमार पांडेय तथा कन्हैया गिरि ने लगाये हैं. इनके ‘आरोप-पत्र’ में कहा गया है कि प्रतिकुलपति डा. सिद्धार्थ शंकर सिंह के कार्यकलापों एवं आचरणों से विश्वविद्यालय को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. असर विकास के कार्यों पर भी पड़ रहा है.

कोई आधार नहीं होता
आरोपों के मुताबिक इनका एकसूत्री कार्य विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों, कुलपति तथा सीवान में संचालित दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल (Dayanand Ayurvedic Medical College and Hospital) की छवि खराब करना है. इसके लिए गलत तथ्य प्रस्तुत कर वह विभागीय उच्चाधिकारियों को बरगलाते रहते हैं. भारत सरकार के आयुष मंत्रालय एवं बिहार के कुलाधिपति कार्यालय को ऐसे शिकायत-पत्र भेजवाते रहते हैं. जिसका कोई आधार नहीं होता. विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को विभिन्न तरीके से प्रताड़ित करना इनकी आदत में शुमार है.


ये भी पढ़ें :
इस कारण सुस्त शासन में बदल गया सुशासन!

दरभंगा में होगा ईएनटी विशेषज्ञों का महत्वपूर्ण जुटान

यह भी रहा बर्बादी का एक बड़ा कारण


कभी सार्थक प्रयास नहीं करते
शिकायत-पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रतिकुलपति का कार्य क्षेत्र स्नातक स्तर तक के नामांकन एवं परीक्षाओं के संचालन तक सीमित है. लेकिन, स्नातकोत्तर एवं शोध परीक्षाओं तक में इनकी अनुचित दखलंदाजी होती रहती है. परीक्षाओं के आयोजन, परीक्षाफलों के प्रकाशन और नामांकन के मामलों में इनका कभी कोई सार्थक प्रयास नहीं होता है. इनके इसी आचरण की वजह से दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एवं अस्पताल, सीवान के छात्रों की परीक्षाएं दो वर्षों से नहीं हो पा रही है. जबकि बाकी जगहों पर परीक्षाएं हो चुकी है.

नियुक्ति पर भी सवाल
शिकायत-पत्र में प्रतिकुलपति के पद पर उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाया गया है. कुलाधिपति राजेन्द्र विश्वनाथ आर्लेकर ने नियुक्ति के मामले को छोड़कर अन्य आरोपों को गंभीरता से लिया है. उन आरोपों की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति बनायी गयी है. राज्यपाल के प्रधान सचिव राबर्ट एल चोंग्थू (Robert L Chongthu) द्वारा जारी की गयी अधिसूचना के मुताबिक पटना विश्वविद्यालय (Patna University) के कुलपति प्रो. गिरीश कुमार चौधरी (Pro. Girish Kumar Chaudhary) और राज्यपाल के विधिक सलाहकार आर के गिरि (R. K. Giri) को जांच कमेटी का सदस्य बनाया गया है. 30 दिनों के अंदर जांच रिपोर्ट (investigation report) सौंपने को कहा गया है.

#tapmanlive

अपनी राय दें