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चौपाल में चुनाव : बन जा सकता है रून्नीसैदपुर में नया इतिहास

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मदनमोहन ठाकुर
04 अप्रैल 2025
Sitamarhi : राजनीतिक हलकों में बड़ी जोर-शोर से यह बात चल रही है कि राजद (RJD) हर हाल में इस बार रून्नीसैदपुर (Runnisaidpur) पर काबिज होना चाहता है. इसके लिए यादव बनाम ब्रह्मर्षि का पुराना समीकरण त्याग राजेश कुमार चौधरी (Rajesh Kumar Chaudhary) पर दांव आजमा सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि राजेश कुमार चौधरी या गुड्डी देवी (Guddi Devi) के लिए एनडीए (NDA) में संभावना नहीं बनी तब वे राजद के ऐसे प्रस्ताव को बड़ी सहजता से स्वीकार कर ले सकते हैं. बाहुबली छवि के राजेश कुमार चौधरी चुनाव लड़ने की कानूनी बंदिशों से मुक्त हो चुके हैं. उनका दावा है कि राजद नेतृत्व का उन पर भरोसा जमा तो फिर रून्नीसैदपुर में चुनाव का नया इतिहास बन जा सकता है.

नजरंदाज करना आसान नहीं
वैसे, राजद में पूर्व विधायक मंगीता देवी (Mangita Devi) काफी मजबूत दावेदार हैं. क्षेत्र के सामाजिक समीकरण को देखते हुए उनके पुश्तैनी जनाधार को नजरंदाज करना राजद नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा. दावेदारी मंगीता देवी के अलावा और कुछ नेताओं की भी है. उनमें एक चंदन यादव (Chandan Yadav) हैं, जिन्होंने रून्नीसैदपुर प्रखंड की राजनीति पर मजबूत पकड़ बना रखी है. रून्नीसैदपुर प्रखंड में 45 पंचायत समिति सदस्य हैं. गौर करने वाली बात है कि चंदन यादव की मां पूनम देवी 2016 से लगातार प्रखंड प्रमुख के पद पर काबिज हैं. विधायक पंकज कुमार मिश्र (Pankaj Kumar Mishra) लाख कोशिशों के बावजूद चंदन यादव के बढ़ते प्रभाव को रोक नहीं पा रहे हैं.


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उम्मीदवारी उन्हें मिली तब…
स्थानीय राजनीति पर गहरी नजर रखने वालों की मानें तो राजद की उम्मीदवारी इस बार चंदन यादव को मिली, तो एनडीए के उम्मीदवार पंकज कुमार मिश्र हों या कोई अन्य, उन्हें कड़े मुकाबले का सामना करना पड़ जा सकता है. परिणाम का रूख भी बदल जा सकता है. राजद में ऐसे ही दूसरे दमदार नेता हैं ओम भारती (Om Bharti) . उनकी पत्नी रूब्बी कुमारी (Ruby kumari) इस क्षेत्र से लगातार दो बार जिला पार्षद निर्वाचित हुई हैं. यह उनके मजबूत जनाधार को दर्शाता है. विधानसभा (Assembly) का चुनाव लड़ने का दमखम वह भी रखते हैं. राजद में दावेदारी सीतामढ़ी जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष इंद्राणी राय (indrani rai) की भी है. पर, विडम्बना यह है कि उनके पति लालबाबू राय (Lalbabu Rai) खुद को राजद का नेता कहते हैं, चुनाव दूसरे दल के उम्मीदवार के रूप में लड़ते हैं.

इनकी भी है दावेदारी
लोग बताते हैं कि पूर्व विधायक भोला राय (Bhola Rai) के निधन के बाद लालबाबू राय राजद की स्थानीय राजनीति पर बर्चस्व स्थापित करना चाहते थे. राजद उम्मीदवार के रूप में रून्नीसैदपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे. महत्व नहीं मिला तब 2015 में निर्दलीय लड़ 05 हजार 024 मतों में सिमट गये. 2020 में सांसद पप्पू यादव (Pappu Yadav) की पार्टी- जन अधिकार पार्टी (Jan Adhikar Party) की उम्मीदवारी मिली तो मतों की संख्या घट कर 02 हजार 960 हो गयी. पति की इसी ‘उपलब्धि’ के आधार पर इंद्राणी राय अपनी दावेदारी पेश कर रही हैं. इस पर राजद नेतृत्व का रूख क्या होगा, यह खुद समझने की बात है.

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